मोबाइल रिचार्ज 12-15% तक महंगा होने वाला है। सेंट्रम की रिपोर्ट के मुताबिक अगले 4-5 महीनों में टेलीकॉम कंपनियां कीमतें बढ़ाएंगी।
देशभर के मोबाइल फोन उपभोक्ताओं की जेब पर एक बार फिर अतिरिक्त बोझ पड़ने के संकेत मिल रहे हैं। सेंट्रम इंस्टीट्यूशनल रिसर्च की एक रिपोर्ट के अनुसार, टेलीकॉम कंपनियां आगामी 4 से 5 महीनों के भीतर अपने मोबाइल टैरिफ प्लान्स में 12 से 15 प्रतिशत तक की वृद्धि कर सकती हैं। दूरसंचार बाजार में कंपनियों के एकीकरण के बाद बने मौजूदा माहौल को दरें बढ़ाने के अनुकूल माना जा रहा है, जिससे ऑपरेटर्स के औसत प्रति यूजर राजस्व में सुधार की संभावना है।
अगले 4 से 5 महीनों में 12-15% तक महंगे हो सकते हैं टैरिफ प्लान
रिसर्च रिपोर्ट के मुताबिक, दूरसंचार बाजार में मुख्य रूप से 3+1 कंपनियों की मौजूदगी के चलते कीमतें बढ़ाने के लिए परिस्थितियां काफी मुफीद हो चुकी हैं। इसी आधार पर यह अनुमान लगाया गया है कि आने वाले चार से पांच महीनों के दौरान कंपनियां दरों में 12 से 15 फीसदी तक की नई बढ़ोतरी लागू कर सकती हैं। यदि यह फैसला लागू होता है, तो सामान्य ग्राहकों को अपने कॉलिंग और डेटा पैक्स के नवीनीकरण के लिए पहले की तुलना में अधिक भुगतान करना पड़ेगा।
Q2FY27 में टेलीकॉम ऑपरेटर्स के ARPU में बढ़ोतरी की संभावना
वित्तीय प्रदर्शन के मोर्चे पर रिपोर्ट में बताया गया है कि Q2FY27 में प्रमुख कंपनियों—भारती एयरटेल, रिलायंस जियो और वोडाफोन आइडिया लिमिटेड (VIL)—के प्रति यूजर औसत रेवेन्यू (ARPU) में तिमाही-दर-तिमाही (QoQ) आधार पर 0.8 से 2.0 प्रतिशत तक का इजाफा देखा जा सकता है।
इस वित्तीय सुधार के पीछे मुख्य रूप से निम्नलिखित कारण बताए गए हैं:
- 2G नेटवर्क से 4G और 5G नेटवर्क पर ग्राहकों का लगातार ट्रांसफर
- पोस्टपेड यूजर्स की संख्या में वृद्धि
- तिमाही अवधि में दिनों की अधिक संख्या
इसके अलावा, रिपोर्ट में यह भी इंगित किया गया है कि वोडाफोन आइडिया को होने वाले नुकसान का लाभ उठाकर रिलायंस जियो और भारती एयरटेल अपने सब्सक्राइबर मार्केट शेयर में लगातार विस्तार कर रहे हैं।
रिलायंस जियो: 80 लाख नए यूजर्स और ARPU में वृद्धि का अनुमान
रिलायंस जियो को लेकर रिपोर्ट में अनुमान है कि कंपनी तिमाही आधार पर करीब 8 मिलियन (80 लाख) नए वायरलेस यूजर्स जोड़ सकती है।
- कुल ग्राहक संख्या: इस बढ़त के साथ कंपनी का यूजर बेस 541 मिलियन (54.1 करोड़) तक पहुंच जाएगा।
- ARPU: प्रति यूजर औसत रेवेन्यू तिमाही आधार पर 1 प्रतिशत बढ़कर 218 रुपये प्रति माह होने का अनुमान है।
