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जयपुर में SMS अस्पताल के फोरेंसिक HOD ने लगाया फंदा, 'गुरु' का शव देख भावुक हुए जूनियर डॉक्टर, बोले - 'नहीं कर पाएंगे सर का पोस्टमार्टम'



​जयपुर SMS अस्पताल के फोरेंसिक HOD डॉ. नंदलाल डिसानिया ने की आत्महत्या। 'गुरु' का शव देख रो पड़े जूनियर।

​राजस्थान की राजधानी जयपुर से एक बेहद दुखद और हैरान करने वाली खबर सामने आई है। राज्य के सबसे बड़े सवाई मानसिंह (SMS) मेडिकल कॉलेज के फोरेंसिक साइंस विभाग के विभागाध्यक्ष (HOD) प्रोफेसर डॉ. नंदलाल डिसानिया (58) ने अपने घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना का सबसे मार्मिक पहलू तब सामने आया जब उनका शव पोस्टमार्टम के लिए मॉर्च्युरी पहुंचा। उनके ही जूनियर छात्र अपने गुरु का शव देखकर भावुक हो गए और चीर-फाड़ करने से हाथ खड़े कर दिए। शुरुआती जांच में आत्महत्या का कारण आर्थिक धोखाधड़ी से जुड़ा मानसिक तनाव बताया जा रहा है। (क्रेडिट: मीडिया रिपोर्ट्स)

​परिवार गया था शादी में, पीछे से उठाया खौफनाक कदम

​पुलिस के अनुसार, यह घटना झोटवाड़ा थाना क्षेत्र के अग्रसेन नगर की है। मंगलवार रात डॉ. डिसानिया का पूरा परिवार एक शादी समारोह में शामिल होने गया था और वह घर पर अकेले थे। देर रात जब परिजन वापस लौटे तो उन्होंने डॉ. डिसानिया को कमरे में फंदे से लटका पाया। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।

​आर्थिक धोखाधड़ी का तनाव बनी वजह?

​पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि डॉ. डिसानिया परिवार के ही किसी सदस्य से जुड़े आर्थिक धोखाधड़ी के मामले को लेकर पिछले कुछ समय से भारी मानसिक तनाव से गुजर रहे थे। डॉ. डिसानिया राजस्थान के प्रतिष्ठित फोरेंसिक विशेषज्ञों में गिने जाते थे और दो महीने पहले ही उन्होंने कॉलेज में एक हाईटेक फोरेंसिक लैब की शुरुआत कराई थी। उनके दामाद डॉ. सुरेश चौधरी भी इसी अस्पताल में न्यूरोसर्जन हैं।

​'जिस गुरु ने पढ़ाया, उन पर कैसे चलाएं चाकू'

​घटना के बाद मॉर्च्युरी में माहौल तब बेहद गमगीन हो गया, जब पोस्टमार्टम की जिम्मेदारी उन जूनियर डॉक्टरों पर आ गई जिन्हें खुद डॉ. डिसानिया ने मेडिकल कॉलेज में पढ़ाया था। अपने गुरु को स्ट्रेचर पर मृत देखकर छात्र रो पड़े और बोले, “जिस गुरु ने हमें पढ़ाया, उनके शरीर पर हम कैसे चीर-फाड़ कर सकते हैं?” हालांकि, बाद में डॉक्टरों की एक अन्य टीम द्वारा पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की गई। फिलहाल झोटवाड़ा थाना पुलिस परिजनों के बयान और अन्य सबूतों के आधार पर मामले की गहराई से जांच कर रही है।


साभार: मीडिया रिपोर्ट्स 

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