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अमेठी में GNM छात्रा की हॉस्टल में संदिग्ध मौत, फंदे से लटका मिला शव; परिवार ने उठाए सवाल


अमेठी में GNM छात्रा दीप्ति यादव की हॉस्टल में संदिग्ध मौत, शव फंदे से मिला। परिवार ने हत्या की आशंका जताई।

अमेठी: उत्तर प्रदेश के अमेठी में GNM अंतिम वर्ष की छात्रा दीप्ति यादव (21) की हॉस्टल के कमरे में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। शुक्रवार को उसका शव कमरे में फंदे से लटका मिला। सूचना पर पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच की। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। परिवार ने हत्या की आशंका जताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

हॉस्टल के कमरे में मिला छात्रा का शव

मामला अमेठी के मुंशीगंज थाना क्षेत्र स्थित इंदिरा गांधी स्कूल एंड कॉलेज ऑफ नर्सिंग के हॉस्टल का है। शुक्रवार को GNM अंतिम वर्ष में पढ़ने वाली दीप्ति यादव का शव उसके हॉस्टल के कमरे में मिला। शव फंदे से लटका हुआ था। छात्रा की मौत की जानकारी सामने आते ही कॉलेज परिसर में हड़कंप मच गया।

घटना की सूचना कॉलेज प्रशासन की ओर से पुलिस को दी गई। जानकारी मिलते ही पुलिस टीम हॉस्टल पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

सुल्तानपुर की रहने वाली थी दीप्ति यादव

मृतका की पहचान सुल्तानपुर जिले के बल्दीराय थाना क्षेत्र के सईदुल्लापुर गांव निवासी दीप्ति यादव (21) के रूप में हुई है। वह इंदिरा गांधी स्कूल एंड कॉलेज ऑफ नर्सिंग में GNM अंतिम वर्ष की पढ़ाई कर रही थी और पढ़ाई के सिलसिले में कॉलेज के हॉस्टल में रह रही थी।

पुलिस के अनुसार, दीप्ति का शव उसके कमरे में फंदे से लटका मिला। फिलहाल उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई, यह स्पष्ट नहीं हो सका है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

घटना से पहले परिवार से हुई थी फोन पर बात

परिजनों के मुताबिक, घटना वाले दिन सुबह करीब 11 बजे उनकी दीप्ति से फोन पर बातचीत हुई थी। परिवार का कहना है कि उस दौरान दीप्ति ने बताया था कि उसकी परीक्षा होने वाली है और इसी वजह से वह घर नहीं आ पाएगी।

परिजनों के अनुसार, फोन पर हुई बातचीत के दौरान दीप्ति सामान्य लग रही थी। बातचीत के कुछ समय बाद परिवार को उसकी मौत की जानकारी मिली। इसके बाद घर में कोहराम मच गया।

परिवार ने आत्महत्या मानने से किया इनकार

दीप्ति की मौत के बाद परिजनों ने इसे आत्महत्या मानने से इनकार किया है। परिवार ने हत्या की आशंका जताई है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

परिजनों ने पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि वे मौके पर पहुंच पाते, उससे पहले ही पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिवार का कहना है कि मामले की जांच सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर की जानी चाहिए।

हालांकि, अभी तक पुलिस की जांच में हत्या की पुष्टि नहीं हुई है। छात्रा की मौत के पीछे वास्तविक वजह क्या थी, यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल का किया निरीक्षण

पुलिस के साथ फॉरेंसिक टीम ने भी हॉस्टल के कमरे का निरीक्षण किया। टीम ने घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाए। पुलिस मामले से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।

जांच में छात्रा के मोबाइल फोन, बातचीत और घटनास्थल से मिले अन्य साक्ष्यों को भी देखा जा सकता है। फिलहाल पुलिस ने मौत की वजह को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं बताया है।

सीओ अखिलेश वर्मा ने क्या बताया

गौरीगंज सीओ अखिलेश वर्मा ने बताया कि कॉलेज प्रशासन की ओर से छात्रा की मौत की सूचना पुलिस को मिली थी। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। उन्होंने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।

फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच से सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।


साभार: मीडिया रिपोर्ट्स 


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