मिर्जापुर में SHO का धमकी भरा वीडियो वायरल, शव रखकर जाम लगा रहे परिजनों से बदसलूकी पर पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल
मिर्जापुर में वायरल वीडियो ने खड़े किए बड़े सवाल
उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले से सामने आया एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने पुलिस की कार्यशैली को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह वीडियो लालगंज थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है, जहां एक व्यक्ति की संदिग्ध मौत के बाद परिजन सड़क पर शव रखकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान मौके पर पहुंचे थाना प्रभारी अभय सिंह का रवैया चर्चा का विषय बन गया।
वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि जहां एक ओर परिजन अपने मृतक के लिए न्याय की मांग कर रहे थे, वहीं थाना प्रभारी उन्हें समझाने के बजाय सख्त लहजे में धमकाते नजर आ रहे हैं। इस घटना ने स्थानीय स्तर से लेकर सोशल मीडिया तक पुलिस की छवि को लेकर बहस छेड़ दी है।
“गुस्सा मत दिलाओ…” SHO का बयान बना विवाद का कारण
वायरल वीडियो में थाना प्रभारी अभय सिंह प्रदर्शन कर रहे लोगों से कहते हुए नजर आते हैं कि “मुझे गुस्सा मत दिलाओ, नहीं तो पांच थानों की फोर्स बुला दूंगा और यहीं से टांग ले जाएगी।” इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि “दो मिनट में गलतफहमी दूर हो जाएगी, तुम यहां के भगवान नहीं हो।”
इस बयान के सामने आने के बाद लोगों में आक्रोश बढ़ गया है। परिजनों और स्थानीय लोगों का कहना है कि जब वे अपने प्रियजन की मौत के बाद न्याय की मांग कर रहे थे, तब पुलिस का ऐसा व्यवहार बेहद असंवेदनशील और अमानवीय है।
नहर में मिला युवक का शव, हत्या का आरोप
घटना की शुरुआत उस समय हुई जब लालगंज थाना क्षेत्र के जैकर कला गांव निवासी दिलीप कुमार उर्फ दीपक कोरी का शव नहर में मिला। दिलीप पेशे से टोटो चालक और आर्केस्ट्रा संचालक बताया जा रहा है। शव मिलने के बाद परिजनों में हड़कंप मच गया और उन्होंने इसे हत्या करार दिया।
परिजनों का आरोप है कि दिलीप को कुछ लोगों ने मारपीट के बाद नहर में फेंक दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद गुस्साए परिजनों ने शव को सड़क पर रखकर चक्का जाम कर दिया और पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया।
भाई ने लगाए गंभीर आरोप, तीन नामजद आरोपी
मृतक के भाई रोहित कुमार ने आरोप लगाया कि बुधवार शाम दिलीप आर्केस्ट्रा की लड़कियों को छोड़ने गया था। वापसी के दौरान उसके साथ काम करने वाले कुछ लोगों ने उसे घेर लिया और उसके साथ मारपीट की। इसके बाद उसे टोटो समेत नहर में फेंक दिया गया।
रोहित कुमार ने जिन लोगों पर आरोप लगाया है, उनमें सुरेश मौर्य, अब्दुल मोहम्मद और ठाकुर दीपक के नाम शामिल हैं। परिजनों का कहना है कि यह पूरी घटना सुनियोजित तरीके से अंजाम दी गई और पुलिस ने शुरू में मामले को गंभीरता से नहीं लिया।
पुलिस पर लापरवाही के आरोप, बढ़ा आक्रोश
परिजनों का आरोप है कि जब उन्होंने पुलिस को घटना की जानकारी दी, तब शुरू में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसी कारण उन्हें मजबूर होकर सड़क पर उतरना पड़ा और जाम लगाकर विरोध करना पड़ा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर पुलिस समय पर कार्रवाई करती, तो शायद हालात इतने बिगड़ते नहीं। यही वजह है कि SHO का वीडियो सामने आने के बाद लोगों का गुस्सा और भड़क गया है।
हालात बिगड़ने पर पहुंचे सीओ, तब बनी बात
जब स्थिति ज्यादा तनावपूर्ण हो गई और जाम लंबा खिंचने लगा, तब क्षेत्राधिकारी अमर बहादुर मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों से बातचीत की और उन्हें शांत कराने की कोशिश की।
सीओ ने परिजनों को आश्वासन दिया कि मामले में निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। इसके बाद पुलिस ने तीनों नामजद आरोपियों के खिलाफ गैरइरादतन हत्या का मामला दर्ज कर लिया।
मुकदमा दर्ज होने के बाद खत्म हुआ जाम
पुलिस द्वारा केस दर्ज किए जाने और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन मिलने के बाद परिजन धीरे-धीरे शांत हुए। इसके बाद उन्होंने सड़क से जाम हटाया और शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया।
हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम के दौरान SHO का जो वीडियो सामने आया, उसने पुलिस की कार्यशैली पर एक अलग ही बहस छेड़ दी है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या इस तरह की भाषा और रवैया जनता के साथ सही है।
पुलिस विभाग में मचा हड़कंप
वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस विभाग में भी हलचल तेज हो गई है। उच्च अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया है और पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, SHO के व्यवहार को लेकर विभागीय स्तर पर जांच की संभावना भी जताई जा रही है। हालांकि, अभी तक इस मामले में किसी आधिकारिक कार्रवाई की पुष्टि नहीं हुई है।


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