NEET PG 2026 के नए नियम लागू। आधार बायोमेट्रिक वेरीफिकेशन, नया एग्जाम सिटी अलॉटमेंट और सख्त सुरक्षा व्यवस्था।
NEET PG 2026 परीक्षा के लिए नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशंस इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) ने कई नए नियम लागू किए हैं। इस बार परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पहले आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य होगा। परीक्षा शहर आवंटन की प्रक्रिया भी बदली गई है। बढ़ती परीक्षार्थियों की संख्या को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। परीक्षा 30 अगस्त को आयोजित होगी।
NEET PG 2026 में आधार आधारित बायोमेट्रिक वेरीफिकेशन अनिवार्य
NEET PG 2026 परीक्षा को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से NBEMS ने आधार आधारित बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन लागू किया है। अभ्यर्थियों का सत्यापन रजिस्ट्रेशन के समय और परीक्षा वाले दिन दोनों चरणों में किया जाएगा। यदि किसी उम्मीदवार का फिंगरप्रिंट सत्यापन सफल नहीं होता है, तो उसकी पहचान आइरिस (आंखों की पुतली) स्कैन के जरिए सुनिश्चित की जाएगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य प्रतिरूपण और फर्जी अभ्यर्थियों जैसी अनियमितताओं को रोकना है।
परीक्षा शहर आवंटन की प्रक्रिया में बदलाव
इस वर्ष परीक्षा शहर आवंटन के नियमों में भी बदलाव किया गया है। आवेदन के दौरान अभ्यर्थियों को तीन पसंदीदा राज्यों का चयन करना होगा। इनमें पत्राचार (Correspondence) वाला राज्य पहली प्राथमिकता के रूप में चुनना अनिवार्य रहेगा। परीक्षा शहर की जानकारी परीक्षा से लगभग तीन सप्ताह पहले जारी की जाएगी, ताकि उम्मीदवार समय रहते यात्रा और ठहरने की योजना बना सकें।
30 अगस्त को होगी परीक्षा, 180 प्रश्न पूछे जाएंगे
NEET PG 2026 परीक्षा 30 अगस्त को आयोजित की जाएगी। परीक्षा में कुल 180 बहुविकल्पीय प्रश्न होंगे। इन्हें हल करने के लिए अभ्यर्थियों को 210 मिनट यानी 3 घंटे 30 मिनट का समय दिया जाएगा। इस वर्ष 2.7 लाख से अधिक मेडिकल ग्रेजुएट्स ने परीक्षा के लिए आवेदन किया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में अधिक है।
सुरक्षा व्यवस्था होगी पहले से अधिक सख्त
परीक्षा केंद्रों पर CCTV निगरानी, बायोमेट्रिक जांच, उम्मीदवारों की तलाशी, सिग्नल जैमर, डायनेमिक कंप्यूटर आवंटन और केंद्रीय व क्षेत्रीय कमांड सेंटर से लाइव मॉनिटरिंग की व्यवस्था रहेगी। पूरी परीक्षा प्रक्रिया की निगरानी के लिए 60 हजार से अधिक कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी। प्रश्नपत्र की सुरक्षा के लिए मल्टी-लेयर एन्क्रिप्शन और निर्धारित समय पर डिजिटल डिक्रिप्शन तकनीक का उपयोग किया जाएगा।
स्वास्थ्य मंत्री ने अफवाहों से बचने की अपील की
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने परीक्षा तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निष्पक्ष और तकनीक आधारित परीक्षा कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अभ्यर्थियों से पेपर लीक या किसी भी तरह की अफवाहों पर विश्वास नहीं करने की अपील की है। उनका कहना है कि प्रश्नपत्र तैयार करने और जारी करने की पूरी प्रक्रिया अत्यधिक सुरक्षित व्यवस्था के तहत संचालित की जाती है।
शिकायत दर्ज कराने के लिए विशेष ईमेल सुविधा
NBEMS ने प्रतिरूपण, दलालों की गतिविधियों और अन्य अनियमितताओं से संबंधित शिकायतें दर्ज कराने के लिए एक विशेष ईमेल सुविधा भी शुरू की है, ताकि परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बनाया जा सके।
साभार: मीडिया रिपोर्ट्स


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