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श्रद्धा दुबे की 11 दिन की फरारी का पूरा घटनाक्रम: नेपाल से नागपुर तक बदले ठिकाने, ऐसे पुलिस के हत्थे चढ़ी


श्रद्धा दुबे 11 दिन तक फरार रहने के बाद 20 अक्टूबर को नागपुर में गिरफ्तार हुई। जानिए नेपाल से नागपुर तक का पूरा घटनाक्रम।

लखनऊ के कारोबारी शिवा शर्मा की मौत के मामले में आरोपी श्रद्धा दुबे को 11 दिनों तक तलाशने के बाद 20 अक्टूबर को लखनऊ पुलिस, उत्तर प्रदेश एसटीएफ और नागपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, फरारी के दौरान श्रद्धा नेपाल से उत्तर प्रदेश लौटी और रायबरेली, लखनऊ तथा आगरा होते हुए नागपुर पहुंची। इस दौरान उसके ठिकाने बदलने, मोबाइल फोन के इस्तेमाल में सावधानी बरतने और पहचान छिपाकर सफर करने की बातें सामने आई हैं।

शिवा शर्मा की मौत के बाद कहां गायब हुई श्रद्धा दुबे?

शिवा शर्मा की मौत 9 अक्टूबर की रात हुई थी। इसके बाद श्रद्धा दुबे फरार हो गई। अगले दिन वह अपनी स्कॉर्पियो से बहराइच के रूपईडीहा स्थित भारत-नेपाल सीमा तक पहुंची। वहां गाड़ी छोड़ने के बाद 10 अक्टूबर की सुबह नेपाल में दाखिल हो गई। इसके बाद उसकी गतिविधियों का पता लगाने में पुलिस को मुश्किलों का सामना करना पड़ा।

11 अक्टूबर को नेपाल के महेंद्रनगर इलाके में श्रद्धा दुबे ई-रिक्शा से जाती हुई सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दी। उसके साथ उसकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर तनवीर अली उर्फ दानिश भी मौजूद थे। इसके बाद तीनों के नेपाल के दांग जिले पहुंचने की जानकारी सामने आई।

सूत्रों के मुताबिक, दांग में श्रद्धा ने कुछ समय के लिए अपना मोबाइल फोन चालू किया और फिर उसे बंद कर दिया। इसके बाद नेपाली सिम कार्ड के जरिए संपर्क बनाए रखने की बात सामने आई। पुलिस के लिए चुनौती यह पता लगाना था कि वह किस स्थान पर मौजूद है और किन लोगों के संपर्क में है।

तीन आईफोन और फेसटाइम के इस्तेमाल की बात आई सामने

श्रद्धा दुबे की फरारी के दौरान मोबाइल फोन और डिजिटल संपर्क के तरीकों को लेकर भी कई जानकारियां सामने आईं। सूत्रों के अनुसार, संपर्क के लिए तीन आईफोन का इस्तेमाल किया गया और फेसटाइम के जरिए बातचीत की गई। अलग-अलग शहरों में आवाजाही के बीच उसकी वास्तविक लोकेशन का पता लगाना जांच टीम के लिए महत्वपूर्ण चुनौती बना रहा।

पुलिस के मुताबिक, श्रद्धा निजी गाड़ियों और टैक्सियों से सफर करती रही। रास्ते में वाहन बदलने और दूसरे लोगों की मदद से होटल बुक कराने की जानकारी भी सामने आई। बताया गया कि 11 दिनों की फरारी के दौरान वह पांच अलग-अलग होटलों में रुकी थी।

हालांकि, मोबाइल फोन, सिम कार्ड और दूसरे संपर्क माध्यमों के इस्तेमाल से जुड़ी सभी जानकारियों की पूरी तस्वीर पूछताछ और जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल पुलिस के सामने उसके सफर और संपर्कों से संबंधित अलग-अलग सुरागों को जोड़ने की चुनौती रही।

नेपाल से लौटकर रायबरेली पहुंची श्रद्धा, फिर लखनऊ में दिया इंटरव्यू

जानकारी के मुताबिक, श्रद्धा दुबे ने 15 अक्टूबर को नेपाल छोड़ा और कुशीनगर के रास्ते उत्तर प्रदेश में दाखिल हुई। 16 अक्टूबर को वह रायबरेली पहुंची। यहां बस स्टेशन के पास वाहन बदलने और फिर दूसरी गाड़ी से आगे जाने की बात सामने आई।

इसके बाद श्रद्धा लखनऊ पहुंची और एक न्यूज एजेंसी को इंटरव्यू दिया। इस दौरान उसने खुद को बेगुनाह बताया और शिवा शर्मा की मौत के मामले में अपना पक्ष रखा। जिस समय पुलिस उसकी तलाश कर रही थी, उसी दौरान वह मीडिया के सामने आकर अपनी बात रख रही थी।

