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| सभा को संबोधित करते प्रवीण तोगड़िया |
मछलीशहर में प्रवीण तोगड़िया ने हर गांव–मोहल्ले में हनुमान चालीसा केंद्र खोलने और 200 केंद्र बनाने का लक्ष्य घोषित किया
इंद्रेश तिवारी की रिपोर्ट
अंतरराष्ट्रीय हिन्दू कार्यकर्ता सम्मेलन से उठा बड़ा सामाजिक एजेंडा
उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के मछलीशहर नगर में स्थित सिद्धेश्वर उपवन उस समय राष्ट्रीय स्तर की चर्चा का केंद्र बन गया, जब अंतरराष्ट्रीय हिन्दू कार्यकर्ता सम्मेलन के मंच से हिंदू समाज के संगठन और सुरक्षा को लेकर एक नई रूपरेखा सामने रखी गई। सम्मेलन को संबोधित करते हुए संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया ने कहा कि आने वाले समय में हर गांव और हर मोहल्ले में हनुमान चालीसा केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जो हिंदुओं को जोड़ने, जागरूक करने और संगठित करने का माध्यम बनेंगे। उन्होंने मछलीशहर क्षेत्र में ही 200 हनुमान चालीसा केंद्र स्थापित करने का लक्ष्य तय करने की घोषणा की, जिसे संगठनात्मक विस्तार की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
हनुमान चालीसा केंद्र: केवल धार्मिक नहीं, सामाजिक ढांचा
प्रवीण तोगड़िया ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि प्रस्तावित हनुमान चालीसा केंद्र केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि यह हिंदू समाज के लिए एक सामाजिक ढांचा बनेंगे। उन्होंने कहा कि जैसे मस्जिदों में शुक्रवार को जुमे की नमाज होती है, उसी तरह मंगलवार या शनिवार को गांवों और मोहल्लों में हनुमान चालीसा केंद्रों पर सामूहिक पाठ होना चाहिए। उनका सुझाव था कि इन केंद्रों पर आठ मिनट का हनुमान चालीसा पाठ और उसके बाद लगभग पंद्रह मिनट तक हिंदुओं से जुड़े सामाजिक, सांस्कृतिक और सुरक्षा संबंधी विषयों पर चर्चा की जाए, ताकि समाज में संवाद और सहभागिता बढ़े।
जातियों से ऊपर उठकर हिंदू एकता का संदेश
अपने भाषण में प्रवीण तोगड़िया ने जातिगत विभाजन को हिंदू समाज की सबसे बड़ी कमजोरी बताते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि जातियों से ऊपर उठकर हिंदू समाज को एकजुट किया जाए। उन्होंने कहा कि हनुमान चालीसा केंद्रों का उद्देश्य किसी एक वर्ग या जाति तक सीमित नहीं होगा, बल्कि इसमें सभी वर्गों की सहभागिता अनिवार्य होगी। उनका कहना था कि जब समाज संगठित होगा, तभी उसकी सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित किया जा सकेगा। इसी क्रम में उन्होंने हिंदू आबादी बढ़ाने और सामाजिक चेतना को मजबूत करने का भी आह्वान किया।
मोहल्ला सुरक्षा और सामाजिक जागरूकता का केंद्र
सम्मेलन में यह भी बताया गया कि हनुमान चालीसा केंद्रों से जुड़े लोग अपने-अपने मोहल्लों और गांवों में सामाजिक सुरक्षा, आपसी सहयोग और जागरूकता का कार्य करेंगे। तोगड़िया ने कहा कि ये केंद्र स्थानीय स्तर पर ऐसी इकाइयों के रूप में काम करेंगे, जो किसी भी विपत्ति या संकट के समय समाज के साथ खड़ी होंगी। उनका मानना था कि जब लोग नियमित रूप से एक मंच पर मिलेंगे, तो आपसी विश्वास बढ़ेगा और असामाजिक तत्वों पर भी नियंत्रण रखा जा सकेगा।
ओजस्विनी परिषद की अध्यक्ष का सामाजिक सरोकारों पर जोर
