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‘जनता ने कांग्रेस को क्यों नकारा?’ SIR विवाद के बीच मंत्री गौरव गौतम ने विपक्ष से पूछे तीखे सवाल


गुरुग्राम में गौरव गौतम ने SIR पर कांग्रेस को घेरा। चुनाव आयोग की विश्वसनीयता और तमिलनाडु-बंगाल में पार्टी की स्थिति पर उठाए सवाल।

गुरुग्राम। हरियाणा सरकार के खेल एवं युवा राज्य मंत्री गौरव गौतम ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कांग्रेस और विपक्षी दलों पर निशाना साधा है। भाजपा के ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत गुरुग्राम में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस इस प्रक्रिया को लेकर जनता में भ्रम फैला रही है और चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल उठाकर संवैधानिक संस्थाओं के प्रति लोगों के विश्वास को कमजोर करने का प्रयास कर रही है।

SIR को लेकर कांग्रेस पर बरसे गौरव गौतम

भारतीय जनता पार्टी के ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत बुधवार को गुरुग्राम स्थित भाजपा जिला कार्यालय गुरुकमल में प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इसमें हरियाणा सरकार के खेल एवं युवा राज्य मंत्री गौरव गौतम ने SIR के मुद्दे पर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों की भूमिका पर सवाल उठाए।

गौरव गौतम ने कहा कि मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण लोकतांत्रिक और चुनावी प्रक्रिया का अहम हिस्सा है। इसका उद्देश्य पात्र मतदाताओं के नाम सुनिश्चित करना और मतदाता सूची में मौजूद गलतियों को दूर करना है। उनके अनुसार, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव के लिए मतदाता सूची का सटीक होना जरूरी है।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस इस प्रक्रिया को राजनीतिक विवाद का रूप देकर आम लोगों के बीच बेवजह आशंकाएं पैदा कर रही है। उनके मुताबिक, मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर जनता को सही जानकारी देना चाहिए, न कि इस विषय पर भ्रम फैलाना चाहिए।

मतदाता सूची के पुनरीक्षण का उद्देश्य क्या है?

राज्य मंत्री गौरव गौतम ने कहा कि SIR का मकसद किसी पात्र नागरिक के मताधिकार को छीनना नहीं, बल्कि मतदाता सूची को अधिक सटीक, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाना है। उन्होंने कहा कि यदि किसी मतदाता को इस प्रक्रिया से जुड़ी कोई आपत्ति या समस्या होती है, तो उसके समाधान के लिए संवैधानिक और प्रशासनिक व्यवस्थाएं मौजूद हैं।

गौरव गौतम के अनुसार, राजनीतिक दलों को ऐसी स्थिति में लोगों को सही जानकारी उपलब्ध कराने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सहयोग करने की जिम्मेदारी निभानी चाहिए। उन्होंने कांग्रेस से भी यही भूमिका अपनाने की अपील की।

उन्होंने कहा कि मतदाता सूची से जुड़ी प्रक्रियाएं किसी एक राजनीतिक दल के हित के लिए नहीं, बल्कि देश के प्रत्येक नागरिक के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए होती हैं। चुनावी व्यवस्था में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना सभी राजनीतिक दलों की साझा जिम्मेदारी है।

चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने को लेकर साधा निशाना

प्रेस वार्ता में गौरव गौतम ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाने के लिए कांग्रेस की आलोचना की। उन्होंने कहा कि बिना ठोस प्रमाण के संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाने से उनके प्रति जनता का भरोसा प्रभावित हो सकता है।

राज्य मंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष को सवाल पूछने और सरकार की नीतियों की आलोचना करने का अधिकार है, लेकिन उसके सवाल तथ्यों और प्रमाणों पर आधारित होने चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक लाभ के लिए संवैधानिक संस्थाओं को विवादों में खींचना उचित नहीं है।

गौरव गौतम ने कांग्रेस की राजनीति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि पार्टी जनहित के मुद्दों के बजाय आरोपों और विरोध की राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग और मतदाता सूची से जुड़ी व्यवस्थाओं को लेकर राजनीतिक दलों को जिम्मेदारी के साथ अपनी बात रखनी चाहिए।

तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में कांग्रेस की सत्ता का किया जिक्र

गौरव गौतम ने कांग्रेस के राजनीतिक इतिहास का उल्लेख करते हुए तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में पार्टी की सत्ता से दूरी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में कांग्रेस लगभग 59 वर्षों से सत्ता में नहीं है, जबकि पश्चिम बंगाल में पार्टी लगभग 49 वर्षों से सत्ता से बाहर है।

उन्होंने ओडिशा, त्रिपुरा और उत्तर प्रदेश का भी जिक्र किया और कहा कि इन राज्यों में कांग्रेस लंबे समय से जनता का विश्वास हासिल करने में सफल नहीं रही है।

राज्य मंत्री ने कहा कि जिन राज्यों में कांग्रेस लंबे समय से सत्ता में नहीं है, वहां पार्टी को अपनी राजनीतिक स्थिति और चुनावी प्रदर्शन पर आत्ममंथन करना चाहिए। उनके अनुसार, चुनावों में मिली हार के कारणों पर विचार करने के बजाय चुनावी संस्थाओं और प्रक्रियाओं पर आरोप लगाना उचित नहीं है।

चुनावी हार के कारणों पर आत्ममंथन करने की दी नसीहत

गौरव गौतम ने कहा कि लोकतंत्र में जनता का फैसला सर्वोपरि होता है और हर राजनीतिक दल को जनादेश का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस से सवाल किया कि जिन राज्यों में पार्टी लंबे समय से सत्ता से बाहर है, वहां जनता ने उसे क्यों नकारा?

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपनी संगठनात्मक कमियों, जनसंपर्क की चुनौतियों और नीतियों से जुड़ी विफलताओं पर विचार करने के बजाय चुनाव आयोग पर सवाल उठाकर अपनी जिम्मेदारी से बचने का प्रयास कर रही है।

राज्य मंत्री ने कहा कि राजनीतिक दलों को जनता के निर्णय को स्वीकार करते हुए अपनी कमियों पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस से यह भी पूछा कि क्या हर चुनाव में जनता का फैसला गलत होता है?

प्रेस वार्ता में ये नेता रहे मौजूद

गुरुग्राम में आयोजित इस प्रेस वार्ता में भाजपा के जिला अध्यक्ष सर्वप्रिय त्यागी मौजूद रहे। उनके साथ जिला महामंत्री मनीष सैदपुर, जिला मीडिया प्रभारी अजय दुआ, जिला मीडिया सह प्रभारी पीयूष सैनी और कृतिक जैन भी उपस्थित थे।


रिपोर्ट: आकांक्षा/गुरुग्राम


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