लखनऊ कैसरबाग कचहरी में हाईकोर्ट के आदेश पर 245 वकीलों के चैंबर ध्वस्त, कार्रवाई के विरोध में वकीलों ने किया प्रदर्शन।
लखनऊ की कैसरबाग कचहरी में रविवार को हाईकोर्ट के निर्देश पर नगर निगम ने 245 चिह्नित अवैध वकीलों के चैंबरों को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल और पीएसी तैनात रही। चैंबर टूटते देख वकीलों ने विरोध प्रदर्शन किया और उत्तर प्रदेश सरकार तथा जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। वकीलों ने कहा कि वे 15 से 20 साल से इन चैंबरों में बैठ रहे थे और यही उनकी रोजी-रोटी का साधन थे।
लखनऊ कचहरी में अवैध चैंबरों पर नगर निगम की कार्रवाई
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित कैसरबाग कचहरी में रविवार को अवैध चैंबरों को हटाने के लिए नगर निगम की टीम पहुंची। यह कार्रवाई हाईकोर्ट के निर्देश पर की गई। नगर निगम ने कार्रवाई से पहले 245 चैंबरों को चिह्नित किया था। संबंधित वकीलों को नोटिस भी जारी किए गए थे।
रविवार को जब नगर निगम की टीम बुलडोजर लेकर मौके पर पहुंची, तो कचहरी परिसर में हलचल बढ़ गई। कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी मौजूद रहे। चिह्नित क्षेत्र से लोगों को बाहर निकालने के बाद अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया पूरी की गई।
245 चैंबरों को किया गया ध्वस्त, मौके पर भारी पुलिस बल तैनात
नगर निगम की टीम ने चिह्नित 245 चैंबरों को बुलडोजर से गिरा दिया। कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे।
एडीसीपी के नेतृत्व में कई थानों की पुलिस फोर्स तैनात की गई थी। इसके अलावा पीएसी की कंपनियों को भी मौके पर लगाया गया था। सुरक्षा बलों की मौजूदगी में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जारी रही।
चैंबर टूटने से नाराज वकीलों ने किया प्रदर्शन
एक तरफ कचहरी परिसर में बुलडोजर से चैंबर हटाए जा रहे थे, वहीं दूसरी ओर वकीलों ने कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन शुरू कर दिया। वकीलों ने नगर निगम और पुलिस की कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शन कर रहे वकीलों ने उत्तर प्रदेश सरकार और लखनऊ जिला प्रशासन के खिलाफ भी विरोध दर्ज कराया। उनका कहना था कि इन चैंबरों को हटाने से पहले उनके बैठने और काम करने के लिए उचित व्यवस्था की जानी चाहिए थी।
वकीलों का सवाल, बैठने की वैकल्पिक व्यवस्था क्यों नहीं हुई?
वकीलों ने कहा कि उन्हें नगर निगम की कार्रवाई से आपत्ति नहीं है, लेकिन प्रशासन को चैंबर हटाने से पहले उनके लिए बैठने की ठोस व्यवस्था करनी चाहिए थी। उनके मुताबिक, वे पिछले 15 से 20 वर्षों से इन चैंबरों में बैठकर अपना काम कर रहे थे।
वकीलों ने इन चैंबरों को अपनी आजीविका से जोड़ते हुए कहा कि ये केवल बैठने की जगह नहीं, बल्कि उनके कामकाज और रोजी-रोटी का जरिया थे। कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में वकील मौके पर मौजूद रहे और अपनी आंखों के सामने चैंबरों को टूटते देखते रहे।
चैंबर ध्वस्त होते देख भावुक हुईं महिला वकील
कार्रवाई के दौरान कचहरी परिसर में तनावपूर्ण माहौल बन गया। चैंबरों को ध्वस्त होते देख एक महिला वकील फूट-फूटकर रोने लगीं। वहीं, अन्य वकील भी कार्रवाई को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर करते रहे।
विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी के बीच प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी। भारी पुलिस बल और पीएसी की तैनाती के बीच नगर निगम ने चिह्नित चैंबरों को हटाने की कार्रवाई पूरी की।
हाईकोर्ट के निर्देश पर हुई कार्रवाई, वकीलों ने जताई नाराजगी
लखनऊ की कैसरबाग कचहरी में हुई इस कार्रवाई में एक ओर हाईकोर्ट के निर्देश पर चिह्नित अवैध चैंबरों को हटाया गया, तो दूसरी ओर वकीलों ने उनके लिए वैकल्पिक व्यवस्था नहीं किए जाने का मुद्दा उठाया। नगर निगम की टीम ने 245 चैंबरों को ध्वस्त किया, जबकि वकीलों ने धरना-प्रदर्शन और नारेबाजी के जरिए अपना विरोध दर्ज कराया।
साभार: मीडिया रिपोर्ट्स


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