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ITR भरने के बाद आया Income Tax Notice? जवाब देने से पहले ऐसे पहचानें असली है या फर्जी



ITR के बाद Income Tax Notice मिला है? DIN, ईमेल और ई-फाइलिंग पोर्टल से जानें नोटिस असली है या फर्जी।

इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने के बाद आयकर विभाग के नाम से ईमेल, एसएमएस या नोटिस मिलने पर तुरंत जवाब देना सही नहीं है। साइबर ठग फर्जी नोटिस के जरिए बैंकिंग जानकारी, OTP और पैसे हासिल करने की कोशिश कर सकते हैं। ऐसे में किसी भी कार्रवाई से पहले नोटिस का DIN, भेजने वाले का ईमेल पता और आयकर विभाग के ई-फाइलिंग पोर्टल पर उसकी प्रामाणिकता जांचना जरूरी है।

ITR फाइल करने वालों को फर्जी Income Tax Notice से सावधान रहने की जरूरत

ITR दाखिल करने के बाद आयकर विभाग की ओर से नोटिस या दूसरी सूचना मिल सकती है, लेकिन विभाग के नाम से आया हर ईमेल, एसएमएस या नोटिस वास्तविक हो, यह जरूरी नहीं है। साइबर ठगी करने वाले इसी स्थिति का फायदा उठाकर टैक्सपेयर्स को निशाना बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

ऐसे फर्जी संदेशों और नोटिस के जरिए लोगों से बैंकिंग से जुड़ी जानकारी, OTP या पैसे मांगे जा सकते हैं। इसलिए आयकर विभाग के नाम से कोई सूचना मिलने पर उसमें दिए निर्देशों का तुरंत पालन करने के बजाय पहले यह जांचना जरूरी है कि उसे वास्तव में विभाग ने जारी किया है या नहीं।

DIN से हो सकती है Income Tax Notice की पहचान

आयकर विभाग की ओर से जारी वैध नोटिस, आदेश या पत्र में डॉक्यूमेंट आइडेंटिफिकेशन नंबर यानी DIN होता है। यह यूनिक नंबर संबंधित दस्तावेज की प्रामाणिकता की पुष्टि करने में मदद करता है।

यदि किसी नोटिस में DIN मौजूद नहीं है या उसमें दिया गया नंबर संदिग्ध दिखाई देता है, तो उस पर तुरंत प्रतिक्रिया देने से बचना चाहिए। पहले यह पता करना जरूरी है कि संबंधित नोटिस वास्तव में आयकर विभाग की ओर से जारी किया गया है या विभाग के नाम का इस्तेमाल कर किसी ने फर्जी संदेश भेजा है।

ई-फाइलिंग पोर्टल पर ऐसे जांचें नोटिस की सत्यता

टैक्सपेयर्स आयकर विभाग के ई-फाइलिंग पोर्टल पर DIN या PAN की मदद से नोटिस की प्रामाणिकता की जांच कर सकते हैं। कई मामलों में इसके लिए पोर्टल पर लॉग-इन करने की भी आवश्यकता नहीं होती।

OTP के जरिए सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह पता लगाया जा सकता है कि संबंधित नोटिस वास्तविक है या फर्जी। इसलिए ईमेल या एसएमएस में दिए किसी लिंक पर भरोसा करने के बजाय ई-फाइलिंग पोर्टल के माध्यम से नोटिस की जांच करना जरूरी है।

तुरंत पैसे मांगने या गिरफ्तारी की धमकी वाले संदेश से रहें सतर्क

अगर आयकर विभाग के नाम से मिले किसी ईमेल या नोटिस में तत्काल भुगतान करने का दबाव बनाया जा रहा है, गिरफ्तारी या कानूनी कार्रवाई की धमकी दी जा रही है अथवा किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने के लिए कहा जा रहा है, तो सतर्क रहने की जरूरत है।

इसी तरह UPI, गिफ्ट कार्ड या किसी निजी बैंक खाते में पैसे जमा कराने के निर्देश भी साइबर ठगी का संकेत हो सकते हैं। आयकर विभाग इस तरह के माध्यमों से टैक्स जमा करने या भुगतान करने की मांग नहीं करता।

ऐसे किसी संदेश में डर या जल्दबाजी के कारण भुगतान करने, बैंकिंग जानकारी देने या OTP साझा करने से बचना चाहिए। पहले नोटिस की सत्यता की पुष्टि करना आवश्यक है।

ईमेल भेजने वाले का पता भी ध्यान से जांचें

आयकर विभाग की आधिकारिक ईमेल आईडी सामान्य तौर पर @incometax.gov.in डोमेन से आती हैं। इसलिए विभाग के नाम से ईमेल मिलने पर भेजने वाले का पूरा ईमेल पता ध्यान से देखना चाहिए।

अगर ईमेल किसी दूसरे डोमेन या संदिग्ध पते से आया है, तो उसमें दिए लिंक को खोलने से बचें। इसी तरह ईमेल के साथ मौजूद किसी अटैचमेंट को डाउनलोड करने से पहले भी उसकी जांच करना जरूरी है।

केवल ईमेल में आयकर विभाग का नाम या उससे मिलता-जुलता विवरण देखकर उसे वास्तविक नहीं मानना चाहिए। नोटिस की पुष्टि आधिकारिक माध्यम से करना सुरक्षित तरीका है।

Income Tax Notice मिलने पर सबसे पहले क्या करें?

इनकम टैक्स नोटिस मिलने पर घबराकर तुरंत जवाब देने या भुगतान करने के बजाय सबसे पहले उसकी प्रामाणिकता जांचनी चाहिए। इसके लिए आयकर विभाग के ई-फाइलिंग पोर्टल का इस्तेमाल किया जा सकता है।

यदि जांच में नोटिस वास्तविक पाया जाता है, तो उसमें दी गई निर्धारित समय सीमा के भीतर जवाब दिया जाना चाहिए। वहीं, नोटिस संदिग्ध होने पर किसी तरह की व्यक्तिगत या बैंकिंग जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए और न ही उसमें दिए गए संदिग्ध लिंक पर क्लिक करना चाहिए।

जरूरत पड़ने पर चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) या टैक्स विशेषज्ञ की सलाह भी ली जा सकती है।

थोड़ी सावधानी साइबर ठगी से बचाने में हो सकती है मददगार

ITR फाइल करने के बाद आयकर विभाग के नाम से आने वाले संदेशों को लेकर सतर्कता जरूरी है। फर्जी नोटिस के जरिए साइबर ठग आर्थिक नुकसान पहुंचाने के साथ व्यक्तिगत जानकारी हासिल करने की कोशिश कर सकते हैं।

इसलिए किसी नोटिस में DIN की जांच, ईमेल भेजने वाले के डोमेन की पुष्टि और ई-फाइलिंग पोर्टल पर उसकी सत्यता जांचना महत्वपूर्ण है। नोटिस असली होने की पुष्टि के बाद ही उसके अनुसार आगे की कार्रवाई करनी चाहिए।

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