मछलीशहर सीएचसी बनेगा इलाज का हब! जल्द शुरू होंगी कीमो और डायलिसिस जैसी आधुनिक सुविधाएं, विधायक डॉ. रागिनी सोनकर का बड़ा ऐलान



मछलीशहर सीएचसी में जल्द कीमो व डायलिसिस सुविधा शुरू होगी। 42वीं पुण्यतिथि पर विधायक डॉ. रागिनी सोनकर का बड़ा बयान।

इंद्रेश तिवारी की रिपोर्ट 


ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम

शहरों की तुलना में ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों का जीवन आज भी संघर्षों से भरा हुआ है। विशेष रूप से जब बात गंभीर बीमारियों के इलाज की आती है, तो ग्रामीण परिवारों को न सिर्फ आर्थिक बोझ झेलना पड़ता है बल्कि दूर-दराज के बड़े शहरों तक इलाज के लिए भटकना भी पड़ता है। मछलीशहर क्षेत्र के लोगों की इसी पीड़ा को ध्यान में रखते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मछलीशहर को आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से लैस करने की दिशा में ठोस पहल की जा रही है। आने वाले समय में मछलीशहर सीएचसी पर कीमोथेरेपी और डायलिसिस जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे गंभीर रोगों से जूझ रहे मरीजों को एक ही छत के नीचे बेहतर इलाज मिल सकेगा।

42वीं पुण्यतिथि पर हुआ कार्यक्रम, विधायक ने किया बड़ा ऐलान

यह महत्वपूर्ण घोषणा विधानसभा मछलीशहर की विधायक डॉ. रागिनी सोनकर ने द्वारिका प्रसाद इंटर कॉलेज दशरथपुर के प्रांगण में आयोजित एक गरिमामय कार्यक्रम के दौरान की। अवसर था विद्यालय के संस्थापक स्वर्गीय पंडित द्वारिका प्रसाद पांडेय जी की 42वीं पुण्यतिथि का। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में विधायक डॉ. रागिनी सोनकर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं और उन्होंने मंच से ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं को स्पष्ट शब्दों में रखा।

संस्थापक को श्रद्धांजलि, उनके आदर्शों को बताया अनुकरणीय

कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय के संस्थापक स्वर्गीय पंडित द्वारिका प्रसाद पांडेय जी को श्रद्धा सुमन अर्पित कर की गई। विधायक डॉ. रागिनी सोनकर ने कहा कि स्वर्गीय पांडेय जी ने शिक्षा और सामाजिक उत्थान के क्षेत्र में जो योगदान दिया, वह आज भी प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि ऐसे व्यक्तित्व विरले होते हैं, जो अपने जीवन को समाज के लिए समर्पित कर देते हैं और पीढ़ियों तक उनकी सोच और कार्य जीवित रहते हैं। विद्यालय के संस्थापक द्वारा दिखाए गए सत्कर्म और मूल्य आज भी समाज के लिए मार्गदर्शक हैं।

मछलीशहर सीएचसी में आधुनिक सुविधाओं का विस्तार

अपने संबोधन में विधायक डॉ. रागिनी सोनकर ने स्पष्ट किया कि मछलीशहर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को केवल एक सामान्य अस्पताल के रूप में नहीं बल्कि एक मिनी मल्टीस्पेशलिटी सेंटर के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जल्द ही यहां कीमोथेरेपी सेंटर की शुरुआत होगी, जिससे कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजों को इलाज के लिए वाराणसी, लखनऊ या प्रयागराज जैसे बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। इसके साथ ही डायलिसिस सुविधा के शुरू होने से किडनी रोगियों को भी राहत मिलेगी, जो अभी तक हर सप्ताह कई बार लंबी दूरी तय करने को मजबूर थे।

