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UP IPS Transfer: योगी सरकार का बड़ा पुलिस प्रशासनिक फेरबदल, 4 ADG बने DG, आलोक सिंह को मिली PAC की कमान


UP में 9 IPS अधिकारियों का तबादला, 4 ADG बने DG। आलोक सिंह को PAC और बिनोद सिंह को CID-साइबर क्राइम की कमान मिली।

उत्तर प्रदेश सरकार ने पुलिस प्रशासन में बड़ा फेरबदल करते हुए गुरुवार को 9 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के तबादले कर दिए। इस बड़े प्रशासनिक बदलाव में चार एडीजी रैंक अधिकारियों को प्रमोशन देकर डीजी पद की नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। सबसे चर्चित नियुक्ति आलोक सिंह की रही, जिन्हें पीएसी का नया डीजी बनाया गया है। वहीं बिनोद कुमार सिंह को सीआईडी और साइबर क्राइम की कमान दी गई है। योगी सरकार के इस फैसले को कानून-व्यवस्था मजबूत करने और पुलिस सिस्टम को ज्यादा प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

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आलोक सिंह को मिली PAC की कमान, कई बड़े अफसरों की जिम्मेदारी बदली

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जारी तबादला सूची में सबसे अहम नाम आलोक सिंह का रहा। अब तक कानपुर जोन में एडीजी के पद पर तैनात आलोक सिंह को प्रोविंशियल आर्म्ड कांस्टेबुलरी यानी PAC का नया डीजी नियुक्त किया गया है। माना जा रहा है कि आगामी कानून-व्यवस्था और सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए सरकार ने अनुभवी अधिकारियों को महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी देने का फैसला लिया है।

इसी क्रम में बिनोद कुमार सिंह को सीआईडी एवं साइबर क्राइम विभाग का डीजी बनाया गया है। वे पहले इसी विभाग में एडीजी के तौर पर कार्यरत थे और साइबर अपराध से जुड़े मामलों में उनका अनुभव काफी अहम माना जाता है। लगातार बढ़ते ऑनलाइन फ्रॉड, डिजिटल क्राइम और साइबर ठगी के मामलों को देखते हुए यह नियुक्ति बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

सरकार ने जय नारायण सिंह को भी नई जिम्मेदारी दी है। अब तक पावर कॉरपोरेशन में डीजी पद पर तैनात जय नारायण सिंह को आर्थिक अपराध शाखा यानी EOW का नया डीजी बनाया गया है। आर्थिक अपराधों और बड़े वित्तीय घोटालों पर लगाम लगाने के लिहाज से यह विभाग काफी संवेदनशील माना जाता है।

वहीं डीके ठाकुर को नागरिक सुरक्षा एवं विशेष सुरक्षा बल से हटाकर होमगार्ड विभाग का डीजी नियुक्त किया गया है। प्रशासनिक हलकों में इसे रणनीतिक बदलाव माना जा रहा है क्योंकि होमगार्ड विभाग राज्य की सुरक्षा व्यवस्था में अहम भूमिका निभाता है।

ADG स्तर पर भी बड़ा फेरबदल, आगरा और कानपुर जोन में नए चेहरे

आईपीएस अधिकारियों के इस बड़े फेरबदल में एडीजी स्तर पर भी कई अहम बदलाव किए गए हैं। अनुपम कुलश्रेष्ठ, जो अभी तक आगरा जोन की एडीजी थीं, उन्हें अब कानपुर जोन का नया एडीजी बनाया गया है। कानपुर जोन राज्य के सबसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण पुलिस जोनों में गिना जाता है, इसलिए यह पोस्टिंग काफी अहम मानी जा रही है।

वहीं यातायात एवं सड़क सुरक्षा विभाग संभाल रहे ए. सतीश गणेश को अब एडीजी क्राइम की जिम्मेदारी सौंपी गई है। क्राइम कंट्रोल और संगठित अपराध पर लगाम लगाने के लिए उनकी नई भूमिका को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

आरके स्वर्णकार, जो पहले एडीजी पीएसी के पद पर कार्यरत थे, उन्हें अब पावर कॉरपोरेशन का एडीजी नियुक्त किया गया है। वहीं एसके भगत को एडीजी क्राइम से हटाकर आगरा जोन का नया एडीजी बनाया गया है। आगरा जोन में अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार काफी सतर्क दिखाई दे रही है।

आईजी स्तर पर भी बदलाव किया गया है। गीता सिंह को अभियोजन निदेशालय से स्थानांतरित कर प्रशिक्षण निदेशालय का नया आईजी नियुक्त किया गया है। पुलिस ट्रेनिंग सिस्टम को मजबूत करने और अधिकारियों की क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से यह बदलाव अहम माना जा रहा है।

योगी सरकार का बड़ा प्रशासनिक संदेश, पुलिस व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी

उत्तर प्रदेश में यह प्रशासनिक फेरबदल ऐसे समय किया गया है जब राज्य सरकार लगातार कानून-व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाए हुए है। सरकार का फोकस अपराध नियंत्रण, साइबर क्राइम, आर्थिक अपराध और पुलिस प्रशासन की कार्यक्षमता बढ़ाने पर है। इसी वजह से अनुभवी अधिकारियों को अहम विभागों की जिम्मेदारी दी गई है।

प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, इस फेरबदल का मकसद पुलिस विभाग में बेहतर समन्वय स्थापित करना और विभिन्न विभागों में कार्यशैली को और अधिक प्रभावी बनाना है। आने वाले समय में अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा, साइबर फ्रॉड और संगठित अपराध के खिलाफ बड़े अभियान चलाए जाने की संभावना भी जताई जा रही है।



सरकारी आदेश जारी होने के बाद पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है। सभी अधिकारियों को जल्द अपने नए पदभार संभालने के निर्देश दिए गए हैं। माना जा रहा है कि नई जिम्मेदारियों के साथ अब पुलिस विभाग में कई स्तरों पर नई रणनीति और नई कार्यशैली देखने को मिल सकती है।

उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में पुलिस प्रशासन की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। ऐसे में वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों की यह नई तैनाती आने वाले समय में कानून-व्यवस्था की दिशा तय करने में अहम साबित हो सकती है। योगी सरकार के इस बड़े फैसले पर अब पूरे प्रदेश की नजर बनी हुई है।

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