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दशहरे पर देशभर में रावण दहन, दिल्ली में PM मोदी तो लुधियाना में अमित शाह हुए शामिल; 181 फीट के पुतले ने खींचा ध्यान


दशहरे पर दिल्ली में PM मोदी और राष्ट्रपति मुर्मू शामिल हुए, लुधियाना में अमित शाह पहुंचे। देहरादून में 181 फुट के रावण का दहन हुआ।

देशभर में दशहरे का त्योहार उत्साह के साथ मनाया गया और अलग-अलग शहरों में रावण के पुतलों का दहन किया गया। दिल्ली के आईपी एक्सटेंशन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विजयादशमी समारोह में शामिल हुए, जबकि द्वारका में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रावण दहन किया। पंजाब के लुधियाना में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कार्यक्रम में पहुंचे। देहरादून में 181 फुट ऊंचे रावण के पुतले का दहन हुआ, वहीं पटना, वाराणसी, रोहतक, लेह और श्रीनगर में भी दशहरा मनाया गया।

दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लिया दशहरा समारोह में हिस्सा

राजधानी दिल्ली में दशहरे के अवसर पर विभिन्न स्थानों पर रावण दहन के कार्यक्रम आयोजित किए गए। पूर्वी दिल्ली के आईपी एक्सटेंशन स्थित डीडीए ग्राउंड में आयोजित समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने विजयादशमी के महत्व और भगवान राम के आदर्शों का उल्लेख किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि विजयादशमी बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। यह पर्व सत्य और धर्म की स्थायी शक्ति की याद दिलाता है। उन्होंने कहा कि भारत का हर कोना, गांव और शहर भगवान राम की भावना से जुड़ा हुआ है तथा पूरा देश रामलीला के रंग में डूबा है।

पीएम मोदी ने देशभर में आयोजित होने वाली रामलीलाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि रामलीला की परंपरा भगवान श्रीराम के आदर्शों को जीवित रखती है। दशहरे के मौके पर विभिन्न स्थानों पर रामलीला के मंचन और रावण दहन के जरिए त्योहार मनाया गया।

द्वारका में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किया रावण दहन

दिल्ली के द्वारका में आयोजित दशहरा समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शामिल हुईं और उन्होंने रावण के पुतले का दहन किया। इस कार्यक्रम का आयोजन द्वारका रामलीला समिति की ओर से किया गया था। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी समारोह में मौजूद रहीं।

इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रामलीला और रामकथा के महत्व पर बात की। उन्होंने कहा कि दशहरे के अवसर पर देश और विदेश में कई स्थानों पर रामलीलाओं का आयोजन होता है, जिनके माध्यम से करोड़ों लोग रामकथा के महान आदर्शों को याद करते हैं।

दशहरा भारतीय परंपरा में बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। रामलीला के मंचन और रावण दहन के कार्यक्रम इस पर्व के प्रमुख आयोजनों में शामिल हैं।

पटना के गांधी मैदान में राज्यपाल और मुख्यमंत्री हुए शामिल

बिहार की राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में भी दशहरे के अवसर पर रावण दहन का आयोजन किया गया। इस समारोह में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन, नागालैंड के राज्यपाल नंद किशोर यादव और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हिस्सा लिया।

गांधी मैदान में आयोजित कार्यक्रम के दौरान दशहरे की परंपरा के अनुसार रावण के पुतले का दहन किया गया। इस आयोजन में राज्य के प्रमुख पदाधिकारियों की मौजूदगी रही।

लुधियाना में अमित शाह ने दशहरा कार्यक्रम में लिया हिस्सा

पंजाब के लुधियाना में भी विजयादशमी के अवसर पर रावण दहन किया गया। शहर के दरेसी रोड स्थित रामलीला मैदान में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शामिल हुए।

देश के अलग-अलग हिस्सों में दशहरे के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों में लोगों ने हिस्सा लिया। रावण दहन इस त्योहार की प्रमुख परंपराओं में से एक है, जिसे बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में देखा जाता है।

