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मायावती का बड़ा एक्शन: भतीजे आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ BSP से हमेशा के लिए निष्कासित


बसपा सुप्रीमो मायावती ने आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ को अनुशासनहीनता के आरोप में पार्टी से हमेशा के लिए निकाल दिया है।

​उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच बहुजन समाज पार्टी (BSP) सुप्रीमो मायावती ने बड़ा अनुशासनात्मक कदम उठाया है। उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय समन्वयक आकाश आनंद के ससुर और पूर्व राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ को हमेशा के लिए पार्टी से निकाल दिया है। अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण यह उनकी दूसरी विदाई है। इसके साथ ही एक अन्य नेता रणधीर सिंह बेनीवाल को भी बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है।

क्यों हुई अशोक सिद्धार्थ पर यह सख्त कार्रवाई?

​रविवार (2 अगस्त) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर पोस्ट करते हुए मायावती ने स्पष्ट किया कि अशोक सिद्धार्थ की बसपा में अब कभी वापसी नहीं होगी। दरअसल, पुरानी गलतियों के बाद जब उन्हें दोबारा पार्टी में लिया गया, तो उन्हें यूपी की जगह कर्नाटक, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में संगठन मजबूत करने का जिम्मा सौंपा गया था। मायावती के मुताबिक, इन राज्यों से भी लगातार उनकी अनुशासनहीनता और पार्टी निर्देशों की अनदेखी की शिकायतें आ रही थीं। कई चेतावनियों के बाद भी सुधार न होने पर शनिवार को उन्हें सभी जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया गया था। इसके बाद यूपी में उनकी वापसी की झूठी अफवाहें फैलाकर 2027 के चुनाव अभियान में भ्रम पैदा करने की साजिश रची गई, जिसके चलते उन्हें स्थायी रूप से निष्कासित कर दिया गया।

पहले भी हो चुके हैं बाहर, मिली थी सशर्त माफी

​अशोक सिद्धार्थ पार्टी में एक चर्चित चेहरा रहे हैं, जिसका मुख्य कारण उनका आकाश आनंद का ससुर होना है। इससे पहले साल 2025 में भी महाराष्ट्र चुनाव के दौरान प्रदेश नेतृत्व से तालमेल न रखने और नियमों के उल्लंघन पर मायावती ने उन्हें बाहर कर दिया था। हालांकि, करीब छह महीने बाद इस शर्त पर उन्हें माफ कर दिया गया था कि वे भविष्य में ऐसी गलती नहीं दोहराएंगे, लेकिन उनका रवैया नहीं बदला।

रणधीर सिंह बेनीवाल भी निष्कासित, रामजी गौतम को नई कमान

​इस बड़े फेरबदल में सहारनपुर के रहने वाले रणधीर सिंह बेनीवाल पर भी गाज गिरी है। पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर का प्रभार संभाल रहे बेनीवाल को भी निर्देशों की अवहेलना के चलते तत्काल प्रभाव से पार्टी से निकाल दिया गया है। दूसरी ओर, राज्यसभा सांसद रामजी गौतम को अन्य राज्यों के साथ-साथ पंजाब का नया प्रभारी नियुक्त किया गया है। वे आगामी पंजाब विधानसभा और लोकसभा चुनाव तक यह अहम जिम्मेदारी संभालेंगे।

BSP का नया नियम और मीडिया व कार्यकर्ताओं से अपील

​इस फेरबदल के साथ मायावती ने एक नया नीतिगत फैसला भी लागू किया है। इसके तहत यूपी के जो वरिष्ठ पदाधिकारी या कोऑर्डिनेटर अन्य राज्यों का काम देख रहे हैं, उन्हें उत्तर प्रदेश में कोई भी संगठनात्मक जिम्मेदारी नहीं मिलेगी। अंत में, बसपा प्रमुख ने अपने कार्यकर्ताओं को साजिशकर्ताओं और भ्रम फैलाने वालों से सावधान रहने की हिदायत दी। उन्होंने मीडिया से भी आग्रह किया कि वह विरोधी दलों के षड्यंत्र का हिस्सा न बने और गलत खबरों के प्रचार-प्रसार से बचे।

​साभार: मीडिया रिपोर्ट्स 

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