खौफनाक! हरदोई के काली मंदिर में महिला ने काटी जीभ, पहले भी दोहराई जा चुकी है ऐसी रोंगटे खड़े कर देने वाली परंपरा



हरदोई के काली मंदिर में महिला ने पूजा के दौरान जीभ काटकर चढ़ाई, पहले भी हो चुकी हैं ऐसी डरावनी घटनाएं, जांच जारी


हरदोई के काली मंदिर में दर्दनाक घटना से मचा हड़कंप

उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले से सामने आई इस घटना ने न सिर्फ स्थानीय लोगों को झकझोर दिया, बल्कि आस्था और अंधविश्वास के बीच की खतरनाक रेखा पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। देहात कोतवाली क्षेत्र के धियर मोहलिया स्थित काली मंदिर में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक महिला भक्त ने पूजा के दौरान अपनी ही जीभ काटकर देवी के चरणों में अर्पित कर दी। मंदिर परिसर में मौजूद लोगों के लिए यह दृश्य बेहद भयावह और अविश्वसनीय था।

बताया जा रहा है कि बावन चुंगी निवासी ऊषा नाम की महिला नियमित रूप से मंदिर में पूजा करने आती थी। घटना वाले दिन भी वह सामान्य तरीके से पूजा कर रही थी, लेकिन अचानक उसने ऐसा कदम उठाया जिसने हर किसी को स्तब्ध कर दिया। महिला के इस कृत्य के बाद मंदिर परिसर में चीख-पुकार मच गई और श्रद्धालुओं में दहशत फैल गई।

पूजा के दौरान अचानक उठाया गया खौफनाक कदम

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, महिला शांत भाव से देवी मां काली की आराधना कर रही थी। कुछ ही क्षणों बाद उसने अपने पास मौजूद धारदार वस्तु से अपनी जीभ काट ली और उसे देवी के चरणों में चढ़ा दिया। यह दृश्य इतना भयावह था कि मौके पर मौजूद कई लोग सदमे में आ गए।

घटना के तुरंत बाद मंदिर में मौजूद लोगों ने महिला को संभालने की कोशिश की, लेकिन वह बुरी तरह घायल हो चुकी थी। खून से लथपथ महिला को देख वहां अफरा-तफरी मच गई और लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।

पुलिस और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल महिला को तत्काल मेडिकल कॉलेज भेजा गया, जहां उसका इलाज जारी है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि महिला की हालत गंभीर बनी हुई है, लेकिन डॉक्टर उसे बचाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।

इस घटना के बाद प्रशासन भी सतर्क हो गया है। पुलिस ने मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी है और यह जांच की जा रही है कि आखिर इतनी सख्त सुरक्षा के बावजूद महिला इस तरह का कदम उठाने में कैसे सफल हो गई।

पहले भी हो चुकी हैं ऐसी भयावह घटनाएं

स्थानीय लोगों के अनुसार, यह कोई पहली घटना नहीं है जब इस मंदिर में इस तरह की डरावनी परंपरा सामने आई हो। इससे पहले भी यहां कई बार भक्तों द्वारा खुद को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं हो चुकी हैं।

साल 2018 में इसी क्षेत्र में एक पोस्ट ग्रेजुएट छात्र ने दावा किया था कि देवी ने उसे सपने में आदेश दिया है। इसके बाद उसने अपने गले पर धारदार हथियार से हमला कर लिया था। उस घटना ने भी पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी।

इसके अलावा, मंदिर में कई बार जीभ काटने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिससे यह सवाल उठने लगा है कि कहीं यह अंधविश्वास की जड़ें तो नहीं हैं, जो लोगों को इस हद तक जाने के लिए प्रेरित कर रही हैं।

24 घंटे सुरक्षा के बावजूद उठे सवाल

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस मंदिर में 24 घंटे पुलिस सुरक्षा तैनात रहती है। इसके बावजूद इस तरह की घटना का होना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। लोग यह जानना चाहते हैं कि आखिर पुलिस की मौजूदगी में भी महिला इस तरह का खतरनाक कदम कैसे उठा सकी।

प्रशासन अब इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रहा है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि महिला ने यह कदम किसी मानसिक स्थिति में उठाया या इसके पीछे कोई धार्मिक मान्यता या दबाव था।

आस्था और अंधविश्वास के बीच खड़ी यह खतरनाक सच्चाई

हरदोई की यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि आस्था और अंधविश्वास के बीच की सीमा कितनी पतली हो चुकी है। जहां एक ओर लोग अपनी श्रद्धा व्यक्त करने के लिए मंदिरों में पूजा-अर्चना करते हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ घटनाएं यह दर्शाती हैं कि जब आस्था अंधविश्वास में बदल जाती है, तो वह जानलेवा भी साबित हो सकती है।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और महिला के स्वस्थ होने का इंतजार किया जा रहा है, ताकि उससे पूछताछ कर इस घटना के पीछे की असल वजह को समझा जा सके। वहीं, स्थानीय प्रशासन भी ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए नए कदम उठाने की तैयारी में है।

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