केतन अग्रवाल हत्याकांड में पुलिस का दावा, पहले सुपारी किलर की तलाश हुई और पूछताछ की तैयारी के लिए जापानी वीडियो देखे गए।
पुणे के केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में पुलिस को कई नए तथ्य मिले हैं। जांच के अनुसार, मुख्य आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी ने पहले कथित तौर पर एक व्यक्ति को हत्या के लिए तैयार करने की कोशिश की थी, लेकिन उसके पीछे हटने के बाद घटनाक्रम बदला। पुलिस का यह भी दावा है कि दोनों ने पूछताछ की तैयारी के लिए जापानी वीडियो देखे थे। अदालत ने दोनों की न्यायिक हिरासत 29 जुलाई तक बढ़ा दी है।
हत्या की साजिश में कथित सुपारी किलर का नाम आया सामने
पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल मर्डर केस में जांच के दौरान नए खुलासे हुए हैं। पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी ने पहले खुद हत्या करने के बजाय एक व्यक्ति को इस वारदात के लिए कथित तौर पर तैयार करने का प्रयास किया था। शुरुआती बातचीत में उसने सहमति जताई, लेकिन बाद में डर की वजह से उसने इससे इनकार कर दिया। अब वही व्यक्ति इस मामले में पुलिस का महत्वपूर्ण गवाह बताया जा रहा है।
पुलिस के अनुसार, कथित सुपारी को लेकर एक होटल में बैठक भी हुई थी। जांच एजेंसियों ने उस होटल के सीसीटीवी फुटेज अपने कब्जे में ले लिए हैं। पुलिस का दावा है कि इसी होटल में दोनों आरोपियों और कथित कॉन्ट्रैक्ट किलर के बीच मुलाकात हुई थी।
शादी के दावे की जांच में नहीं मिला कोई ठोस प्रमाण
इस मामले में पहले यह दावा किया जा रहा था कि सिया गोयल और चेतन चौधरी ने शादी कर ली थी। हालांकि पुलिस जांच में अब तक ऐसा कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिला है, जिससे यह साबित हो सके कि दोनों ने विधिवत विवाह किया था।
जांच के दौरान यह सामने आया कि दोनों के बीच शादी को लेकर केवल फोन पर बातचीत हुई थी। इस दावे की पुष्टि के लिए पुणे ग्रामीण पुलिस ने राजस्थान स्थित खाटूश्याम मंदिर का भी दौरा किया। बताया गया था कि दिसंबर 2025 में राजस्थान यात्रा के दौरान दोनों ने शादी की थी, लेकिन वहां भी इस संबंध में कोई प्रमाण नहीं मिला।
पूछताछ की तैयारी के लिए देखे जापानी वीडियो, हिरासत बढ़ी
पुलिस का दावा है कि गिरफ्तारी की आशंका को देखते हुए सिया गोयल और चेतन चौधरी ने करीब दो घंटे लंबे जापानी वीडियो देखे थे। इन वीडियो में पूछताछ के दौरान शांत रहने, हाव-भाव नियंत्रित रखने और सवालों के जवाब देने के तरीकों की जानकारी दी गई थी।
जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपियों की वेब हिस्ट्री से इन वीडियो के लिंक भी बरामद किए गए हैं। गुरुवार को दोनों आरोपियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए वडगांव अदालत में पेश किया गया, जहां अदालत ने उनकी न्यायिक हिरासत 29 जुलाई तक बढ़ा दी।
पुलिस का कहना है कि इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयानों के आधार पर मामले की जांच जारी है और आगे भी महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।
साभार: मीडिया रिपोर्ट्स


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