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Twisha Sharma Death Case: 10 दिन तक किसने की आरोपी पति समर्थ की मदद? अब ‘मददगारों’ की तलाश में पुलिस, भोपाल AIIMS में दोबारा होगा पोस्टमार्टम


ट्विशा शर्मा केस में बड़ा खुलासा, भोपाल AIIMS में दोबारा पोस्टमार्टम होगा। फरार समर्थ की मदद करने वालों पर भी शिकंजा।

भोपाल की चर्चित ट्विशा शर्मा डेथ केस में अब जांच और ज्यादा तेज हो गई है। आरोपी पति समर्थ सिंह को जबलपुर से पकड़कर भोपाल लाया गया है, जबकि पुलिस अब उन लोगों की तलाश में जुट गई है जिन्होंने फरारी के दौरान करीब 10 दिन तक उसे पनाह दी। इसी बीच ट्विशा शर्मा के शव का दोबारा पोस्टमार्टम भोपाल AIIMS में मेडिकल बोर्ड की निगरानी में कराने का फैसला लिया गया है। पुलिस का कहना है कि इस हाई-प्रोफाइल केस में कई ऐसे राज खुल सकते हैं जो अब तक सामने नहीं आए हैं।

भोपाल AIIMS में होगा ट्विशा शर्मा का दूसरा पोस्टमार्टम

ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के बाद लगातार उठ रहे सवालों के बीच अब दूसरा पोस्टमार्टम सबसे बड़ा मुद्दा बन गया है। भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने साफ किया है कि ट्विशा के शव का दोबारा पोस्टमार्टम भोपाल AIIMS में मेडिकल बोर्ड की निगरानी में कराया जाएगा। इस प्रक्रिया में विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम शामिल रहेगी ताकि मौत की असली वजह को लेकर किसी तरह का संदेह न रहे।

बताया जा रहा है कि ट्विशा शर्मा के परिवार ने शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर सवाल खड़े किए थे। परिवार का आरोप था कि कई महत्वपूर्ण पहलुओं की ठीक से जांच नहीं हुई। इसी वजह से मामला और ज्यादा संवेदनशील बन गया। अब मेडिकल बोर्ड की निगरानी में होने वाले दूसरे पोस्टमार्टम से पुलिस को उम्मीद है कि मौत से जुड़े कई अहम तथ्य सामने आ सकते हैं।

इस केस ने भोपाल ही नहीं बल्कि पूरे मध्य प्रदेश में सनसनी फैला दी है। सोशल मीडिया पर भी लगातार सवाल उठ रहे हैं कि आखिर ट्विशा शर्मा की मौत सामान्य थी या इसके पीछे कोई गहरी साजिश छिपी हुई है। AIIMS में होने वाला पोस्टमार्टम अब इस पूरे केस का सबसे अहम हिस्सा माना जा रहा है।

फरारी के दौरान समर्थ सिंह को किसने दी पनाह?

पुलिस जांच में अब सबसे बड़ा सवाल यह बन गया है कि ट्विशा शर्मा की मौत के बाद आरोपी समर्थ सिंह करीब 10 दिनों तक आखिर कहां छिपा रहा। पुलिस को शक है कि फरारी के दौरान उसे कई लोगों का सहयोग मिला। भोपाल पुलिस अब उन सभी लोगों की पहचान करने में जुट गई है जिन्होंने आरोपी को बचाने की कोशिश की।

पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने स्पष्ट कहा है कि अगर जांच में यह सामने आता है कि किसी ने आरोपी को छिपाने, आर्थिक मदद देने या पुलिस से बचाने में सहयोग किया है तो उसके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल्स और सीसीटीवी फुटेज के जरिए यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि समर्थ सिंह किन-किन लोगों के संपर्क में था।

सूत्रों के मुताबिक, पुलिस को शक है कि फरारी के दौरान आरोपी ने कई शहरों में अपने परिचितों की मदद ली। जांच एजेंसियां अब उन सभी लोगों से पूछताछ की तैयारी कर रही हैं जो पिछले दिनों समर्थ सिंह के संपर्क में थे। इस हाई-प्रोफाइल केस में अब सिर्फ आरोपी ही नहीं बल्कि उसके कथित मददगार भी जांच एजेंसियों के रडार पर आ चुके हैं।

पुलिस का मानना है कि फरारी के दौरान आरोपी की गतिविधियों से केस के कई अहम पहलू सामने आ सकते हैं। यही वजह है कि अब पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के मूवमेंट से जुड़े हर तथ्य को गंभीरता से खंगाला जाएगा।

मां गिरिबाला सिंह पर भी बढ़ा पुलिस का शक

इस मामले में समर्थ सिंह की मां गिरिबाला सिंह की भूमिका भी जांच एजेंसियों के निशाने पर आ गई है। पुलिस का दावा है कि उन्हें पूछताछ के लिए तीन बार नोटिस भेजे गए लेकिन वह जांच में शामिल होने नहीं पहुंचीं। इसके बाद पुलिस ने कोर्ट में उनकी अग्रिम जमानत निरस्त करने के लिए आवेदन दिया है।

अधिकारियों का कहना है कि अगर कोई भी व्यक्ति जांच में सहयोग नहीं करता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि फरारी के दौरान क्या आरोपी को परिवार की तरफ से किसी तरह की मदद मिली थी।

ट्विशा शर्मा के परिवार की तरफ से लगातार आरोप लगाए जा रहे हैं कि मामले की जांच में कई महत्वपूर्ण तथ्यों को नजरअंदाज किया गया। हालांकि भोपाल पुलिस कमिश्नर ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि जांच पूरी निष्पक्षता और गंभीरता से की जा रही है। उन्होंने कहा कि अब तक किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती गई है और हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है।

इधर समर्थ सिंह को जबलपुर से भोपाल लाए जाने के बाद पुलिस अब कोर्ट से सात दिन की रिमांड मांगने की तैयारी कर रही है। माना जा रहा है कि रिमांड के दौरान आरोपी से गहन पूछताछ की जाएगी। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ में कई ऐसे खुलासे हो सकते हैं जो इस पूरे केस की दिशा बदल दें।

ट्विशा शर्मा डेथ केस अब एक सामान्य मौत की जांच से कहीं आगे बढ़ चुका है। दूसरे पोस्टमार्टम, फरारी के दौरान मददगारों की तलाश और परिवार की भूमिका की जांच ने इस मामले को और ज्यादा संवेदनशील बना दिया है। पूरे प्रदेश की नजर अब पुलिस रिमांड और AIIMS की मेडिकल रिपोर्ट पर टिकी हुई है, क्योंकि इन्हीं दोनों से तय होगा कि ट्विशा शर्मा की मौत के पीछे आखिर असली सच क्या है।

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