दतिया टिकट विवाद पर नरोत्तम मिश्रा ने कहा- कमी शायद मुझमें ही है। समर्थकों के प्रदर्शन, धारा 163 और BJP की रणनीति जानें।
दतिया टिकट विवाद: नरोत्तम मिश्रा का भावुक बयान, बोले- कमी शायद मुझमें ही है
मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट से टिकट नहीं मिलने के बाद चल रहे विवाद के बीच पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने पहली बार खुलकर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि वह किसी और को दोष नहीं देंगे और अगर कोई कमी है तो वह खुद में तलाशेंगे। साथ ही उन्होंने साफ किया कि वह भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता के रूप में पहले की तरह काम करते रहेंगे। दूसरी ओर, उनके समर्थकों के विरोध प्रदर्शन के बाद दतिया में प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं।
पार्टी से बड़ा कोई नहीं, आशुतोष तिवारी के समर्थन का किया ऐलान
दिल्ली में बीजेपी नेता नितिन नवीन से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि उन्होंने अभी तक पार्टी नेतृत्व से औपचारिक बातचीत नहीं की है और मुलाकात के लिए समय मांगा है। उन्होंने बताया कि समर्थकों से बातचीत के बाद वे शांत हो गए हैं और पार्टी मंच पर अपनी बात रखने की एक तय प्रक्रिया होती है, जिसका पालन किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह स्पष्ट है कि पार्टी किसी भी व्यक्ति से बड़ी होती है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें न किसी तरह का आश्वासन मिला है और न ही उन्होंने कोई मांग की है। उन्होंने घोषणा की कि वह बीजेपी प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के नामांकन के दौरान मौजूद रहेंगे और उनके चुनाव प्रचार में भी सहयोग करेंगे।
"मैं किसी और को दोष नहीं दूंगा"
नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि वह इस पूरे घटनाक्रम के लिए किसी अन्य व्यक्ति को जिम्मेदार नहीं मानते। उन्होंने कहा, "कमी शायद मुझमें ही है और मैं उसी पर विचार करूंगा।" उन्होंने आगे कहा कि वह पहले भी परेशान नहीं थे, अब भी नहीं हैं और आगे भी नहीं होंगे।
उन्होंने विश्वास जताया कि दतिया से बीजेपी उम्मीदवार आशुतोष तिवारी चुनाव जीतेंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि उनका पूरा राजनीतिक जीवन बीजेपी के साथ जुड़ा रहा है और आगे भी वह पार्टी के प्रति पूरी निष्ठा के साथ काम करते रहेंगे।
टिकट नहीं मिलने पर भड़के समर्थक
बीजेपी द्वारा दतिया सीट से आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया था। प्रदर्शन के दौरान सड़क जाम की गई और कुछ स्थानों पर पुलिस पर पथराव भी हुआ। इस घटना में पुलिस अधीक्षक (एसपी) सहित आठ पुलिसकर्मी घायल हो गए। इसके बाद प्रशासन ने हालात पर काबू पाने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया।
दतिया में लागू हुई BNSS की धारा 163
स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने पूरे दतिया जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी है। आदेश के तहत बिना अनुमति किसी भी तरह की सभा, जुलूस, धरना या सार्वजनिक प्रदर्शन पर रोक लगा दी गई है। साथ ही पांच या उससे अधिक लोगों के एक साथ एकत्र होने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।
पुलिस ने हिंसा और उपद्रव के मामले में 27 बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। प्रशासन का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई जारी रहेगी।
30 जुलाई को होगा मतदान
दतिया विधानसभा सीट पर 30 जुलाई को मतदान होना है। बीजेपी ने इस सीट से आशुतोष तिवारी को मैदान में उतारा है। टिकट वितरण के बाद उपजे विवाद के बीच पार्टी नेतृत्व स्थिति को सामान्य करने की कोशिश में जुटा हुआ है। वहीं नरोत्तम मिश्रा ने अपने ताजा बयान से यह संकेत दिया है कि वह संगठन के फैसले का सम्मान करते हुए पार्टी के साथ बने रहेंगे।
साभार: मीडिया रिपोर्ट्स


0 टिप्पणियाँ
आपका विचार हमारे लिए महत्वपूर्ण है, कृपया अपनी राय नीचे लिखें।