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फीमेल लीड फिल्मों को बॉक्स ऑफिस पर क्यों नहीं मिलती कामयाबी? राधिका आप्टे ने बताई ये वजह


राधिका आप्टे ने बताया कि आलिया-दीपिका जैसी अभिनेत्रियों के बिना फीमेल लीड फिल्मों को बॉक्स ऑफिस पर किन चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।

बॉलीवुड अभिनेत्री राधिका आप्टे ने फीमेल लीड फिल्मों के बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन को लेकर अपनी राय रखी है। उनका मानना है कि आज भी महिला केंद्रित फिल्मों को दर्शकों तक पहुंचने और सिनेमाघरों में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। राधिका के मुताबिक, आलिया भट्ट और दीपिका पादुकोण जैसी अभिनेत्रियों को छोड़ दें तो महिला प्रधान फिल्मों को लेकर दर्शकों के मन में अक्सर भ्रम बना रहता है, जिसके कारण अच्छी फिल्मों को भी अपेक्षित सफलता नहीं मिल पाती।

राधिका आप्टे ने फीमेल लीड फिल्मों की चुनौतियों पर क्या कहा?

राधिका आप्टे अपने अभिनय के लिए जानी जाती हैं। फिल्मों के साथ-साथ ओटीटी प्लेटफॉर्म पर भी उनके काम को सराहना मिली है। वह कई फिल्मों में मुख्य भूमिका निभा चुकी हैं, लेकिन महिला प्रधान फिल्मों को बॉक्स ऑफिस पर मिलने वाली कामयाबी को लेकर उनकी चिंता सामने आई है। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने इस विषय पर अपनी बात रखी।

राधिका का मानना है कि मौजूदा दौर में भी महिला केंद्रित फिल्मों के लिए सिनेमाघरों में दर्शक जुटाना आसान नहीं है। ऐसी फिल्मों को कई तरह की चुनौतियों से गुजरना पड़ता है। उनके अनुसार, कुछ चुनिंदा अभिनेत्रियों को छोड़कर बाकी महिला कलाकारों की मुख्य भूमिका वाली फिल्मों को बॉक्स ऑफिस पर अपनी जगह बनाने के लिए अधिक संघर्ष करना पड़ता है।

आलिया भट्ट और दीपिका पादुकोण की फिल्मों का किया जिक्र

राधिका आप्टे ने इस संदर्भ में आलिया भट्ट और दीपिका पादुकोण का जिक्र किया। उनके मुताबिक, इन अभिनेत्रियों की फिल्मों को अलग रखने पर महिला प्रधान फिल्मों के प्रति दर्शकों का नजरिया एक चुनौती बना रहता है।

उन्होंने कहा कि किसी फिल्म में मजबूत कहानी और अच्छे अभिनय के बावजूद दर्शकों के बीच उसे लेकर पर्याप्त उत्साह पैदा नहीं हो पाता। इसका असर फिल्म के बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन पर भी दिखाई देता है। राधिका के अनुसार, दर्शकों की यह धारणा महिला केंद्रित फिल्मों की सफलता के रास्ते में बाधा बन सकती है।

अच्छी कहानी और अभिनय के बावजूद क्यों पिछड़ जाती हैं फिल्में?

राधिका आप्टे की राय में किसी फिल्म की गुणवत्ता और कलाकारों के प्रदर्शन की तारीफ होना ही बॉक्स ऑफिस पर सफलता की गारंटी नहीं है। महिला प्रधान फिल्मों के मामले में यह अंतर अधिक स्पष्ट दिखाई दे सकता है। फिल्म अच्छी होने और अभिनय की सराहना मिलने के बावजूद सिनेमाघरों में उसका प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहता।

उन्होंने यह भी बताया कि ऐसी परिस्थितियों में फिल्म निर्माताओं को दर्शकों की दिलचस्पी बढ़ाने के लिए पुरुष अभिनेताओं को शामिल करने की जरूरत महसूस हो सकती है। इससे फिल्म को लेकर दर्शकों में उत्सुकता पैदा करने में मदद मिल सकती है। राधिका की टिप्पणी महिला केंद्रित फिल्मों के सामने मौजूद उन चुनौतियों की ओर इशारा करती है, जिनका सामना उन्हें बॉक्स ऑफिस पर करना पड़ता है।

थिएटर हो या ओटीटी, राधिका आप्टे की प्राथमिकता क्या है?

राधिका आप्टे ने यह भी स्पष्ट किया कि उनके लिए किसी एक प्लेटफॉर्म से जुड़ाव जरूरी नहीं है। वह चाहती हैं कि उनकी फिल्में किसी भी माध्यम से दर्शकों तक पहुंचें और लोगों का मनोरंजन करें। उनके लिए थिएटर और ओटीटी दोनों ही अपनी कहानियों को दर्शकों के सामने लाने के माध्यम हैं।

राधिका की कई फिल्में और सीरीज ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज हो चुकी हैं और उन्हें दर्शकों से सराहना भी मिली है। डिजिटल माध्यम पर उनके काम को मिली पहचान के बावजूद अभिनेत्री की प्राथमिकता यही है कि उनकी फिल्मों को अधिक से अधिक लोग देखें।

कीर्ति सुरेश की फिल्म 'अक्का' में नजर आएंगी राधिका आप्टे

कामकाज की बात करें तो राधिका आप्टे अब कीर्ति सुरेश की फिल्म 'अक्का' में नजर आएंगी। यह एक सीरीज होगी, जिसे 30 अक्टूबर 2026 को रिलीज किया जाएगा।

इससे पहले राधिका की फिल्म 'सिस्टर्स मिडनाइट' वर्ष 2025 में रिलीज हुई थी। इस फिल्म की चर्चा विदेशों तक हुई थी। राधिका लगातार फिल्मों और डिजिटल प्रोजेक्ट्स के जरिए दर्शकों के सामने अपने अभिनय का प्रदर्शन कर रही हैं।

महिला प्रधान फिल्मों की बॉक्स ऑफिस पर सफलता को लेकर राधिका आप्टे का बयान इस बात पर केंद्रित है कि अच्छी कहानी और अभिनय के साथ-साथ दर्शकों की रुचि भी किसी फिल्म के प्रदर्शन में अहम भूमिका निभाती है।


साभार: मीडिया रिपोर्ट्स 

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