प्रयागराज जंक्शन की संगमरमर मस्जिद पर रेलवे का नोटिस, 27 अप्रैल तक हटाने का आदेश, वक्फ बोर्ड और हाईकोर्ट पहुंचा मामला
रेलवे की जमीन पर मस्जिद होने का दावा, नोटिस से मचा हड़कंप
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जंक्शन के सिटी साइड स्थित संगमरमर मस्जिद को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है, जहां रेलवे प्रशासन ने इस ढांचे को अपनी जमीन पर अवैध कब्जा बताते हुए हटाने का नोटिस जारी कर दिया है। रेलवे की ओर से जारी इस नोटिस के बाद इलाके में हलचल तेज हो गई है और मस्जिद कमेटी के बीच चिंता का माहौल बन गया है। प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि यह निर्माण रेलवे भूमि पर बिना अनुमति के किया गया है और इसे निर्धारित समय सीमा के भीतर खाली करना होगा।
27 अप्रैल तक खाली करने का अल्टीमेटम
रेलवे प्रशासन ने मस्जिद के मुतवल्ली के नाम जारी नोटिस में साफ तौर पर निर्देश दिया है कि 27 अप्रैल तक मस्जिद परिसर को खाली कर दिया जाए। नोटिस में यह भी चेतावनी दी गई है कि यदि तय समय तक परिसर खाली नहीं किया गया तो इसके बाद होने वाली किसी भी क्षति की जिम्मेदारी मस्जिद कमेटी की होगी। इस अल्टीमेटम ने पूरे मामले को और अधिक गंभीर बना दिया है, क्योंकि प्रशासन निर्माण कार्य शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार नजर आ रहा है।
15 अप्रैल से प्रस्तावित है निर्माण कार्य
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, प्रयागराज जंक्शन के सिटी साइड सर्कुलेटिंग एरिया में विकास कार्य की योजना बनाई गई है। इसी क्रम में 15 अप्रैल से निर्माण कार्य शुरू करने की तैयारी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जिस स्थान पर मस्जिद स्थित है, वह रेलवे की जमीन का हिस्सा है और विकास कार्य में बाधा बन रहा है। ऐसे में पहले इस ढांचे को हटाना जरूरी है, ताकि आगे की परियोजना को समय पर पूरा किया जा सके।
नोटिस पहले ही जारी, अब बढ़ा विवाद
बताया जा रहा है कि रेलवे के सीनियर सेक्शन इंजीनियर की ओर से यह नोटिस 10 अप्रैल को ही जारी कर दिया गया था। हालांकि अब यह मामला सार्वजनिक होने के बाद तेजी से चर्चा में आ गया है। नोटिस के सामने आने के बाद मस्जिद कमेटी के सदस्यों में हड़कंप मच गया है और उन्होंने इसे चुनौती देने की तैयारी शुरू कर दी है।
मस्जिद कमेटी का दावा—वक्फ बोर्ड में दर्ज है संपत्ति
मस्जिद कमेटी का कहना है कि यह संगमरमर मस्जिद उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड में विधिवत दर्ज है और इसे अवैध नहीं माना जा सकता। कमेटी के मुताबिक, धार्मिक स्थल के रूप में इसका वर्षों से अस्तित्व है और इसे हटाने का नोटिस कानूनन गलत है। कमेटी के सदस्यों ने यह भी कहा कि वे इस मामले में कानूनी लड़ाई लड़ेंगे और अपने अधिकारों की रक्षा करेंगे।
हाईकोर्ट जाने की तैयारी, कानूनी लड़ाई तेज
मस्जिद कमेटी से जुड़े लोगों ने साफ कर दिया है कि वे इस नोटिस के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने जा रहे हैं। उनका मानना है कि बिना उचित कानूनी प्रक्रिया अपनाए इस तरह का नोटिस जारी करना न्यायसंगत नहीं है। अब इस पूरे मामले में कानूनी पहलू महत्वपूर्ण हो गया है और आगे की स्थिति कोर्ट के फैसले पर निर्भर करेगी।


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