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यूपी में अचानक मौसम का ‘यू-टर्न’! 48 घंटे में 12°C गिरा पारा, आंधी-तूफान ने दी राहत



यूपी में आंधी-तूफान और बारिश से तापमान 12°C तक गिरा, लू से राहत मिली लेकिन 18 मौतों के साथ भारी नुकसान हुआ

उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी और जानलेवा लू से जूझ रहे लोगों को अचानक मौसम ने राहत दे दी, जब पिछले 48 घंटों में आंधी-तूफान, तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ हुई बारिश ने पूरे प्रदेश का तापमान 10 से 12 डिग्री सेल्सियस तक गिरा दिया, हालांकि इस राहत के साथ भारी तबाही भी आई जिसमें 18 लोगों की मौत हो गई और कई इलाकों में पेड़ गिरने, बिजली बाधित होने और संपत्ति को नुकसान जैसी घटनाएं सामने आईं

अचानक बदला मौसम, लू से मिली बड़ी राहत

पिछले कुछ दिनों से उत्तर प्रदेश के कई जिलों में तापमान लगातार 44 से 46 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ था, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो चुका था और अस्पतालों में हीट स्ट्रोक के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही थी, लेकिन अचानक मौसम के करवट लेने से लोगों को बड़ी राहत मिली और दिन के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई जिससे वातावरण सुहावना हो गया

आंधी-तूफान और बारिश ने मचाई तबाही

जहां एक तरफ बारिश ने गर्मी से राहत दी, वहीं दूसरी तरफ तेज आंधी और तूफान ने कई इलाकों में भारी नुकसान भी पहुंचाया, तेज हवाओं के कारण कई पेड़ उखड़कर सड़कों पर गिर गए जिससे यातायात प्रभावित हुआ और सड़क किनारे खड़ी गाड़ियों को भी नुकसान पहुंचा, कई जिलों में बिजली के खंभे गिरने से बिजली आपूर्ति बाधित हो गई और ग्रामीण क्षेत्रों में हालात ज्यादा खराब रहे

18 लोगों की मौत, कई घायल

इस अचानक आए मौसम बदलाव ने कई लोगों की जान भी ले ली, पिछले 48 घंटों में अलग-अलग जिलों से कुल 18 मौतों की पुष्टि हुई है, इनमें अधिकतर मौतें पेड़ गिरने, बिजली गिरने और दीवार ढहने जैसी घटनाओं के कारण हुई हैं, कई लोग गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं जिनका इलाज विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है

मौसम वैज्ञानिकों ने बताई बड़ी वजह

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस बदलाव के पीछे पश्चिमी विक्षोभ की अहम भूमिका रही, मध्य क्षोभमंडल में उत्तरी पाकिस्तान और जम्मू-कश्मीर के आसपास बने चक्रवाती परिसंचरण और निचले स्तर पर पूर्वी उत्तर प्रदेश से ओडिशा तक फैली द्रोणी ने मिलकर वायुमंडल में अस्थिरता पैदा की, इसके साथ ही पुरवा हवाओं की नमी ने इस सिस्टम को और मजबूत किया जिससे तेज हवाएं और बारिश का दौर शुरू हुआ

बुंदेलखंड में अब भी गर्मी का असर

हालांकि पूरे प्रदेश में राहत देखने को मिली, लेकिन बुंदेलखंड के कुछ हिस्सों में अभी भी गर्मी का असर पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है, बांदा जिले में बुधवार को 45.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया जो प्रदेश का सबसे अधिक तापमान रहा, हालांकि वहां भी अगले कुछ दिनों में राहत मिलने की संभावना जताई जा रही है

आंधी की रफ्तार ने बढ़ाई दहशत

पूर्वी उत्तर प्रदेश में आंधी की रफ्तार कई जगहों पर 100 किलोमीटर प्रति घंटा से अधिक दर्ज की गई, जिससे लोगों में दहशत का माहौल बन गया, वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश और बुंदेलखंड में भी 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक की तेज हवाएं चलीं, कई इलाकों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं दर्ज की गईं

ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान

कई जिलों में बारिश के साथ ओले भी गिरे जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है, खेतों में खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है, खासकर गेहूं और दलहन की फसल प्रभावित हुई है, किसानों को अब दोहरी मार झेलनी पड़ रही है क्योंकि पहले गर्मी और अब आंधी-बारिश ने फसल पर असर डाला है

आने वाले दिनों का मौसम कैसा रहेगा

मौसम विभाग के अनुसार मई के पहले कुछ दिनों में बारिश की गतिविधियों में थोड़ी कमी आ सकती है जिससे तापमान में 4 से 6 डिग्री तक की हल्की बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन इसके बाद एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है जो 4 से 5 मई के बीच प्रदेश में फिर से बारिश और आंधी का दौर ला सकता है

लू से राहत लेकिन सावधानी जरूरी

हालांकि फिलहाल लू से राहत मिल गई है, लेकिन मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है, तेज हवाओं और बिजली गिरने की घटनाओं से बचने के लिए खुले स्थानों पर न जाने और सुरक्षित स्थान पर रहने की अपील की गई है, साथ ही किसानों को भी अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा गया है

बदलते मौसम का असर जनजीवन पर

इस पूरे घटनाक्रम ने यह साफ कर दिया है कि मौसम किस तेजी से बदल रहा है और इसका असर सीधे आम लोगों के जीवन पर पड़ रहा है, जहां एक तरफ गर्मी से राहत मिली है वहीं दूसरी तरफ अचानक आई प्राकृतिक आपदा ने कई परिवारों को गहरा नुकसान पहुंचाया है, आने वाले दिनों में भी मौसम का यह उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है जिससे लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है

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