हमीरपुर में दारोगा द्वारा महिला को लात मारने का वीडियो वायरल, जांच शुरू, आरोपी सब-इंस्पेक्टर लाइन हाजिर
वायरल वीडियो ने खोली पुलिस की सख्ती की पोल
उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले से सामने आए एक वीडियो ने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे इस वीडियो में एक सब-इंस्पेक्टर बीच सड़क एक महिला के साथ अभद्र व्यवहार करते हुए नजर आ रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि दारोगा महिला को लात मारते हुए जबरन थाने के अंदर ले जा रहा है। इस घटना ने कानून व्यवस्था और पुलिस के रवैये को लेकर लोगों के बीच आक्रोश पैदा कर दिया है।
सुमेरपुर थाने के बाहर हुआ पूरा घटनाक्रम
जानकारी के मुताबिक यह मामला हमीरपुर के सुमेरपुर थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। घटना थाने के ठीक बाहर की है, जहां एक महिला और रिक्शा चालक के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों के बीच हाथापाई शुरू हो गई। आसपास मौजूद लोगों ने इस घटना की सूचना तुरंत पुलिस को दी।
मौके पर पहुंची पुलिस, लेकिन बढ़ गया मामला
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन हालात को नियंत्रित करने के दौरान मामला और बिगड़ गया। पुलिस के अनुसार प्राथमिक जांच में महिला की गलती सामने आई थी, जिसके बाद सब-इंस्पेक्टर शिवशंकर पांडेय ने उसे थाने ले जाने का फैसला किया।
गुस्से में दारोगा ने खोया आपा
इसी दौरान सब-इंस्पेक्टर शिवशंकर पांडेय का गुस्सा इस कदर बढ़ गया कि उन्होंने कानून की मर्यादा को ही लांघ दिया। वीडियो में दिख रहा है कि दारोगा महिला को धक्का देते हुए और लात मारते हुए थाने के अंदर ले जा रहा है। यह पूरी घटना वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने अपने मोबाइल में कैद कर ली और बाद में सोशल मीडिया पर वायरल कर दी।
सोशल मीडिया पर मचा बवाल
जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सामने आया, लोगों की प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। आम नागरिकों ने पुलिस के इस व्यवहार की कड़ी निंदा की और कार्रवाई की मांग उठाई। वीडियो वायरल होते ही पुलिस विभाग की छवि पर भी सवाल उठने लगे, जिससे विभाग में हड़कंप मच गया।
अधिकारियों ने लिया तुरंत संज्ञान
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई की। सदर सीओ राजेश कमल ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही आरोपी सब-इंस्पेक्टर शिवशंकर पांडेय को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया है, ताकि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जा सके।
पुलिस का पक्ष भी आया सामने
पुलिस सोशल मीडिया सेल की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, महिला रिक्शा चालक के साथ मारपीट कर रही थी और उसी को रोकने के लिए पुलिस मौके पर पहुंची थी। पुलिस का दावा है कि सब-इंस्पेक्टर महिला को काबू में करने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन इस दौरान उनका व्यवहार नियंत्रण से बाहर हो गया और यह घटना हो गई।
जांच के बाद तय होगी आगे की कार्रवाई
फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि यदि सब-इंस्पेक्टर दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी। वहीं इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि कानून का पालन कराने वाली एजेंसियां खुद कितनी जिम्मेदारी और संयम बरतती हैं।


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