दो PAN कार्ड मामले में आजम खान और अब्दुल्ला आजम की सजा 7 से बढ़कर 10 साल हुई, रामपुर कोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला।
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता Azam Khan और उनके बेटे Abdullah Azam Khan को दो PAN कार्ड मामले में बड़ा कानूनी झटका लगा है। रामपुर की MP-MLA सेशन कोर्ट ने दोनों की सजा 7 साल से बढ़ाकर 10 साल कर दी है। यह मामला अलग-अलग जन्मतिथि के आधार पर दो PAN कार्ड बनवाने और उन दस्तावेजों का चुनावी हलफनामों समेत सरकारी कामों में इस्तेमाल करने से जुड़ा है। अभियोजन पक्ष ने कोर्ट में दलील दी कि दोनों पहले भी फर्जी दस्तावेज मामलों में दोषी ठहराए जा चुके हैं, इसलिए यह आदतन अपराध का मामला है। कोर्ट ने इस तर्क को स्वीकार करते हुए सजा बढ़ाने का फैसला सुनाया।
2019 में दर्ज हुआ था मामला, चुनावी दस्तावेज बने सबूत
दो PAN कार्ड मामले की शुरुआत साल 2019 में हुई थी, जब भाजपा विधायक Akash Saxena की ओर से शिकायत दर्ज कराई गई थी। आरोप लगाया गया कि अब्दुल्ला आजम ने अलग-अलग जन्मतिथि के आधार पर दो अलग PAN कार्ड बनवाए थे। जांच एजेंसियों ने आयकर विभाग के रिकॉर्ड, चुनाव आयोग के दस्तावेज और अन्य सरकारी प्रमाण जुटाए। जांच में यह सामने आया कि विभिन्न दस्तावेजों में जन्मतिथि अलग-अलग दर्ज थी।
अभियोजन पक्ष ने कोर्ट को बताया कि इन दस्तावेजों का इस्तेमाल चुनावी नामांकन और अन्य सरकारी प्रक्रियाओं में किया गया। इसी आधार पर दोनों के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और सरकारी रिकॉर्ड में गलत जानकारी देने जैसे आरोप तय किए गए। नवंबर 2025 में विशेष MP-MLA कोर्ट ने दोनों को 7-7 साल की सजा और 50-50 हजार रुपये जुर्माना सुनाया था।
सजा बढ़ाने की मांग पर कोर्ट ने बदला फैसला
नवंबर 2025 के फैसले के बाद आजम खान और अब्दुल्ला आजम ने सेशन कोर्ट में अपील दायर की थी। वहीं भाजपा विधायक आकाश सक्सेना ने सजा बढ़ाने की मांग करते हुए अलग याचिका दाखिल की। अभियोजन पक्ष ने कोर्ट में जोर देकर कहा कि यह कोई पहली घटना नहीं है। दोनों पहले भी फर्जी जन्म प्रमाणपत्र मामले में दोषी पाए जा चुके हैं। ऐसे में यह मामला “habitual offence” यानी आदतन अपराध की श्रेणी में आता है।
सरकारी वकीलों ने अदालत को बताया कि बार-बार गलत दस्तावेजों का इस्तेमाल लोकतांत्रिक और प्रशासनिक व्यवस्था को प्रभावित करता है। कोर्ट ने इस दलील को गंभीरता से लिया और सुनवाई के बाद सजा 7 साल से बढ़ाकर 10 साल कर दी। अदालत के फैसले के बाद राजनीतिक गलियारों में भी हलचल तेज हो गई है।
पहले भी विवादों में रहे आजम खान और अब्दुल्ला
Azam Khan लंबे समय से कई कानूनी मामलों का सामना कर रहे हैं। उन पर जमीन कब्जाने, चुनावी अनियमितताओं और प्रशासनिक अधिकारियों पर विवादित टिप्पणियों जैसे कई मामले दर्ज हैं। हाल ही में 2019 लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में भी उन्हें 2 साल की सजा सुनाई गई थी।
वहीं Abdullah Azam Khan पहले ही जन्मतिथि विवाद के चलते अपनी विधानसभा सदस्यता गंवा चुके हैं। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ फैसला सुनाते हुए विधायक पद रद्द कर दिया था। अदालत ने माना था कि चुनाव लड़ने के दौरान प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों में गंभीर विसंगतियां थीं।
अब दो PAN कार्ड मामले में सजा बढ़ने के बाद दोनों की कानूनी मुश्किलें और बढ़ती नजर आ रही हैं। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले का असर आने वाले समय में उनकी राजनीतिक गतिविधियों और चुनावी संभावनाओं पर भी पड़ सकता है।


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