गन्ना मूल्य पर किसानों का हल्लाबोल! अमरोहा में भाकियू लोकशक्ति का जोरदार प्रदर्शन, डीएम को सौंपा ज्ञापन



अमरोहा में भाकियू लोकशक्ति का गन्ना मूल्य, एमएसपी कानून और किसान पेंशन को लेकर बड़ा प्रदर्शन। डीएम को सौंपा ज्ञापन, जल्द समाधान की मांग।

नरेश सागर पत्रकार एवं जिला संवाददाता अमरोहा


अमरोहा में किसानों की हुंकार, भाकियू लोकशक्ति ने सौंपा ज्ञापन

अमरोहा: 29 जनवरी 2025 को भारतीय किसान यूनियन लोकशक्ति के कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय पर विशाल पंचायत आयोजित की। पंचायत का नेतृत्व राष्ट्रीय सचिव डॉ. सुमित कुमार नागर ने किया। इसमें हजारों की संख्या में किसान जुटे और सरकार की किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

पंचायत में मुख्य रूप से गन्ना मूल्य निर्धारण, एमएसपी गारंटी कानून, मुफ्त बिजली, किसानों की पेंशन और बैंक कर्ज माफी जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। किसानों ने चेतावनी दी कि अगर जल्द उनकी मांगे पूरी नहीं हुईं तो वे प्रदेशव्यापी आंदोलन करने को मजबूर होंगे।


गन्ना किसानों की सबसे बड़ी चिंता, अब तक नहीं घोषित हुआ गन्ना मूल्य!

राष्ट्रीय सचिव डॉ. सुमित कुमार नागर ने पंचायत को संबोधित करते हुए कहा,
"गन्ना पिराई सत्र शुरू हुए तीन महीने हो गए हैं, लेकिन अब तक सरकार ने गन्ने का मूल्य घोषित नहीं किया है। यह किसानों के साथ सरासर अन्याय है। लागत बढ़ती जा रही है, लेकिन सरकार अब भी खामोश बैठी है। हमारा स्पष्ट कहना है कि गन्ने का समर्थन मूल्य ₹500 प्रति क्विंटल घोषित किया जाए और 14 दिन के अंदर भुगतान की गारंटी दी जाए।"


घटतौली से किसान परेशान, शुगर मिलों पर उठी जांच की मांग

किसानों ने शुगर मिलों में घटतौली पर भी सवाल उठाए। भाकियू लोकशक्ति के नेताओं ने मांग की कि जनपद की सभी शुगर मिलों पर विशेष जांच टीम गठित कराई जाए और घटतौली को पूरी तरह से बंद किया जाए।

किसानों का आरोप है कि क्रय केंद्रों पर किसानों का गन्ना कम तौला जा रहा है, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है। किसानों ने कहा कि सरकार को तत्काल प्रभाव से इस पर कार्रवाई करनी चाहिए।


सरकार ने मुफ्त बिजली की घोषणा की, फिर क्यों लग रहे हैं मीटर?

भाकियू लोकशक्ति के नेताओं ने नलकूपों पर मीटर लगाने का कड़ा विरोध किया। उन्होंने कहा कि जब सरकार ने किसानों के लिए मुफ्त बिजली की घोषणा कर दी है, तो फिर नलकूपों पर मीटर लगाने का क्या औचित्य है? किसानों ने यह मांग उठाई कि
"नलकूपों पर मीटर लगाने की प्रक्रिया तुरंत रोकी जाए और किसानों को 24 घंटे मुफ्त बिजली उपलब्ध कराई जाए।"


किसानों के लिए एमएसपी गारंटी कानून कब?

पंचायत में एमएसपी कानून को लागू करने की मांग भी जोर-शोर से उठी। किसानों का कहना था कि सरकार ने एमएसपी पर गारंटी देने का वादा किया था, लेकिन अब तक इस पर कोई कदम नहीं उठाया गया।

भाकियू लोकशक्ति ने सरकार से मांग की कि स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू किया जाए और किसानों को एमएसपी पर गारंटी कानून दिया जाए।


किसानों और मजदूरों के लिए पेंशन योजना लागू हो!

पंचायत में 60 वर्ष से ऊपर के किसानों और मजदूरों के लिए ₹10,000 मासिक पेंशन की मांग उठी। नेताओं ने कहा कि किसान अपने जीवनभर देश के अन्नदाता रहते हैं, लेकिन बुढ़ापे में उनके पास कोई आर्थिक सुरक्षा नहीं होती। ऐसे में सरकार को उनके लिए पेंशन योजना लागू करनी चाहिए।


बैंक कर्ज से परेशान किसान, पूर्ण कर्ज माफी की उठी मांग

किसानों ने बैंकों से लिए गए कर्ज को माफ करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि
"एक तरफ महंगाई बढ़ रही है, दूसरी तरफ हमें फसलों का उचित दाम नहीं मिल रहा। कर्ज के बोझ से किसान आत्महत्या तक करने को मजबूर हैं। इसलिए सरकार को किसानों का संपूर्ण कर्ज माफ करना चाहिए।"


किसानों को टोल प्लाजा से मिले मुक्त आने-जाने की सुविधा

भाकियू लोकशक्ति ने यह मांग भी उठाई कि किसानों को टोल प्लाजा से मुफ्त आने-जाने की सुविधा दी जाए। उनका कहना था कि किसान पहले से ही महंगे डीजल और अन्य खर्चों से परेशान हैं, ऐसे में टोल प्लाजा पर शुल्क देना और मुश्किलें बढ़ाता है।


क्या कहा जिलाधिकारी ने?

भाकियू लोकशक्ति के प्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। डीएम महोदया ने किसानों को आश्वासन दिया कि जिले स्तर की समस्याओं का समाधान जल्द किया जाएगा और अन्य मांगों को सरकार तक पहुंचाया जाएगा।


आगे क्या होगा? आंदोलन की चेतावनी!

किसानों ने साफ शब्दों में कहा कि अगर जल्द उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो वे सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होंगे। भाकियू लोकशक्ति ने चेतावनी दी कि
"अगर सरकार ने जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया तो हम प्रदेशव्यापी आंदोलन करेंगे। किसान अपने हक के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं।"


पंचायत में मौजूद प्रमुख किसान नेता

इस पंचायत में राष्ट्रीय सचिव डॉ. सुमित कुमार नागर, सुभाष यादव, डॉ. रतन, कोशिंदर गुर्जर, योगेंद्र यादव, इसराज, डॉ. मुकेश, रणवीर यादव, सुनील यादव, जसवंत सैनी, तेजपाल, राजेश नागर, यामीन, चंद्रपाल चौहान, भीशम त्यागी, जय सिंह, नीरज, मुस्तफा, चंद्रकिरण महाराज, सर्वोत्तम शर्मा और सुरेंद्र सैनी सहित बड़ी संख्या में भाकियू लोकशक्ति के कार्यकर्ता मौजूद रहे।

अमरोहा में भाकियू लोकशक्ति के प्रदर्शन ने किसानों की समस्याओं को लेकर सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है। पंचायत में उठाई गई मांगें किसानों की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं पर केंद्रित थीं। जिलाधिकारी से मिले आश्वासन के बाद अब देखना होगा कि सरकार इस पर क्या कदम उठाती है।

अगर सरकार जल्द कदम नहीं उठाती, तो निश्चित रूप से यह आंदोलन और बड़ा रूप ले सकता है। किसान पहले भी अपनी मांगों को लेकर संघर्ष करते रहे हैं, और अगर उन्हें उनका हक नहीं मिला, तो वे फिर से दिल्ली कूच करने से भी पीछे नहीं हटेंगे।

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