एक छत के नीचे मिलेगा गंभीर बीमारियों का इलाज

विधायक ने कहा कि सरकार की मंशा है कि ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को भी वही चिकित्सा सुविधाएं मिलें, जो शहरों में उपलब्ध हैं। मछलीशहर सीएचसी पर आधुनिक मशीनों, प्रशिक्षित डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की व्यवस्था की जा रही है। इससे न केवल समय की बचत होगी बल्कि गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को आर्थिक रूप से भी राहत मिलेगी। गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए एक ही छत के नीचे सुविधाएं मिलने से मरीजों और उनके परिजनों की परेशानियां काफी हद तक कम होंगी।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने मोहा मन

कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण विद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत किए गए सांस्कृतिक कार्यक्रम रहे। बच्चों ने नृत्य, संगीत और नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। रंग-बिरंगे परिधानों में सजे बच्चों की प्रस्तुतियों ने उपस्थित अतिथियों और अभिभावकों का मन मोह लिया। पूरे प्रांगण में तालियों की गड़गड़ाहट गूंजती रही और बच्चों का उत्साह देखते ही बन रहा था।

बच्चों को मिले उपहार, बढ़ा उत्साह

विधायक डॉ. रागिनी सोनकर ने बच्चों की प्रतिभा की सराहना करते हुए उन्हें उपहार भी वितरित किए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में छिपी प्रतिभाओं को यदि सही मंच और प्रोत्साहन मिले, तो वे किसी से कम नहीं हैं। बच्चों को दिए गए उपहारों से उनके चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी और यह क्षण कार्यक्रम का यादगार हिस्सा बन गया।

सामाजिक और राजनीतिक हस्तियों ने किया संबोधन

इस अवसर पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मंगला गुरु ने भी अपने विचार व्यक्त किए और विद्यालय के संस्थापक के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही समाज को आगे बढ़ाने का सबसे मजबूत माध्यम है और ऐसे शिक्षण संस्थान ग्रामीण क्षेत्रों के लिए वरदान हैं। कार्यक्रम को डॉ. आर. बी. चौहान, वरिष्ठ पत्रकार अनिल पांडेय, रविंद्र दुबे, उपेंद्र सिंह और मंजू विश्वकर्मा ने भी संबोधित किया। वक्ताओं ने स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों की सराहना की और इन्हें जनहित में महत्वपूर्ण बताया।

बड़ी संख्या में लोग रहे मौजूद

कार्यक्रम में क्षेत्र के कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। उदित नारायण तिवारी, रायमुन्ना सिंह, आञ्जनेय उपाध्याय, आनंद पांडेय, प्रदीप पांडेय, रायबहादुर गौण सहित विद्यालय का पूरा स्टाफ, छात्र-छात्राएं और बड़ी संख्या में अभिभावकगण कार्यक्रम में शामिल हुए। सभी ने कार्यक्रम की भूरी-भूरी प्रशंसा की और इसे एक प्रेरणादायक आयोजन बताया।

प्रबंधन और प्रधानाचार्य ने जताया आभार

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय की प्रबंधक आशा पांडेय और प्रधानाचार्य संदीप मिश्र ने सभी आगंतुकों, अतिथियों और अभिभावकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से न केवल संस्थापक की स्मृतियां जीवित रहती हैं बल्कि नई पीढ़ी को भी उनके आदर्शों से सीखने का अवसर मिलता है। उन्होंने भविष्य में भी इसी तरह के सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन की प्रतिबद्धता जताई।

मछलीशहर के लिए उम्मीद की नई किरण

कुल मिलाकर यह कार्यक्रम न केवल एक श्रद्धांजलि सभा रहा बल्कि मछलीशहर क्षेत्र के लिए एक सकारात्मक संदेश भी लेकर आया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार की घोषणा से क्षेत्र के लोगों में नई उम्मीद जगी है। अब ग्रामीणों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए दूर-दराज नहीं जाना पड़ेगा और मछलीशहर सीएचसी उनके लिए एक भरोसेमंद स्वास्थ्य केंद्र के रूप में उभरेगा। यह पहल निश्चित रूप से ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा और सराहनीय कदम मानी जा रही है।

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