राम मंदिर चंदा चोरी विवाद में चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा। ट्रस्ट ने की पुष्टि। जानें पूरी खबर।
अयोध्या के राम मंदिर चंदा चोरी विवाद में एक बड़ा अपडेट सामने आया है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी ने एक प्रेस रिलीज जारी कर इन इस्तीफों की आधिकारिक पुष्टि की है। साथ ही उन्होंने भक्तों को आश्वासन दिया है कि रामलला का खजाना और दान पूरी तरह सुरक्षित है और सनातन धर्म के खिलाफ रची गई साजिश नाकाम कर दी गई है। इन इस्तीफों को मंजूर करने पर अंतिम फैसला 11 जुलाई को होने वाली ट्रस्ट की अहम बैठक में लिया जाएगा।
दान और खजाना है पूरी तरह सुरक्षित
ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी ने देश-विदेश के राम भक्तों को आश्वस्त किया है कि उनका दिया गया दान, सोने-चांदी की ईंटें, कीमती गहने और अन्य सामग्री पूरी तरह से सुरक्षित हैं। ट्रस्ट इन सभी चीजों का पूरा और सही रिकॉर्ड रखता है। इस पूरी घटना पर दुख और हैरानी जताते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि जो लोग भी दोषी पाए गए हैं, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील
ट्रस्ट ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि कुछ असामाजिक, अधार्मिक और स्वार्थी तत्व इस घटना की आड़ में सनातन धर्म को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। स्वामी गोविंद देव गिरी ने भक्तों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया और अन्य प्लेटफॉर्म पर फैल रही भ्रामक अफवाहों का शिकार न बनें। उन्होंने भरोसा जताते हुए कहा कि "ये बादल छंट जाएंगे, अंधेरा दूर होगा और सच्चाई के सूरज की रोशनी चमकेगी।"
11 जुलाई की बैठक में होगा अंतिम फैसला
चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा ने मामले के तूल पकड़ने और सवालों के घेरे में आने के बाद अपना इस्तीफा तो सौंप दिया है, लेकिन इसे अभी तक औपचारिक रूप से मंजूर नहीं किया गया है। सूत्रों के मुताबिक, आगामी 11 जुलाई को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की एक महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। इसी बैठक में इन दोनों पदाधिकारियों के इस्तीफे पर विचार किया जाएगा और साथ ही ट्रस्ट के नए स्वरूप (संरचना) को लेकर भी अहम निर्णय लिया जा सकता है।



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