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लखनऊ ट्रिपल मर्डर: पहले बरसाए पत्थर-लाठियां, फिर सरेआम 3 की गोली मारकर हत्या; आरोपी ऋषभ शुक्ला की 3 बहनें भी गिरफ्तार


लखनऊ ट्रिपल मर्डर केस में ऋषभ शुक्ला समेत चार गिरफ्तार। कार पार्किंग विवाद में शिवाजी तिवारी, बेटे और भाई की हत्या।

लखनऊ के सआदतगंज स्थित ब्राह्मणी टोला में कार पार्किंग और बरगद के पेड़ के नीचे चबूतरा बनाने को लेकर शुरू हुआ विवाद तीन हत्याओं में बदल गया। सोमवार दोपहर शिवाजी तिवारी (62), उनके बेटे सुयश (30) और भाई शिवेंद्र (55) की गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने मुख्य आरोपी ऋषभ शुक्ला समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में ऋषभ की तीन बहनें भी शामिल हैं। मामले में आठ लोगों को नामजद किया गया है।

Lucknow Triple Murder Case: पार्किंग विवाद में तीन लोगों की हत्या

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के सआदतगंज क्षेत्र में हुई इस वारदात ने स्थानीय लोगों को स्तब्ध कर दिया। ब्राह्मणी टोला मोहल्ले में रहने वाले दो पक्षों के बीच कार पार्किंग और बरगद के पेड़ के नीचे चबूतरा बनाने को लेकर करीब एक महीने से विवाद चल रहा था। सोमवार को यह विवाद हिंसक हो गया और तीन लोगों की जान चली गई।

मृतकों की पहचान शिवाजी तिवारी, उनके बेटे सुयश और शिवाजी के भाई शिवेंद्र के रूप में हुई है। शिवाजी की उम्र 62 वर्ष, सुयश की 30 वर्ष और शिवेंद्र की 55 वर्ष थी। मामले में मर्चेंट नेवी में काम करने वाले ऋषभ शुक्ला को मुख्य आरोपी बताया गया है।

पुलिस के मुताबिक, विवाद के दौरान दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई। इसके बाद लाठी-डंडे चलाए गए और पत्थर फेंके गए। इसी दौरान तीनों लोगों को गोली मार दी गई।

मंदिर के सामने कार खड़ी करने को लेकर शुरू हुआ विवाद

घटना सोमवार सुबह की है। शिवाजी तिवारी के बेटे सुयश की इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान बाजारखाला इलाके में थी। वहीं, शिवाजी के भाई शिवेंद्र उर्फ शंभू लखनऊ विश्वविद्यालय के न्यू कैंपस में बाबू के पद पर कार्यरत थे।

सोमवार सुबह सुयश की कार घर के पास स्थित शिवाला के सामने खड़ी थी। सुबह करीब साढ़े दस बजे शिवाजी तिवारी मंदिर में जल चढ़ाने पहुंचे थे। मंदिर से नीचे उतरते समय उनके पड़ोसी ऋषभ शुक्ला ने उन्हें आवाज देकर बुलाया।

आरोप है कि ऋषभ ने मंदिर के सामने कार खड़ी करने को लेकर आपत्ति जताई और शिवाजी से गाली-गलौज करने लगा। शिवाजी ने इसका विरोध किया तो दोनों के बीच विवाद बढ़ गया। इसी दौरान ऋषभ ने बरगद के पेड़ के नीचे चबूतरा नहीं बनाने देने की बात भी कही।

इसके बाद उसने शिवाजी को धक्का दिया और मोबाइल फोन से वीडियो बनाने लगा। शिवाजी के शोर मचाने पर उनके भाई शिवेंद्र भी मौके पर पहुंच गए।

ऋषभ की तीन बहनों पर भी गंभीर आरोप

मामले में सामने आई जानकारी के अनुसार, विवाद बढ़ने के दौरान ऋषभ ने अपनी तीनों बहनों को इशारा किया और असलहा मंगवाया। आरोप है कि इसके बाद ऋषभ के पिता, चाचा और बहनों ने दूसरे पक्ष के लोगों पर लाठी-डंडों से हमला किया।

आरोपों के मुताबिक, ऋषभ की बहनों दिव्या और प्रिया ने पथराव भी किया। इसके बाद ऋषभ ने कथित तौर पर शिवाजी तिवारी को गोली मार दी। फिर शिवेंद्र को निशाना बनाया गया।

गोली चलने की आवाज सुनकर शिवाजी के बेटे सुयश भी मौके पर पहुंचे। आरोप है कि ऋषभ ने उन्हें भी गोली मार दी। तीनों गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़े।

घटना के बाद तीनों को ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

पांच दिसंबर को होने वाली थी सुयश की शादी

इस घटना में सुयश की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। खबर के मुताबिक, सुयश की शादी पांच दिसंबर को होने वाली थी। परिवार में विवाह की तैयारियों के बीच हुई इस वारदात ने खुशियों को मातम में बदल दिया।

मृतक शिवाजी तिवारी जून महीने में स्टेनो के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। उनके बेटे सुयश और भाई शिवेंद्र की भी इस घटना में जान चली गई।

आठ लोगों के खिलाफ नामजद शिकायत

शिवेंद्र की पत्नी रुचि तिवारी की शिकायत के आधार पर पुलिस ने आठ लोगों को नामजद किया है। इनमें राजेश शुक्ला, ऋषभ शुक्ला, गिरीश शुक्ला, दिनेश शुक्ला, मुन्ना शुक्ला, दिव्या शुक्ला, प्रिया और अदिति के नाम शामिल हैं।

पुलिस के अनुसार, दिनेश शुक्ला आरोपी ऋषभ के पिता हैं, जबकि राजेश शुक्ला उसके चाचा हैं। मामले में गिरीश शुक्ला के साथ दिव्या शुक्ला, प्रिया और अदिति के खिलाफ भी हत्या का मामला दर्ज किए जाने की जानकारी दी गई है।

पुलिस ने इस मामले में तीन युवतियों समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में ऋषभ शुक्ला और उसकी तीनों बहनें शामिल हैं। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है।

इसके अलावा, संबंधित लोगों के खिलाफ गुंडा एक्ट के तहत भी मामला दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है।

घटनास्थल पर पहुंची पुलिस और फॉरेंसिक टीम

तीन लोगों की हत्या की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और फॉरेंसिक टीम की मदद से साक्ष्य जुटाए।

पुलिस कमिश्नर तरुण गाबा समेत कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का जायजा लिया। वारदात के बाद मोहल्ले में तनाव की स्थिति को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया।

फिलहाल, ट्रिपल मर्डर मामले में पुलिस की जांच जारी है। कार पार्किंग और चबूतरा निर्माण को लेकर शुरू हुए विवाद के बाद हुई इस वारदात में तीन लोगों की जान चली गई, जबकि आरोपी पक्ष के चार लोगों की गिरफ्तारी की गई है।


साभार: मीडिया रिपोर्ट्स 

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