सम्मेलन को संबोधित करते हुए ओजस्विनी परिषद की अध्यक्ष रजनी ठुकराल ने संगठन के विस्तार और सामाजिक भूमिका पर विस्तार से बात रखी। उन्होंने कहा कि संगठन भले ही केवल आठ वर्ष पुराना हो, लेकिन प्रवास, बैठकों और निरंतर संवाद के माध्यम से इसका विस्तार तेजी से हो रहा है। उन्होंने कहा कि यदि सार्वजनिक स्थानों पर नमाज हो सकती है, तो उसी तरह हनुमान चालीसा पाठ भी किया जा सकता है। उनके अनुसार यह धार्मिक स्वतंत्रता और सामाजिक संतुलन का विषय है।
एक मुट्ठी अनाज संग्रह योजना से भूख के खिलाफ पहल
रजनी ठुकराल ने सम्मेलन में हनुमान चालीसा केंद्रों से जुड़ी एक महत्वपूर्ण योजना का भी खुलासा किया। उन्होंने बताया कि इन केंद्रों पर ‘एक मुट्ठी अनाज संग्रह’ कार्यक्रम चलाया जाएगा, जिसके माध्यम से उन करोड़ों लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था की जाएगी, जिन्हें आज भी एक समय का भोजन नसीब नहीं हो पाता। उन्होंने कहा कि देश में लगभग 18 करोड़ लोग ऐसे हैं, जो भोजन की कमी से जूझ रहे हैं, और यह योजना उनके लिए राहत का माध्यम बन सकती है।
महिलाओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं पर फोकस
सम्मेलन में यह भी बताया गया कि हनुमान चालीसा केंद्रों पर केवल धार्मिक या खाद्य कार्यक्रम ही नहीं होंगे, बल्कि महिलाओं के लिए सुरक्षा प्रशिक्षण, आत्मरक्षा से जुड़े सत्र और लोगों की स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था भी की जाएगी। रजनी ठुकराल के अनुसार यह योजना देश के लगभग 1500 ब्लॉकों में लागू करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में इसका प्रभाव दिखाई दे।
हिंदू हेल्पलाइन और बच्चों में संस्कार की बात
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे काशी प्रांत के अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह ने अपने संबोधन में हिंदू हेल्पलाइन की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि विपत्ति के समय हिंदू हेल्पलाइन समाज के साथ खड़ी रहती है और जरूरतमंदों की सहायता करती है। बच्चों में संस्कार देने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि आज जिन बच्चों को संस्कार मिलेंगे, वही आगे चलकर हिंदू धर्म और संस्कृति की ध्वजा को आगे बढ़ाएंगे। उनके अनुसार समाज की दीर्घकालिक मजबूती बच्चों के संस्कारों पर ही निर्भर करती है।
संगठन के पदाधिकारियों की सहभागिता से मजबूत हुआ मंच
इस अंतरराष्ट्रीय हिन्दू कार्यकर्ता सम्मेलन में संगठन मंत्री ईश्वरी प्रसाद, प्रमोद शुक्ला, कुसुम शर्मा, महेंद्र यादव सहित कई अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे। सभी वक्ताओं ने हनुमान चालीसा केंद्रों की अवधारणा को सामाजिक एकता, सांस्कृतिक जागरूकता और सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण बताया। कार्यक्रम का संचालन प्रांत महामंत्री तरुण कुमार शुक्ला ने किया, जिन्होंने सम्मेलन की रूपरेखा और उद्देश्य को क्रमबद्ध तरीके से प्रस्तुत किया।
मछलीशहर से राष्ट्रीय स्तर तक संदेश
मछलीशहर में आयोजित यह सम्मेलन केवल एक स्थानीय आयोजन नहीं रहा, बल्कि इसके माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर एक सामाजिक और संगठनात्मक संदेश देने की कोशिश की गई। प्रवीण तोगड़िया के आह्वान और संगठन की योजनाओं ने यह संकेत दिया कि आने वाले समय में हनुमान चालीसा केंद्र हिंदू समाज को जोड़ने का एक प्रमुख माध्यम बन सकते हैं। सम्मेलन के अंत में कार्यकर्ताओं और उपस्थित जनसमूह में इस नई पहल को लेकर उत्साह और चर्चा साफ दिखाई दी, जो इस बात का संकेत है कि यह एजेंडा आने वाले समय में राजनीतिक और सामाजिक विमर्श का अहम हिस्सा बन सकता है।


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