- रेवेन्यू ग्रोथ: 5G FWA सेवाओं के विस्तार और तिमाही में दिनों की संख्या ज्यादा होने से कंपनी के राजस्व में 2.6 प्रतिशत की तिमाही वृद्धि संभावित है।
- नेटवर्क विस्तार: जियो 95 प्रतिशत से अधिक जिलों में 5G नेटवर्क पहुंचा चुकी है और अधिक 5G डिवाइसेज को नेटवर्क से जोड़ने पर केंद्रित है।
भारती एयरटेल: इंडस्ट्री में सबसे ज्यादा ARPU बरकरार रहने की उम्मीद
भारती एयरटेल द्वारा तिमाही आधार पर लगभग 3 मिलियन (30 लाख) नए भारतीय वायरलेस ग्राहक जोड़ने का अनुमान लगाया गया है।
- कुल ग्राहक संख्या: कंपनी के ग्राहकों की कुल संख्या बढ़कर 38 करोड़ (380 मिलियन) होने की संभावना है।
- ARPU: 2G से 4G में लगातार माइग्रेशन के दम पर एयरटेल का ARPU 2.0 प्रतिशत बढ़कर 269 रुपये प्रति माह हो सकता है, जो पूरे टेलीकॉम सेक्टर में सर्वाधिक है।
- रेवेन्यू ग्रोथ: कंपनी के राजस्व में तिमाही-दर-तिमाही करीब 3.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हो सकती है।
- नेटवर्क विस्तार: एयरटेल की 5G सर्विस भी 95 फीसदी से ज्यादा जिलों में पहुंच चुकी है।
वोडाफोन आइडिया (VIL): फंड जुटाने और 5G नेटवर्क विस्तार पर नजर
वोडाफोन आइडिया के संबंध में अनुमान है कि कंपनी तिमाही आधार पर 10 लाख (1 मिलियन) ग्राहक जोड़कर 19.4 करोड़ (194 मिलियन) के आंकड़े तक पहुंचेगी।
- ARPU: कंपनी का ब्लेंडेड ARPU तिमाही आधार पर करीब 0.8 प्रतिशत बढ़कर 178 रुपये प्रति माह होने का अनुमान है।
- 5G सर्विस: VIL की 5G सेवाएं वर्तमान में लगभग 200 शहरों में उपलब्ध हैं और कंपनी इसका दायरा बढ़ा रही है।
- फंडिंग प्रक्रिया: VIL वित्त वर्ष 27E-29E के लिए 450 अरब रुपये के कैपेक्स (पूंजीगत व्यय) कार्यक्रम के तहत बैंकों के साथ 250 अरब रुपये जुटाने के लिए बातचीत कर रही है।
इंडस टावर्स और टाटा कम्युनिकेशंस के वित्तीय आंकड़े
टेलीकॉम ऑपरेटर्स के अलावा संबंधित इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल सेवा कंपनियों के लिए भी सकारात्मक अनुमान जारी किए गए हैं:
- इंडस टावर्स: VIL द्वारा नेटवर्क कवरेज और क्षमता बढ़ाने के प्रयासों तथा को-लोकेशन में 1.5 प्रतिशत QoQ वृद्धि के चलते इंडस टावर्स के रेवेन्यू में तिमाही आधार पर करीब 1.7 प्रतिशत की बढ़त होने की संभावना है।
- टाटा कम्युनिकेशंस: डिजिटल प्लेटफॉर्म और डेटा सेगमेंट की सेवाओं के बेहतर प्रदर्शन से कंपनी का राजस्व तिमाही आधार पर 1.6 प्रतिशत बढ़ सकता है। साथ ही इसका EBITDA मार्जिन 61 बेसिस प्वाइंट सुधरकर 19.3 प्रतिशत पहुंचने का अनुमान है।
साभार: सेंट्रम इंस्टीट्यूशनल रिसर्च


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