मोतिहारी में बहू जेठ की रिहाई के लिए मोबाइल टॉवर पर चढ़ी, 2 घंटे चला ड्रामा, पुलिस-प्रशासन की बढ़ी मुश्किलें
पिपरा कोठी में अचानक मचा हड़कंप
बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के पिपरा कोठी थाना क्षेत्र में उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब एक महिला अचानक गांव के पास लगे मोबाइल टॉवर पर चढ़ गई। देखते ही देखते यह घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुटने लगे। स्थानीय लोगों को शुरुआत में समझ ही नहीं आया कि आखिर महिला ने इतना खतरनाक कदम क्यों उठाया, लेकिन कुछ ही देर में पूरा मामला सामने आ गया।
महिला की पहचान अजीत पासवान की पत्नी के रूप में हुई, जो अपने जेठ रणजीत पासवान की गिरफ्तारी के विरोध में यह कदम उठा बैठी थी। इस घटना ने न सिर्फ स्थानीय प्रशासन को चुनौती में डाल दिया, बल्कि लोगों को भी हैरान कर दिया कि आखिर कोई इस तरह अपनी मांग मनवाने के लिए जान जोखिम में क्यों डाल सकता है।
शराब मामले में हुई थी जेठ की गिरफ्तारी
जानकारी के अनुसार, रणजीत पासवान के खिलाफ शराब से जुड़े एक पुराने मामले में केस दर्ज था और पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थी। इसी बीच, परिवार की ओर से पिपरा कोठी थाना में मारपीट की शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिस पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने रणजीत को गिरफ्तार कर लिया।
थानाध्यक्ष ब्रजेश कुमार के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई के बाद आरोपी को कोर्ट में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी। लेकिन जैसे ही यह खबर परिवार तक पहुंची, हालात पूरी तरह बदल गए और मामला अचानक हाई वोल्टेज ड्रामे में तब्दील हो गया।
बहू ने चुना विरोध का खतरनाक तरीका
जेठ की गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही अजीत पासवान की पत्नी ने विरोध का एक ऐसा तरीका अपनाया, जिसने सभी को चौंका दिया। वह सीधे गांव के पास खड़े मोबाइल टॉवर पर चढ़ गई और ऊपर से जोर-जोर से चिल्लाने लगी कि जब तक उसके जेठ को वापस नहीं लाया जाएगा, वह नीचे नहीं उतरेगी।
महिला की इस हरकत से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई और स्थिति तेजी से तनावपूर्ण होती चली गई। महिला की जिद इतनी सख्त थी कि वह किसी की बात सुनने को तैयार नहीं थी और बार-बार अपनी मांग दोहराती रही।
प्रशासन के हाथ-पांव फूले, मौके पर पहुंची भारी फोर्स
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए थानाध्यक्ष ने तुरंत वरीय अधिकारियों को सूचना दी। कुछ ही समय में सदर डीएसपी, बीडीओ और भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। किसी भी अनहोनी की आशंका को देखते हुए फायर ब्रिगेड और मेडिकल टीम को भी तुरंत बुला लिया गया।
पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया और महिला को सुरक्षित नीचे उतारने के लिए हर संभव प्रयास शुरू कर दिए गए। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी लगातार महिला से बातचीत करते रहे, लेकिन वह अपनी मांग पर अड़ी रही।
आरोपी को मौके पर लाना पड़ा वापस
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि महिला की जिद के आगे प्रशासन को झुकना पड़ा। कोर्ट की प्रक्रिया के बीच से ही आरोपी रणजीत पासवान को वापस मौके पर लाया गया, ताकि महिला को समझाया जा सके और उसे नीचे उतरने के लिए राजी किया जा सके।
हालांकि, आरोपी को सामने लाने के बाद भी महिला तुरंत नहीं मानी। उसने अपनी नई शर्त रख दी, जिससे प्रशासन की मुश्किलें और बढ़ गईं।
नई शर्त ने बढ़ाई पुलिस की परेशानी
महिला ने मांग रखी कि पुलिस लिखित रूप में यह गारंटी दे कि उसके जेठ को भविष्य में दोबारा जेल नहीं भेजा जाएगा। इस मांग ने अधिकारियों को असमंजस में डाल दिया, क्योंकि ऐसी गारंटी देना कानूनन संभव नहीं था।
इसके बावजूद, महिला को शांत करने और सुरक्षित नीचे उतारने के लिए अधिकारियों ने बातचीत जारी रखी। परिवार के सदस्यों को भी आगे किया गया, जिन्होंने महिला को समझाने की कोशिश की।
दो घंटे बाद खत्म हुआ ड्रामा
करीब दो घंटे तक चले इस पूरे हाई वोल्टेज ड्रामे के बाद आखिरकार महिला का गुस्सा शांत हुआ। अधिकारियों और परिजनों की लगातार समझाइश के बाद वह टॉवर से नीचे उतरने को तैयार हुई।
जैसे ही महिला नीचे आई, वहां मौजूद प्रशासन और पुलिस ने राहत की सांस ली। पूरे ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया ताकि किसी भी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके।
नीचे उतरते ही पुलिस ने लिया अभिरक्षा में
टॉवर से नीचे उतरने के बाद पुलिस ने महिला को अपनी अभिरक्षा में ले लिया। अधिकारियों का कहना था कि महिला की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता थी और इसी वजह से पूरे मामले को बेहद सावधानी के साथ संभाला गया।
थानाध्यक्ष ब्रजेश कुमार ने बताया कि महिला को सुरक्षित बचाना जरूरी था, इसलिए हर कदम सोच-समझकर उठाया गया। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि कानून के तहत ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।


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