रायपुर में रील देखने के विवाद पर पत्नी-बेटियों ने की पिता की हत्या, 8 महीने बाद पुलिस जांच में खुला सनसनीखेज राज
मामूली विवाद से शुरू हुआ खौफनाक अंजाम
छत्तीसगढ़ के रायपुर से सामने आया यह सनसनीखेज मामला रिश्तों को झकझोर देने वाला है, जहां एक साधारण पारिवारिक विवाद ने ऐसा हिंसक रूप ले लिया कि एक व्यक्ति की जान चली गई। विपणन संघ में कार्यरत वीरेंद्र भारती गोस्वामी की मौत को पहले एक हादसा माना गया था, लेकिन अब यह साफ हो चुका है कि यह एक सोची-समझी साजिश के तहत किया गया मर्डर था। इस पूरे घटनाक्रम ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर एक परिवार के भीतर इतना बड़ा अपराध कैसे पनप गया।
मोबाइल रील बनी हत्या की वजह
पुलिस जांच में सामने आया कि घटना की शुरुआत बेहद मामूली कारण से हुई थी। 27 सितंबर 2025 की रात लगभग 11 बजे घर में सामान्य माहौल था। उसी दौरान वीरेंद्र की बड़ी बेटी तनिया मोबाइल पर रील देख रही थी। पिता ने जब उसे टोका और समय बर्बाद न करने की सलाह दी, तो यह बात बेटी को नागवार गुजरी। इसी छोटी सी बात पर दोनों के बीच बहस शुरू हुई, जो देखते ही देखते तीखी नोकझोंक में बदल गई।
परिवार के भीतर बढ़ता तनाव बना हिंसा की वजह
बताया जा रहा है कि विवाद इतना बढ़ गया कि स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई। इस दौरान पत्नी दीपा और दूसरी बेटी भी बहस में शामिल हो गईं। गुस्से में तीनों ने मिलकर वीरेंद्र पर हमला कर दिया। आरोप है कि उन्होंने लकड़ी के बैट और ईंट से उसके सिर पर कई वार किए। यह हमला इतना क्रूर था कि वीरेंद्र गंभीर रूप से घायल हो गया और उसकी हालत बिगड़ती चली गई।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोला बड़ा राज
घटना के बाद परिवार ने पूरी साजिश के तहत इसे हादसा बताने की कोशिश की। आसपास के लोगों और पुलिस को बताया गया कि वीरेंद्र बाथरूम में फिसलकर गिर गया था। इसी कहानी के आधार पर उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शुरुआती तौर पर मामला दुर्घटना मान लिया गया था।
लेकिन जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आई, तो उसमें 17 गंभीर चोटों का जिक्र था, जो किसी सामान्य गिरने से संभव नहीं थीं। यही वह मोड़ था, जहां से पुलिस को शक हुआ और मामले की दोबारा जांच शुरू की गई।
झूठ की कहानी से सच तक पहुंची पुलिस
पुलिस ने जब गहराई से जांच शुरू की और परिवार के सदस्यों से सख्ती से पूछताछ की, तो धीरे-धीरे सच्चाई सामने आने लगी। आखिरकार पत्नी दीपा ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि गुस्से में आकर उसने और बेटियों ने मिलकर वीरेंद्र पर हमला किया था, जिससे उसकी मौत हो गई।
इस खुलासे के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पत्नी दीपा भारती, 19 वर्षीय बेटी तनिया भारती और एक नाबालिग बेटी को गिरफ्तार कर लिया।
हादसा बताकर हासिल की नौकरी
इस पूरे मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह भी है कि हत्या के बाद पत्नी ने इसे हादसा बताकर अनुकंपा नियुक्ति भी हासिल कर ली थी। यानी एक तरफ पति की हत्या की गई और दूसरी तरफ उसी घटना का फायदा उठाकर नौकरी भी ले ली गई। यह तथ्य सामने आने के बाद मामला और गंभीर हो गया है और प्रशासनिक स्तर पर भी जांच की जा रही है।
8 महीने बाद खुली साजिश की परतें
करीब 8 महीने तक यह मामला एक साधारण हादसे के रूप में दबा रहा, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की सतर्कता ने इस साजिश का पर्दाफाश कर दिया। यह घटना न केवल एक परिवार के भीतर के तनाव को उजागर करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि कैसे छोटी-छोटी बातें कभी-कभी बड़े अपराध का रूप ले सकती हैं।
पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच
फिलहाल पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। अधिकारियों का कहना है कि इस केस में हर पहलू की गहराई से जांच की जा रही है, ताकि कोई भी तथ्य छूट न जाए। साथ ही अनुकंपा नियुक्ति को लेकर भी अलग से जांच की जा रही है।
यह मामला समाज के सामने एक कड़वी सच्चाई रखता है कि डिजिटल दौर में छोटे-छोटे विवाद भी कभी-कभी खतरनाक मोड़ ले सकते हैं, जिसका अंजाम बेहद भयावह होता है।


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