अलवर में बैंक मैनेजर की पत्नी ने टैक्सी ड्राइवर प्रेमी संग पति की हत्या की साजिश रची, पुलिस ने समय रहते दोनों को गिरफ्तार किया।
राजस्थान के अलवर जिले से सामने आया यह सनसनीखेज मामला रिश्तों के बदलते स्वरूप और अपराध की बढ़ती मानसिकता को उजागर करता है, जहां एक बैंक मैनेजर की पत्नी ने अपने ही पति को रास्ते से हटाने के लिए प्रेमी के साथ मिलकर खौफनाक साजिश रच डाली, लेकिन समय रहते पुलिस की सतर्कता ने इस पूरी योजना को नाकाम कर दिया और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया, जिससे एक बड़ी वारदात होने से बच गई
शादीशुदा जिंदगी से शुरू हुई कहानी का खतरनाक मोड़
अलवर के गोविंदगढ़ कस्बे में रहने वाली अर्चना अरोड़ा की शादी साल 2018 में कर्णव खत्री से हुई थी, जो जयपुर के एक निजी बैंक में मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं, शादी के बाद दोनों की जिंदगी सामान्य तरीके से चल रही थी और उनके दो बच्चे भी हैं, लेकिन नौकरी की वजह से कर्णव जयपुर में रहते थे जबकि अर्चना अलवर में रहकर बच्चों की देखभाल करती थी, यही दूरी धीरे-धीरे इस रिश्ते में दरार की वजह बन गई
अर्चना का जयपुर आना-जाना अक्सर टैक्सी के जरिए होता था और इसी सफर के दौरान उसकी मुलाकात टैक्सी ड्राइवर ऋषभ शर्मा से हुई, शुरुआत में दोनों के बीच सामान्य बातचीत होती थी लेकिन धीरे-धीरे यह बातचीत नजदीकियों में बदल गई और फिर एक ऐसा रिश्ता बन गया जिसने पूरे परिवार को तबाही की कगार पर ला खड़ा किया
टैक्सी सफर से शुरू हुआ रिश्ता बना जानलेवा प्लान
पुलिस जांच में सामने आया कि अप्रैल 2025 में दोनों की पहली मुलाकात हुई थी और इसके बाद लगातार संपर्क में रहने के कारण दोनों के बीच भावनात्मक जुड़ाव बढ़ता गया, ऋषभ मूल रूप से दौसा जिले के बांदीकुई का रहने वाला है और अपनी मां की मृत्यु के बाद वह अलवर के राजगढ़ क्षेत्र में अपने नाना के घर रह रहा था, इसी दौरान उसकी मुलाकात अर्चना से हुई और दोनों का रिश्ता जल्द ही गहरा हो गया
समय के साथ दोनों ने साथ रहने का फैसला कर लिया लेकिन उनके रास्ते में सबसे बड़ी बाधा अर्चना का पति था, जिसे हटाने के लिए दोनों ने एक खतरनाक साजिश रच डाली, जिसमें हत्या तक की योजना शामिल थी
घर छोड़कर प्रेमी के साथ भागी महिला
सितंबर 2025 में इस रिश्ते ने एक और बड़ा मोड़ लिया जब अर्चना अपने दो साल के बेटे को लेकर घर से निकल गई और अपने साथ नकदी और जेवर भी ले गई, वह पहले जयपुर पहुंची और बाद में दिसंबर 2025 में भिवाड़ी में रहने लगी, हालांकि कुछ समय बाद वह अलवर लौट आई लेकिन जनवरी 2026 से फिर से अपने प्रेमी के साथ रहने लगी
इस दौरान पति-पत्नी के बीच तनाव लगातार बढ़ता गया और मामला सिर्फ अवैध संबंध तक सीमित नहीं रहा बल्कि यह आपराधिक साजिश में बदल गया
पति की हत्या की कोशिश, बाल-बाल बची जान
मार्च 2026 में इस पूरे मामले ने खतरनाक रूप ले लिया जब आरोपी ऋषभ ने बैंक मैनेजर को टैक्सी में बैठाकर जयपुर ले जाने के दौरान रास्ते में उस पर हमला करने की कोशिश की, पीड़ित के अनुसार यह एक सोची-समझी साजिश थी जिसमें उसकी हत्या करने का प्रयास किया गया, लेकिन वह किसी तरह अपनी जान बचाने में सफल रहा
इस घटना के बाद 7 मार्च को पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और अपने पास मौजूद ऑडियो रिकॉर्डिंग सहित कई अहम सबूत पुलिस को सौंपे, जिसके आधार पर जांच शुरू की गई और धीरे-धीरे पूरी साजिश का खुलासा होता चला गया
झूठे आरोप और ब्लैकमेलिंग का खेल
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि अर्चना ने पहले अपने प्रेमी ऋषभ के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया था, लेकिन बाद में अदालत में अपने ही आरोपों से मुकर गई, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि यह मामला भी किसी साजिश का हिस्सा था
इसके अलावा, जब ऋषभ जेल में था तब अर्चना ने अपने पति के घर धमकी भरा पत्र भेजा, जिसमें पहले 30 लाख रुपये और फिर 50 लाख रुपये की मांग की गई, यह पूरा मामला केवल प्रेम संबंध तक सीमित नहीं था बल्कि इसमें ब्लैकमेलिंग और आर्थिक शोषण का भी एंगल सामने आया
धमकियों से दहशत में परिवार
पीड़ित के अनुसार आरोपियों ने फोन पर भी धमकियां दीं और कहा कि अगर उनकी बात नहीं मानी गई तो वह उसे नहीं बल्कि उसके परिवार को नुकसान पहुंचाएंगे, इन धमकियों के बाद पूरा परिवार दहशत में आ गया और पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाई गई
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कार्रवाई शुरू की और आरोपियों की तलाश तेज कर दी, इस दौरान पता चला कि 50 लाख रुपये की मांग के बाद दोनों फरार हो गए थे और लगातार अपनी लोकेशन बदल रहे थे
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी
अंततः पुलिस ने तकनीकी और मैनुअल सर्विलांस के जरिए दोनों आरोपियों को ट्रैक किया और गिरफ्तार कर लिया, गिरफ्तारी के बाद दोनों को कोर्ट में पेश किया गया जहां अर्चना को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया जबकि ऋषभ को पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है
पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस मामले में कई और चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं और यह भी जांच की जा रही है कि क्या इस साजिश में कोई और व्यक्ति भी शामिल था या नहीं
रिश्तों में विश्वासघात और अपराध की भयावह तस्वीर
यह मामला न केवल एक आपराधिक साजिश का उदाहरण है बल्कि यह भी दिखाता है कि किस तरह निजी रिश्तों में दरार और गलत फैसले इंसान को अपराध की राह पर ले जाते हैं, एक साधारण विवाह से शुरू हुई कहानी धीरे-धीरे अवैध संबंध, धोखाधड़ी, ब्लैकमेलिंग और हत्या की साजिश तक पहुंच गई
अलवर की यह घटना समाज के लिए एक बड़ा संदेश भी देती है कि रिश्तों में पारदर्शिता और संवाद की कमी किस तरह गंभीर परिणामों में बदल सकती है और कानून व्यवस्था की सतर्कता ही ऐसे मामलों में बड़ी घटनाओं को होने से रोक सकती है


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