Pune Ketan Murder Case: लाल रंग की लग्जरी इलेक्ट्रिक कार में सिया गोयल के साथ लोहगढ़ किले पहुंचे केतन अग्रवाल की हत्या मामले में जांच लगातार नए खुलासे कर रही है। पुलिस को कार, वीडियो, डिजिटल सबूत और पारिवारिक रिश्तों से जुड़े कई अहम सुराग मिले हैं। वहीं अब सिया के माता-पिता से भी पूछताछ की तैयारी की जा रही है।
कार और वीडियो से जुड़ रहे जांच के अहम सुराग
पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में हर दिन नए तथ्य सामने आ रहे हैं। इस बीच सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो भी पुलिस जांच का हिस्सा बन गया है। बताया जा रहा है कि वीडियो में केतन अग्रवाल अपनी मंगेतर और मुख्य आरोपी सिया गोयल के साथ लाल रंग की लग्जरी इलेक्ट्रिक कार में दिखाई दे रहे हैं। पुलिस के अनुसार यह वीडियो केतन ने अपने मोबाइल फोन से रिकॉर्ड किया था।
जांच एजेंसियों के मुताबिक नई इलेक्ट्रिक कार खरीदने के बाद केतन अक्सर सिया के साथ लॉन्ग ड्राइव पर जाता था। 18 जून को भी दोनों इसी कार से लोनावला स्थित लोहगढ़ किले पहुंचे थे, जहां बाद में केतन की हत्या की घटना सामने आई। आरटीओ रिकॉर्ड के अनुसार कार केतन विशाल अग्रवाल के नाम पर पंजीकृत है। पुलिस कार की मूवमेंट, टोल प्लाजा के रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पूरी टाइमलाइन तैयार कर रही है।
कार पर दो पुराने ट्रैफिक ई-चालान भी दर्ज मिले हैं। हालांकि पुलिस ने साफ किया है कि इनका हत्या की साजिश से कोई प्रत्यक्ष संबंध अभी तक सामने नहीं आया है।
किसने कराया था सिया और केतन का रिश्ता?
पुलिस जांच में सामने आया है कि केतन और सिया का रिश्ता परिवार के परिचित नरेंद्र मित्तल ने तय कराया था। नरेंद्र मित्तल, केतन के पिता विशाल अग्रवाल के मामा बताए जा रहे हैं, जबकि सिया उनके साले की बेटी हैं।
पुलिस ने नरेंद्र मित्तल से भी पूछताछ की। उन्होंने अपने बयान में कहा कि उन्होंने केवल दोनों परिवारों का परिचय कराया था ताकि शादी की बात आगे बढ़ सके। उन्हें सिया और चेतन चौधरी के कथित संबंधों की कोई जानकारी नहीं थी। उन्होंने यह भी कहा कि उनके अनुसार सिया और केतन दोनों ही अच्छे स्वभाव और संस्कारी परिवारों से थे।
घटनास्थल पर कराया गया रीक्रिएशन, डिलीट चैट खंगाल रही पुलिस
सूत्रों के मुताबिक लोनावला ग्रामीण पुलिस मुख्य आरोपी सिया गोयल और सह-आरोपी चेतन चौधरी को गोपनीय तरीके से लोहगढ़ किले लेकर गई, जहां घटनास्थल का रीक्रिएशन कराया गया। दोनों से अलग-अलग पूछताछ कर यह समझने की कोशिश की गई कि वे घटनास्थल तक किस रास्ते से पहुंचे थे और घटनाक्रम कैसे आगे बढ़ा।
जांच के दौरान यह भी जानकारी सामने आई है कि हत्या के बाद दोनों आरोपियों ने कुछ समय तक एक-दूसरे से दूरी बनाए रखने की योजना बनाई थी ताकि उन पर किसी को शक न हो। पुलिस के अनुसार दोनों ने अपने मोबाइल फोन से कई चैट भी डिलीट कर दी थीं। अब मोबाइल फोन फोरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं, जहां डिलीट किए गए संदेशों को रिकवर करने की कोशिश की जा रही है।
इधर पुलिस सिया के भाई साहिल से लंबी पूछताछ कर चुकी है। अब सिया के माता-पिता को भी बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल साक्ष्यों, फोरेंसिक रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयानों के आधार पर पूरे मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
साभार: मीडिया रिपोर्ट्स


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