कानपुर में आग से झुलसी दुल्हन से दूल्हे ने अस्पताल में रचाई शादी, सात फेरों की भावुक तस्वीरें हुईं वायरल।
कानपुर के घाटमपुर में हुए दर्दनाक हादसे के बाद अस्पताल में हुई एक अनोखी शादी ने हर किसी को भावुक कर दिया। मेहंदी समारोह के दौरान आग में झुलसी दुल्हन गरिमा अस्पताल में भर्ती थी, लेकिन दूल्हे विकास ने मुश्किल वक्त में उसका साथ छोड़ने के बजाय अस्पताल पहुंचकर वहीं शादी रचाने का फैसला किया। परिवार और अस्पताल स्टाफ की मौजूदगी में दोनों ने वरमाला पहनाई और सात फेरे लेकर शादी की रस्में पूरी कीं। इस भावुक पल को देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं।
मेहंदी समारोह की खुशियां आग के हादसे में बदल गईं
घाटमपुर थाना क्षेत्र के जगन्नाथपुर गांव में 13 मई को गरिमा के घर शादी की रस्में चल रही थीं। घर में मेहंदी समारोह था और पूरा परिवार शादी की तैयारियों में जुटा हुआ था। रिश्तेदारों और मेहमानों से घर भरा हुआ था। हर तरफ खुशी और उत्साह का माहौल था।
इसी दौरान खाना बनाने के समय अचानक गैस रिसाव हुआ और आग लग गई। आग फैलते ही वहां अफरा-तफरी मच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए भागने लगे। भगदड़ के दौरान भट्टी पर रखा गर्म तेल कई लोगों पर गिर गया, जिससे कई लोग झुलस गए।
इस हादसे में दुल्हन गरिमा और उसके पिता जगदीश गंभीर रूप से घायल हो गए। करीब 12 लोग आग और गर्म तेल की चपेट में आए। शादी वाले घर में कुछ ही मिनटों में चीख-पुकार मच गई और खुशियों का माहौल मातम में बदल गया।
अस्पताल में पहुंचा दूल्हा, कहा- शादी तो गरिमा से ही करूंगा
हादसे के बाद परिवार गहरे सदमे में था। सभी को लग रहा था कि अब शादी टालनी पड़ेगी। लेकिन दूल्हे विकास ने ऐसा फैसला लिया जिसने हर किसी का दिल जीत लिया।
विकास ने साफ कहा कि वह हर हाल में गरिमा से ही शादी करेगा। उसने परिवार को भरोसा दिलाया कि वह मुश्किल वक्त में पीछे हटने वालों में से नहीं है। इसके बाद उसने गांव में बारात ले जाने के बजाय सीधे अस्पताल पहुंचने का फैसला किया।
गुरुवार रात विकास शादी का सामान और वरमाला लेकर कानपुर के जाजमऊ स्थित निजी अस्पताल पहुंचा। अस्पताल प्रशासन ने भी इस शादी में पूरा सहयोग किया। कुछ देर के लिए अस्पताल का कमरा शादी के मंडप में बदल गया।
दुल्हन गरिमा को सहारे से बैठाया गया। दर्द और जख्मों के बीच भी उसके चेहरे पर शादी की खुशी साफ दिखाई दे रही थी। परिवार और अस्पताल स्टाफ की मौजूदगी में दोनों ने एक-दूसरे को वरमाला पहनाई और सात फेरे लेकर शादी के बंधन में बंध गए।
अस्पताल स्टाफ बना बाराती और घराती
इस अनोखी शादी में अस्पताल का स्टाफ भी पूरी तरह शामिल नजर आया। डॉक्टरों और नर्सों ने शादी की रस्मों को पूरा कराने में मदद की। किसी ने कमरे को सजाने में सहयोग किया तो किसी ने दुल्हन को संभाला।
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अस्पताल में भर्ती दूसरे मरीजों और उनके परिजनों ने भी इस शादी को देखा। शादी के दौरान माहौल इतना भावुक हो गया कि कई लोगों की आंखों से आंसू निकल पड़े। लोगों ने तालियां बजाकर नवविवाहित जोड़े को आशीर्वाद दिया।
वहां मौजूद लोगों का कहना था कि उन्होंने पहली बार अस्पताल में इतनी भावुक शादी देखी है। हर कोई दूल्हे विकास की तारीफ करता नजर आया।
दूल्हे की वफादारी ने जीत लिया लोगों का दिल
दुल्हन के पिता जगदीश ने बताया कि हादसे के बाद उन्हें बेटी की शादी टूटने का डर सताने लगा था। लेकिन विकास ने हर परिस्थिति में गरिमा का साथ निभाने का फैसला लेकर उनका भरोसा मजबूत कर दिया।
उन्होंने कहा कि विकास ने साफ शब्दों में कहा कि शादी सिर्फ खुशियों के लिए नहीं होती, बल्कि मुश्किल समय में साथ निभाने के लिए भी होती है। यही बात सुनकर पूरा परिवार भावुक हो गया।
फिलहाल गरिमा का इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार उसे पूरी तरह ठीक होने में कुछ दिन और लग सकते हैं। परिवार ने फैसला किया है कि उसके स्वस्थ होने के बाद ही विदाई की रस्म पूरी की जाएगी।
कानपुर में अस्पताल में हुई यह शादी अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। सोशल मीडिया पर लोग इसे सच्चे प्यार, भरोसे और इंसानियत की मिसाल बता रहे हैं।


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