जबलपुर बरगी बांध में 40 टूरिस्टों से भरा क्रूज डूबा, 4 की मौत, कई लापता, NDRF-SDRF का रेस्क्यू जारी
मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी बांध में गुरुवार शाम एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ, जहां करीब 35 से 40 पर्यटकों को लेकर चल रहा एक क्रूज अचानक तेज आंधी-तूफान के बीच डूब गया. इस हादसे में अब तक 4 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 15 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है. कई लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश के लिए राहत और बचाव अभियान तेजी से जारी है.
अचानक बदला मौसम बना मौत का कारण
बताया जा रहा है कि हादसे के वक्त मौसम अचानक खराब हो गया था. तेज आंधी और तूफानी हवाओं के कारण बरगी बांध के बैकवाटर में ऊंची लहरें उठने लगीं. इसी दौरान क्रूज का संतुलन बिगड़ गया और कुछ ही पलों में वह पानी में समा गया. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला और देखते ही देखते खुशियों से भरा सफर मातम में बदल गया.
चीख-पुकार से गूंज उठा पूरा इलाका
जैसे ही क्रूज डूबने लगा, उसमें सवार लोगों की चीख-पुकार से पूरा इलाका गूंज उठा. आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचना दी. कुछ स्थानीय लोगों ने अपनी जान जोखिम में डालकर पानी में कूदकर लोगों को बचाने की कोशिश भी की, जिससे कई लोगों की जान बचाई जा सकी.
रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी टीमें
सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गईं. NDRF और SDRF की टीमों को तुरंत बुलाया गया. दोनों एजेंसियां लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं और लापता लोगों को तलाशने में जुटी हुई हैं. गोताखोरों की मदद से पानी के भीतर खोजबीन की जा रही है.
प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे घटनास्थल
हादसे की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए. जबलपुर के कलेक्टर राघवेंद्र सिंह खुद घटनास्थल के लिए रवाना हो गए और पूरे ऑपरेशन की निगरानी कर रहे हैं. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्राथमिकता लापता लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकालने की है.
घायलों का अस्पताल में इलाज जारी
हादसे में घायल हुए लोगों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है. डॉक्टरों की टीम लगातार घायलों की निगरानी कर रही है. कई लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है.
कैसे हुआ हादसा, जांच शुरू
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि अचानक आए तूफान और तेज हवाओं के कारण क्रूज का संतुलन बिगड़ा. हालांकि, यह भी जांच की जा रही है कि क्या क्रूज में सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन किया गया था या नहीं. प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं.
पर्यटन निगम के क्रूज पर सवाल
यह क्रूज मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा संचालित बताया जा रहा है. ऐसे में सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं. क्या मौसम की चेतावनी के बावजूद क्रूज को पानी में उतारा गया था, यह भी जांच का अहम विषय बन गया है.
लापता लोगों की तलाश जारी
फिलहाल रेस्क्यू ऑपरेशन युद्ध स्तर पर जारी है. गोताखोरों और राहत टीमों द्वारा पानी के हर हिस्से को खंगाला जा रहा है. प्रशासन का कहना है कि जब तक आखिरी व्यक्ति का पता नहीं चल जाता, तब तक सर्च ऑपरेशन जारी रहेगा.
यह हादसा न सिर्फ जबलपुर बल्कि पूरे मध्य प्रदेश को झकझोर देने वाला साबित हुआ है, जहां एक सैर का सफर कुछ ही मिनटों में दर्दनाक त्रासदी में बदल गया।


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