ताजा खबरें

5/recent/ticker-posts

बड़ी खबरें

Recent/hot-post

गुरुग्राम में महा-ब्लैकआउट! भीषण गर्मी के बीच फूंक गया मुख्य ट्रांसफार्मर, थम गई रैपिड मेट्रो की रफ्तार, अंधेरे में डूबा आधा शहर!



गुरुग्राम में भीषण गर्मी के बीच बड़ा ब्लैकआउट! सेक्टर-72 का मुख्य ट्रांसफार्मर फुंकने से 7 बिजली घर ठप, रैपिड मेट्रो भी थमी।

हरियाणा के गुरुग्राम में शुक्रवार रात को एक बड़ा बिजली संकट खड़ा हो गया, जिससे आधा शहर पूरी तरह अंधेरे में डूब गया। सेक्टर-72 स्थित 220 KVA बिजली घर का मुख्य ट्रांसफार्मर अचानक फुंकने की वजह से एक साथ 7 बड़े बिजली घर ठप हो गए। इस महा-ब्लैकआउट के कारण सेक्टर-15 से लेकर सेक्टर-57 तक के दर्जनों इलाकों की बत्ती गुल हो गई, जिससे भीषण गर्मी में हजारों लोग बेहाल हैं। बिजली संकट का सबसे बड़ा झटका रैपिड मेट्रो को लगा, जिसकी रफ्तार थमने से स्टेशनों पर यात्रियों की भारी भीड़ लग गई। अधिकारी स्थिति को संभालने में जुटे हैं, लेकिन बिजली पूरी तरह बहाल होने में 8 से 10 घंटे का समय लग सकता है।

220 KVA ट्रांसफार्मर में भयंकर ब्लास्ट, ताश के पत्तों की तरह ढह गए 7 बिजली घर!

गुरुग्राम का पावर सिस्टम शुक्रवार रात को उस वक्त पूरी तरह चरमरा गया जब सेक्टर-72 के मुख्य बिजली घर का भारी-भरकम ट्रांसफार्मर अचानक जल गया। इस एक हादसे ने चेन रिएक्शन की तरह काम किया और देखते ही देखते शहर के 7 बड़े 66 KVA बिजली घर (जैसे मारुति, सेक्टर-15, 38, 44, 46, 52 और 56) एक साथ बंद हो गए। इसके चलते सेक्टर-15 पार्ट-1, पार्ट-2, सेक्टर-18 और सेक्टर-38 से लेकर 57 तक के एक बहुत बड़े रिहायशी और कमर्शियल इलाके में पूरी तरह से सन्नाटा और अंधेरा पसर गया।

बीच रास्ते रुकी रैपिड मेट्रो; उमस और गर्मी से तड़पे हजारों लोग

इस पावर फेलियर का सबसे खतरनाक असर गुरुग्राम की लाइफलाइन कही जाने वाली रैपिड मेट्रो पर पड़ा। बिजली कटते ही रैपिड मेट्रो के पहिए जहां के तहां थम गए। करीब एक घंटे से ज्यादा समय तक मेट्रो सेवा पूरी तरह ठप रहने के कारण विभिन्न स्टेशनों पर यात्रियों की भारी भीड़ जमा हो गई। भीषण गर्मी और उमस के बीच लोग स्टेशनों और ट्रेनों में फंस गए, जिसके बाद मजबूरन यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए महंगे ऑटो और कैब जैसे वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ा।

बिजली के साथ पानी का भी संकट; जानिए कब तक सुधरेंगे हालात?

रात के वक्त हुए इस अचानक ब्लैकआउट के कारण घरों, दुकानों और दफ्तरों में हाहाकार मच गया है। इनवर्टर भी जवाब देने लगे हैं और कई इलाकों में पानी की सप्लाई बुरी तरह प्रभावित हो गई है। बिजली विभाग के आला अधिकारियों के अनुसार, तकनीकी टीमों को तुरंत मौके पर रवाना कर दिया गया है और मरम्मत का काम युद्ध स्तर पर जारी है। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि ट्रांसफार्मर को पूरी तरह ठीक करने या बदलने में कम से कम 8 से 10 घंटे का वक्त लगेगा। उम्मीद जताई जा रही है कि देर रात या सुबह तक ही स्थिति पूरी तरह सामान्य हो पाएगी।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