देहरादून में 181 फुट ऊंचे रावण के पुतले का दहन

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के परेड ग्राउंड में दशहरा समारोह आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इस कार्यक्रम में शामिल हुए। समारोह के दौरान रावण का 181 फुट ऊंचा पुतला जलाया गया। इसके साथ ही मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों का भी दहन किया गया।

परेड ग्राउंड में आयोजित इस कार्यक्रम में दशहरे की पारंपरिक रस्मों के तहत पुतलों को जलाया गया। रावण के साथ मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन भी समारोह का हिस्सा रहा।

योगी आदित्यनाथ ने रावण के दस सिरों को लेकर कही यह बात

उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रामलीला मैदान में आयोजित दशहरा समारोह में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने रावण के दस सिरों का उल्लेख करते हुए अलग-अलग बुराइयों से इसकी तुलना की।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि दशहरे के अवसर पर रामलीलाओं में रावण के पुतले जलाए जा रहे होंगे। उन्होंने रावण के दस सिरों को अधर्म, असत्य, अन्याय, अत्याचार, अमर्यादा, भ्रष्टाचार, दुराचार, भ्रम, दुष्प्रचार और नशे का प्रतीक बताया।

उनके बयान में रावण के दस सिरों को समाज में मौजूद विभिन्न बुराइयों से जोड़कर प्रस्तुत किया गया। दशहरे पर रावण दहन की परंपरा के जरिए बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया जाता है।

वाराणसी और रोहतक में भी हुआ रावण दहन

उत्तर प्रदेश के वाराणसी में दशहरे के अवसर पर रावण के पुतले का दहन किया गया। वहीं, हरियाणा के रोहतक में भी इस त्योहार को पारंपरिक तरीके से मनाया गया और रावण का पुतला जलाया गया।

देशभर में आयोजित इन कार्यक्रमों के दौरान दशहरे की परंपराओं का पालन किया गया। विभिन्न शहरों में रामलीला और रावण दहन के आयोजनों के माध्यम से विजयादशमी मनाई गई।

लेह के ऐतिहासिक पोलो ग्राउंड में मनाया गया दशहरा

लद्दाख के लेह स्थित ऐतिहासिक पोलो ग्राउंड में भी रावण दहन का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस आयोजन का वीडियो भी सामने आया। रावण के पुतले में आग लगने के बाद वहां मौजूद लोगों में उत्साह देखने को मिला।

लेह में आयोजित यह कार्यक्रम भी देश के विभिन्न हिस्सों में मनाए जा रहे दशहरे के आयोजनों में शामिल रहा। इस दौरान रावण दहन के जरिए त्योहार की परंपरा निभाई गई।

श्रीनगर के एस.के. स्टेडियम में जले तीन पुतले

जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर स्थित एस.के. स्टेडियम में भी दशहरे का आयोजन किया गया। यहां रावण के पुतले के साथ दो अन्य पुतलों का भी दहन किया गया।

इस कार्यक्रम के जरिए लोगों ने बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देने वाला दशहरा मनाया। दिल्ली से लेकर पटना, लुधियाना, देहरादून, वाराणसी, रोहतक, लेह और श्रीनगर तक विभिन्न स्थानों पर रावण दहन के आयोजन किए गए।

देशभर में उत्साह के साथ मनाया गया विजयादशमी का पर्व

दशहरे के अवसर पर देश के कई शहरों में आयोजित कार्यक्रमों में राजनीतिक और संवैधानिक पदों पर आसीन प्रमुख हस्तियां शामिल हुईं। दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अलग-अलग समारोहों में हिस्सा लिया, जबकि लुधियाना में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मौजूद रहे।

देहरादून में 181 फुट ऊंचे रावण के पुतले का दहन हुआ। वहीं, पटना, वाराणसी, रोहतक, लेह और श्रीनगर में भी रावण दहन के कार्यक्रम आयोजित किए गए। विजयादशमी के अवसर पर रामलीला और पुतला दहन की परंपरा के जरिए बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया गया।


साभार: मीडिया रिपोर्ट्स 

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