श्रद्धा के लखनऊ के वीवीआईपी इलाके में इंटरव्यू देने और वीवीआईपी रास्तों से गुजरने की जानकारी भी सामने आई। इसके अलावा उसने हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए जरूरी प्रक्रिया भी पूरी की थी।

नेपाल से उत्तर प्रदेश लौटने के बाद उसके अलग-अलग स्थानों पर पहुंचने और सार्वजनिक रूप से सामने आने के घटनाक्रम ने जांच को और जटिल बनाया। पुलिस को उसके सफर की कड़ियों को जोड़ने के लिए विभिन्न स्रोतों से मिली जानकारी पर काम करना पड़ा।

लखनऊ से आगरा पहुंची श्रद्धा, ओम पैलेस होटल में रुकी

लखनऊ से निकलने के बाद श्रद्धा दुबे आगरा पहुंची। जानकारी के अनुसार, वह अपनी बहन रश्मि और सहयोगियों के साथ आगरा के ओम पैलेस होटल में करीब 24 घंटे तक रुकी थी। उसके बुर्के में होटल पहुंचने और पहचान छिपाने की बात भी सामने आई।

होटल में कथित तौर पर गलत पहचान का इस्तेमाल करके प्रवेश करने का दावा किया गया। आगरा में श्रद्धा की एक वकील से मुलाकात होने की जानकारी भी सामने आई है। हालांकि, इस मुलाकात का उद्देश्य क्या था और इसमें किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं, यह जांच का विषय है।

पुलिस को आगरा में उसके ठहरने की जानकारी मिलने की बात कही गई है। हालांकि, पुलिस टीम संभावित ठिकाने पर पहुंचती, उससे पहले ही श्रद्धा वहां से निकल चुकी थी। इसके बाद उसकी तलाश का दायरा महाराष्ट्र तक बढ़ गया।

आगरा से नागपुर जाने के लिए टैक्सी का सहारा

आगरा से निकलने के बाद श्रद्धा दुबे ने नागपुर जाने के लिए टैक्सी बुक की। इस सफर से जुड़ी जानकारी के मुताबिक, वह अपनी बहन रश्मि और ड्राइवर तनवीर अली उर्फ दानिश के साथ झांसी के रास्ते नागपुर पहुंची।

आगरा में एक ड्राइवर के मोबाइल नंबर से किसी व्यक्ति को व्हाट्सऐप कॉल किए जाने की बात भी सामने आई। बताया गया कि कॉल करने के बाद ड्राइवर के फोन से संबंधित डायल नंबर हटा दिया गया था। पुलिस को इसी संपर्क से जुड़ा एक सुराग मिला, जिसके आधार पर उस व्यक्ति का पता लगाने की कोशिश की गई, जिससे कॉल की गई थी। इसके बाद जांच आगे बढ़ी और पुलिस नागपुर तक पहुंची।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, आगरा से नागपुर के सफर के दौरान श्रद्धा और उसके साथ मौजूद लोगों ने अपने सामान्य मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं किया। संपर्क के लिए दूसरे फोन का सहारा लेने की जानकारी भी सामने आई।

नागपुर में किराए के फ्लैट में ठहरे थे तीनों

नागपुर पहुंचने के बाद श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि और ड्राइवर तनवीर अली उर्फ दानिश एक अपार्टमेंट की 11वीं मंजिल पर स्थित किराए के फ्लैट में ठहरे हुए थे। पुलिस ने अलग-अलग शहरों से मिले सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल जानकारियों और स्थानीय स्तर पर जुटाए गए सुरागों को जोड़कर उनकी लोकेशन का पता लगाया।

जांच के दौरान नेपाल में ई-रिक्शा से जुड़े सीसीटीवी फुटेज को भी महत्वपूर्ण सुराग बताया गया। इसके अलावा अलग-अलग स्थानों पर उनकी आवाजाही और संपर्क से संबंधित जानकारियों की पड़ताल की गई।

नेपाल सीमा से शुरू हुई तलाश के दौरान पुलिस को कई शहरों में फैले घटनाक्रम की कड़ियां जोड़नी पड़ीं। उत्तर प्रदेश से महाराष्ट्र तक की गतिविधियों की जानकारी जुटाने के बाद पुलिस टीम नागपुर में उनके ठिकाने तक पहुंची।

20 अक्टूबर को संयुक्त कार्रवाई में हुई गिरफ्तारी

20 अक्टूबर को लखनऊ पुलिस, उत्तर प्रदेश एसटीएफ और नागपुर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर तनवीर अली उर्फ दानिश को गिरफ्तार कर लिया गया।

इस गिरफ्तारी के साथ ही शिवा शर्मा की मौत के मामले में श्रद्धा की 11 दिनों की फरारी का घटनाक्रम एक नए चरण में पहुंच गया। अब जांच में उसके सफर, अलग-अलग शहरों में ठहरने के स्थानों, इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन और संपर्कों से संबंधित पहलुओं की पड़ताल महत्वपूर्ण होगी।

पुलिस की जांच में यह भी पता लगाने की जरूरत है कि फरारी के दौरान श्रद्धा किन लोगों के संपर्क में थी और उसे किन लोगों से सहायता मिली। हालांकि, किसी व्यक्ति की भूमिका और सहायता से जुड़े दावों की पुष्टि जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही हो सकेगी।

ADG अमिताभ यश ने क्या जानकारी दी?

