स्वर्गीय पं. जवाहरलाल तिवारी की स्मृति में जय बजरंग हैंड्रम क्रिकेट कप बना खेल-आस्था का संगम, गोहका में उमड़ा युवाओं का जोश




गोहका मछलीशहर में स्वर्गीय पं. जवाहरलाल तिवारी की स्मृति में जय बजरंग हैंड्रम क्रिकेट कप का भव्य आयोजन, युवाओं में उत्साह।

इंद्रेश तिवारी की रिपोर्ट 


ग्रामीण खेल संस्कृति को नई ऊर्जा देता आयोजन

मछलीशहर तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत गोहका में स्वर्गीय पंडित जवाहरलाल तिवारी की पुण्य स्मृति में आयोजित जय बजरंग हैंड्रम क्रिकेट कप प्रतियोगिता ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि ग्रामीण अंचल में खेल केवल मनोरंजन नहीं बल्कि सामाजिक एकता, अनुशासन और सकारात्मक प्रतिस्पर्धा का मजबूत माध्यम बन चुका है। इस आयोजन ने न सिर्फ क्षेत्रीय खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच दिया बल्कि पूरे इलाके में उत्सव जैसा माहौल पैदा कर दिया। सुबह से ही दर्शकों की भीड़ मैदान के चारों ओर जुटने लगी थी और हर ओवर, हर रन पर तालियों की गूंज सुनाई दे रही थी।

स्वर्गीय पं. जवाहरलाल तिवारी की स्मृति को समर्पित खेल आयोजन

यह प्रतियोगिता स्वर्गीय पं. जवाहरलाल तिवारी के सामाजिक योगदान और उनके व्यक्तित्व को स्मरण करने के उद्देश्य से आयोजित की गई। आयोजन समिति ने इस खेल प्रतियोगिता को केवल एक टूर्नामेंट नहीं बल्कि एक श्रद्धांजलि के रूप में प्रस्तुत किया, जिसमें खेल के माध्यम से अनुशासन, भाईचारे और सकारात्मक सोच का संदेश दिया गया। स्थानीय लोगों का कहना रहा कि स्वर्गीय तिवारी जी शिक्षा, संस्कार और सामाजिक समरसता के पक्षधर थे और इसी भावना को आगे बढ़ाने के लिए यह आयोजन प्रेरणास्रोत बना।



मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथि की गरिमामयी उपस्थिति

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बरसठी के भावी प्रमुख प्रत्याशी आलोक सिंह रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में लालती हॉस्पिटल एंड क्रिटिकल केयर सेंटर के डायरेक्टर डॉ. दीपक दुबे मौजूद रहे। फीता काटकर प्रतियोगिता का उद्घाटन करते हुए दोनों अतिथियों ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया और आयोजन समिति की सराहना की। उद्घाटन के दौरान मैदान तालियों से गूंज उठा और खिलाड़ियों में नई ऊर्जा का संचार देखने को मिला।

खेल से अनुशासन और एकता का संदेश

मुख्य अतिथि आलोक सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि ग्रामीण स्तर पर इस तरह की खेल प्रतियोगिताएं युवाओं को नशा, भटकाव और नकारात्मक गतिविधियों से दूर रखकर अनुशासन, टीम भावना और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की ओर ले जाती हैं। उन्होंने कहा कि खेल मैदान युवाओं के चरित्र निर्माण की प्रयोगशाला होते हैं, जहां हार-जीत से अधिक महत्वपूर्ण खेल भावना होती है।

श्रद्धांजलि और प्रेरणा का भाव

विशिष्ट अतिथि डॉ. दीपक दुबे ने स्वर्गीय पं. जवाहरलाल तिवारी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि समाज के लिए समर्पित व्यक्तित्वों की स्मृति में होने वाले ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपने संस्कारों से जोड़ते हैं। उन्होंने खिलाड़ियों से अपील की कि वे खेल को खेल की तरह लें, नियमों का सम्मान करें और अपने प्रदर्शन से क्षेत्र का नाम रोशन करें।

