NEET UG 2026 रिजल्ट जारी। आर्यन गुप्ता और पंशुल बंसल बने संयुक्त टॉपर, 11.21 लाख अभ्यर्थी क्वालिफाई हुए।

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने NEET UG 2026 का परिणाम घोषित कर दिया है। इस वर्ष करीब 20 लाख अभ्यर्थियों में से 11.21 लाख से अधिक उम्मीदवार मेडिकल, डेंटल, आयुष और अन्य संबंधित स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए क्वालिफाई हुए हैं। पंजाब के आर्यन गुप्ता और हरियाणा के पंशुल बंसल ने 720 में से 715 अंक हासिल कर संयुक्त रूप से पहली रैंक प्राप्त की है।

आर्यन गुप्ता और पंशुल बंसल ने हासिल की संयुक्त पहली रैंक

एनटीए ने NEET UG 2026 परीक्षा का परिणाम आधिकारिक रूप से जारी कर दिया है। पंजाब के आर्यन गुप्ता और हरियाणा के पंशुल बंसल ने 715 अंक प्राप्त कर संयुक्त रूप से परीक्षा में शीर्ष स्थान हासिल किया। यह परीक्षा देश के 551 शहरों और विदेश के 14 शहरों में स्थित 5,440 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई थी। इसमें लगभग 20 लाख अभ्यर्थी शामिल हुए थे।

एनटीए के अनुसार, समय पर परिणाम जारी किया गया है ताकि मेडिकल प्रवेश और काउंसलिंग की प्रक्रिया तय कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ सके। सभी अभ्यर्थी अपना स्कोरकार्ड NEET UG की आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकते हैं।

महिलाओं का प्रदर्शन बेहतर, 690 से अधिक अंक लाने वाले 138 उम्मीदवार

देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से 13 भाषाओं में आयोजित इस परीक्षा में सफल उम्मीदवारों में 58 प्रतिशत से अधिक महिलाएं हैं। महिलाओं की क्वालिफाई दर 56.8 प्रतिशत रही, जबकि पुरुषों की सफलता दर 55.1 प्रतिशत दर्ज की गई।

परीक्षा में 138 अभ्यर्थियों ने 690 से अधिक अंक प्राप्त किए। इनमें से 93 प्रतिशत से ज्यादा उम्मीदवार पहली बार NEET UG परीक्षा में शामिल हुए थे, जबकि 99 प्रतिशत उम्मीदवारों की आयु 17 से 19 वर्ष के बीच रही।

अंकों के आधार पर प्रदर्शन इस प्रकार रहा:

  • 19 उम्मीदवारों ने 700 से अधिक अंक प्राप्त किए।
  • 1,492 उम्मीदवारों ने 650 या उससे अधिक अंक हासिल किए।
  • 10,160 उम्मीदवारों ने 600 या उससे अधिक अंक प्राप्त किए।
  • 90,780 उम्मीदवारों ने 500 या उससे अधिक अंक हासिल किए।

कैटेगरी के अनुसार क्वालिफाई उम्मीदवारों की संख्या:

  • जनरल: 2.91 लाख
  • OBC-NCL: 5.12 लाख
  • SC: 1.59 लाख
  • ST: 63,716
  • General-EWS: 95,026
  • PwBD: 3,666
  • PWD: 303

उत्तर प्रदेश से सबसे अधिक 1.7 लाख से ज्यादा उम्मीदवार सफल हुए, जबकि लक्षद्वीप से सबसे कम 43 अभ्यर्थियों ने सफलता हासिल की। राज्य टॉपर्स में लद्दाख की जिग्मेत यांगचन लामो (530 अंक), अंडमान एवं निकोबार के ध्रुव त्रिपाठी (606 अंक) और लक्षद्वीप की फहमीदा अनीस (573 अंक) शामिल हैं।

रिजल्ट के बाद काउंसलिंग जरूरी, MBBS की सीटें सीमित

एनटीए ने स्पष्ट किया है कि उसका दायित्व परीक्षा आयोजित करना, परिणाम घोषित करना और ऑल इंडिया रैंक जारी करना है। मेरिट सूची, डोमिसाइल, श्रेणी निर्धारण और काउंसलिंग का कार्य संबंधित प्रवेश प्राधिकरण और राज्य सरकारों द्वारा किया जाता है।

NEET UG में सफल होने के बाद उम्मीदवारों को MCC या संबंधित राज्य की काउंसलिंग प्रक्रिया में अनिवार्य रूप से भाग लेना होगा। सीट आवंटन उम्मीदवार की रैंक, श्रेणी, कॉलेज की पसंद और उपलब्ध सीटों के आधार पर किया जाएगा। केवल परीक्षा पास कर लेने से सीधे मेडिकल कॉलेज में प्रवेश नहीं मिलता।

प्रवेश के समय 12वीं कक्षा की शैक्षणिक पात्रता भी अनिवार्य होगी। सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों के लिए फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी (PCB) में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक आवश्यक हैं, जबकि OBC, SC और ST वर्ग के उम्मीदवारों के लिए यह न्यूनतम सीमा 40 प्रतिशत निर्धारित है।

रिजल्ट जारी होने के बाद अभ्यर्थियों को संबंधित काउंसलिंग के लिए पंजीकरण करना होगा, कॉलेज और कोर्स का चयन करना होगा तथा दस्तावेज सत्यापन और सीट आवंटन के बाद निर्धारित समय सीमा में प्रवेश प्रक्रिया पूरी करनी होगी। पहले चरण में सीट नहीं मिलने वाले उम्मीदवार अगले काउंसलिंग राउंड में हिस्सा ले सकते हैं।

इस वर्ष 11.21 लाख से अधिक उम्मीदवार क्वालिफाई हुए हैं, जबकि देशभर में MBBS की कुल 1,36,939 सीटें उपलब्ध हैं। इनमें 63,296 सीटें सरकारी और 73,643 सीटें निजी मेडिकल कॉलेजों में हैं। MBBS के अलावा NEET UG स्कोर के आधार पर BDS, AYUSH, BVSc & AH और B.Sc. Nursing जैसे पाठ्यक्रमों में भी प्रवेश दिया जाता है।

ऑल इंडिया रैंक 1 से 100 तक के उम्मीदवारों के पास शीर्ष मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश का बेहतर अवसर रहता है। सामान्य तौर पर इस रैंक के उम्मीदवार एम्स दिल्ली जैसे संस्थानों का चयन करते हैं। वहीं 100 से 5,000 रैंक तक के अभ्यर्थियों को भी अच्छे सरकारी मेडिकल कॉलेजों में MBBS सीट मिलने की संभावना रहती है। 50 हजार से अधिक रैंक वाले उम्मीदवारों के लिए सरकारी MBBS सीट प्राप्त करना अपेक्षाकृत कठिन हो सकता है।


साभार: मीडिया रिपोर्ट्स