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दिल्ली सत्य निकेतन में चार मंजिला PG इमारत अचानक ढही, मलबे में कई छात्र दबे; रेस्क्यू जारी



दिल्ली के सत्य निकेतन में चार मंजिला PG इमारत ढही। एक की मौत, दो गंभीर; मलबे में छात्रों के फंसे होने की आशंका।

दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में एक चार मंजिला पीजी इमारत अचानक ढह गई। हादसे के समय इमारत में छात्र मौजूद थे और कई लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका है। सूचना मिलने पर दिल्ली पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत-बचाव अभियान शुरू किया। हादसे में एक व्यक्ति की मौत हुई है, जबकि दो लोगों की हालत गंभीर बताई गई है।

सत्य निकेतन में अचानक ढह गई चार मंजिला इमारत

दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में दोपहर के समय चार मंजिला इमारत गिरने से अफरा-तफरी मच गई। बताया गया है कि इस इमारत में पीजी संचालित हो रहा था और ऊपरी मंजिलों पर छात्र रहते थे। इमारत के गिरने के समय भी कई छात्र अंदर मौजूद थे।

इमारत के अचानक जमींदोज होने के बाद बड़ी मात्रा में मलबा फैल गया। शुरुआती जानकारी में कई लोगों के उसके नीचे दबे होने की आशंका जताई गई। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए बचाव अभियान शुरू किया गया।

हादसे में एक व्यक्ति की मौत, दो की हालत गंभीर

हादसे में अब तक एक व्यक्ति की मौत होने की जानकारी सामने आई है। वहीं दो लोगों की हालत गंभीर बताई गई है। चार लोगों को एम्स ट्रॉमा सेंटर लाया गया, जबकि एक घायल को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

हालांकि, राहत-बचाव अभियान पूरा होने से पहले हादसे में प्रभावित लोगों की कुल संख्या को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। मलबे के नीचे और लोगों के फंसे होने की आशंका के चलते बचाव दल लगातार तलाशी और मलबा हटाने का काम कर रहे हैं।

दोपहर करीब 1:30 बजे दमकल विभाग को मिली सूचना

दिल्ली पुलिस के अनुसार, सत्य निकेतन में इमारत ढहने की सूचना मिलने के बाद संबंधित टीमें तुरंत घटनास्थल पर पहुंचीं। फायर विभाग को हादसे की जानकारी दोपहर करीब 1:30 बजे मिली थी।

इसके बाद दमकलकर्मियों और अन्य राहत-बचाव टीमों ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। फिलहाल मलबे को सावधानीपूर्वक हटाया जा रहा है, ताकि उसके नीचे फंसे लोगों तक सुरक्षित तरीके से पहुंचा जा सके।

अधिकारियों के मुताबिक, रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होने और स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही हादसे में फंसे लोगों की संख्या के बारे में विस्तृत जानकारी सामने आ सकेगी।

चश्मदीद ने सुनाई हादसे के वक्त की पूरी कहानी

हादसे के बाद घटनास्थल के आसपास मौजूद लोगों ने अचानक इमारत गिरने का मंजर बताया। घटनास्थल के पास दुकान चलाने वाले एक व्यक्ति के मुताबिक, वह अपनी दुकान में बैठा था, तभी अचानक भूकंप जैसी तेज गड़गड़ाहट सुनाई दी।

आवाज इतनी तेज थी कि आसपास मौजूद लोग घबरा गए और बाहर की तरफ भागने लगे। बाहर आने के बाद उन्होंने देखा कि चार मंजिला इमारत पूरी तरह गिर चुकी थी। घटनास्थल के चारों ओर धूल और धुएं का गुबार फैला हुआ था।

मलबे के नीचे से मदद की आवाजें आने का दावा

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि इमारत गिरने के बाद मलबे के नीचे फंसे लोग मदद के लिए आवाज लगा रहे थे। कुछ लोगों के मुताबिक, अंदर से बच्चों और छात्रों की आवाजें सुनाई दे रही थीं और वे बचाने की गुहार लगा रहे थे।

सत्य निकेतन में आसपास लड़कों और लड़कियों के पीजी भी मौजूद हैं। हादसे वाली इमारत में भी बड़ी संख्या में छात्रों के रहने की बात सामने आई है। इसी वजह से बचाव दल मलबे के भीतर फंसे लोगों तक पहुंचने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।

कम से कम तीन छात्रों के दबे होने की शुरुआती जानकारी

शुरुआती जानकारी के मुताबिक, कम से कम तीन छात्र मलबे के नीचे दबे मिले हैं। बचावकर्मी उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने में जुटे हुए हैं।

वहीं कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने चार से पांच लोगों को मलबे से बाहर निकाले जाने की बात कही है। हालांकि, अभी तक बचाए गए लोगों और मलबे के नीचे फंसे लोगों की कुल संख्या के संबंध में आधिकारिक रूप से विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

बिल्डिंग मालिक के खिलाफ FIR दर्ज

इस मामले में गुरुग्राम निवासी बिल्डिंग मालिक आनंद बंसल के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। हादसे के बाद संबंधित एजेंसियां घटनास्थल पर राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।

फिलहाल मलबा हटाने का काम सावधानी से किया जा रहा है, क्योंकि उसके नीचे लोगों के फंसे होने की आशंका बनी हुई है। बचाव अभियान पूरा होने के बाद ही हादसे से जुड़ी स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी।

मलबा हटाकर फंसे लोगों तक पहुंचने की कोशिश

हादसे के बाद पूरा इलाका पुलिस और राहत-बचाव टीमों की निगरानी में है। बचावकर्मी मलबे को धीरे-धीरे हटाकर उसके अंदर फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं।

रेस्क्यू टीमों के सामने सबसे बड़ी चुनौती मलबे के भीतर मौजूद लोगों तक जल्द और सुरक्षित तरीके से पहुंचना है। फिलहाल अभियान जारी है और अधिकारियों की ओर से विस्तृत जानकारी रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होने के बाद सामने आने की बात कही गई है।


साभार: मीडिया रिपोर्ट्स 

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