क्षेत्रीय टीमों का दमदार प्रदर्शन

जय बजरंग हैंड्रम क्रिकेट कप प्रतियोगिता में आसपास के गांवों और कस्बों की कई मजबूत टीमों ने हिस्सा लिया। खिलाड़ियों ने शानदार बल्लेबाजी, सटीक गेंदबाजी और चुस्त फील्डिंग का प्रदर्शन कर दर्शकों को रोमांचित कर दिया। मैच के दौरान चौकों-छक्कों पर दर्शकों का उत्साह देखते ही बन रहा था। कई युवा खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन से यह संकेत दिया कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, बस जरूरत है ऐसे मंचों की।

दर्शकों में दिखा जबरदस्त उत्साह

मैदान के चारों ओर बैठे दर्शक हर विकेट, हर रन और हर कैच पर तालियों और नारों से खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाते नजर आए। बुजुर्गों से लेकर बच्चों तक, सभी की नजरें मैदान पर टिकी थीं। यह आयोजन केवल खिलाड़ियों तक सीमित नहीं रहा बल्कि पूरे गांव और आसपास के क्षेत्रों के लिए एक सामूहिक उत्सव बन गया।

आयोजन समिति की मेहनत और समर्पण

इस सफल आयोजन के पीछे आयोजक समिति की कड़ी मेहनत और समर्पण साफ नजर आया। आयोजन समिति के प्रबंधक मुकेश चन्द्र तिवारी ने व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संभाला, जबकि लॉर्ड शिवा स्कूल के प्रबंधक सूरज तिवारी सहित अन्य सहयोगियों ने मैदान से लेकर खिलाड़ियों की सुविधाओं तक हर पहलू पर विशेष ध्यान दिया। स्थानीय ग्रामीणों का भी आयोजन को सफल बनाने में अहम योगदान रहा।

सामाजिक सहभागिता का उदाहरण

लोकपति भगवत प्रसाद तिवारी, पत्रकार इंद्रेश तिवारी, जय कृष्ण मिश्रा, मुकेश तिवारी, शिवम तिवारी, शुभम तिवारी, सुभाष तिवारी, रोहित तिवारी, राहुल मिश्रा, विवेक तिवारी, कमलेश तिवारी, पिंटू तिवारी और रजनीश तिवारी सहित अनेक लोगों ने आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई। यह सहभागिता दर्शाती है कि जब समाज एक उद्देश्य के लिए एकजुट होता है तो आयोजन स्वतः ही ऐतिहासिक बन जाता है।

ग्रामीण खेलों से भविष्य की उम्मीद

जय बजरंग हैंड्रम क्रिकेट कप जैसे आयोजन यह संदेश देते हैं कि ग्रामीण क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं को सही दिशा और अवसर मिलने पर वे बड़े स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं। ऐसे टूर्नामेंट न केवल खिलाड़ियों के आत्मविश्वास को बढ़ाते हैं बल्कि क्षेत्र में सकारात्मक माहौल भी तैयार करते हैं।



स्मृति से प्रेरणा तक की यात्रा

स्वर्गीय पं. जवाहरलाल तिवारी की स्मृति में आयोजित यह प्रतियोगिता आने वाले वर्षों में भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस आयोजन को प्रतिवर्ष और अधिक भव्य रूप दिया जाना चाहिए ताकि अधिक से अधिक युवा खेलों से जुड़ सकें और स्वस्थ समाज की नींव मजबूत हो।

खेल, संस्कार और समाज का संगम

गोहका में हुआ यह आयोजन इस बात का प्रमाण है कि खेल केवल मैदान तक सीमित नहीं रहते, बल्कि वे समाज को जोड़ने और नई पीढ़ी को सही दिशा देने का माध्यम बनते हैं। जय बजरंग हैंड्रम क्रिकेट कप ने स्वर्गीय पं. जवाहरलाल तिवारी की स्मृति को सम्मान देने के साथ-साथ क्षेत्र में खेल संस्कृति को भी नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया, जिसकी गूंज लंबे समय तक सुनाई देती रहेगी।

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