इस मामले में एडीजी अमिताभ यश की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, श्रद्धा दुबे को पुलिस की कार्यप्रणाली और अदालत में सबूत पेश करने की प्रक्रिया की समझ थी। शिवा शर्मा के कई वीडियो उसके पास होने और उनकी मौत के बाद वीडियो जारी किए जाने की बात भी सामने आई है।

जांच एजेंसियों के सामने अब यह पता लगाने का सवाल है कि श्रद्धा के पास मौजूद वीडियो का मामले से क्या संबंध है और फरारी के दौरान वह किन लोगों से संपर्क में थी। इसके साथ ही पुलिस को यह भी स्पष्ट करना होगा कि उसके सफर और ठहरने के इंतजामों में किस-किस की भूमिका रही।

श्रद्धा के पुलिस की कार्यप्रणाली से परिचित होने की जानकारी इस मामले की जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू है। हालांकि, केवल इस जानकारी के आधार पर यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि उसकी फरारी में किसी व्यक्ति ने पुलिस की गतिविधियों के बारे में उसे जानकारी दी थी।

श्रद्धा की फरारी के दौरान तीन पुलिस अधिकारियों पर हुई कार्रवाई

श्रद्धा दुबे की 11 दिनों की फरारी के दौरान लखनऊ पुलिस की कार्यप्रणाली भी चर्चा में रही। नेपाल सीमा से लेकर रायबरेली, लखनऊ, आगरा और नागपुर तक फैले घटनाक्रम में उसकी लोकेशन का पता लगाने के लिए कई तरह के सुरागों का सहारा लिया गया।

कहीं सीसीटीवी फुटेज से जानकारी मिली, तो कहीं मोबाइल गतिविधियों और स्थानीय स्तर पर जुटाए गए इनपुट के आधार पर जांच आगे बढ़ी। इस दौरान लखनऊ पुलिस के अधिकारियों पर दबाव बढ़ा और मामले में तीन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी हुई।

श्रद्धा की गिरफ्तारी के बाद जांच का अगला चरण उसके फरार रहने के दौरान की गतिविधियों को विस्तार से समझना है। इसमें उसके ठहरने के स्थानों, यात्रा के साधनों, संपर्क में रहे लोगों और संभावित मददगारों की भूमिका का पता लगाना शामिल है।

श्रद्धा दुबे को फरारी में किसने मदद पहुंचाई?

श्रद्धा दुबे की गिरफ्तारी के बाद सबसे अहम सवालों में से एक यह है कि 11 दिनों तक फरार रहने के दौरान उसे किस-किस व्यक्ति से मदद मिली। नेपाल से नागपुर तक लगातार ठिकाने बदलने, अलग-अलग फोन के इस्तेमाल और पहचान छिपाकर सफर करने से संबंधित जानकारियां सामने आई हैं। हालांकि, इन गतिविधियों में शामिल लोगों की भूमिका की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

पुलिस को उसके सफर का पता लगाने के लिए सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल साक्ष्यों और स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी को जोड़ना पड़ा। आगरा से नागपुर तक पहुंचने में इस्तेमाल किए गए संपर्कों से जुड़ा सुराग भी जांच में महत्वपूर्ण बताया गया है।

अब यह पता लगाना जरूरी होगा कि होटल में ठहरने, टैक्सी से सफर करने और अलग-अलग शहरों में संपर्क बनाए रखने के दौरान किन लोगों ने उसकी सहायता की। इसके अलावा, यह भी जांच का विषय है कि फरारी के दौरान उसे किसी तरह की कानूनी सलाह या अन्य सहायता मिली थी या नहीं।

श्रद्धा दुबे की गिरफ्तारी के बाद शिवा शर्मा की मौत के मामले में पूछताछ और जांच से आगे के तथ्य सामने आने की उम्मीद है। फिलहाल, पुलिस के सामने फरारी के पूरे घटनाक्रम को स्पष्ट करने और उससे जुड़े लोगों की भूमिका की पुष्टि करने की चुनौती है।


साभार: मीडिया रिपोर्ट्स 

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