कैंसर की 543 दवाओं की नई कीमतें 9 नवंबर 2026 से लागू होंगी। जानें 9 प्रमुख दवा ब्रांडों के दाम में कितनी कटौती हुई।
कैंसर के मरीजों के लिए दवाओं की कीमतों को लेकर अहम बदलाव किया गया है। नेशनल फार्मास्युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (NPPA) ने कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाले 543 ब्रांडों की संशोधित कीमतों की सूची जारी की है। नई दरें 9 नवंबर, 2026 से लागू होंगी। जारी आंकड़ों के मुताबिक, कुछ दवाओं की कीमतों में 70 से 89 प्रतिशत से अधिक तक की कमी दर्ज की गई है, जिससे मरीजों को इलाज के खर्च में राहत मिल सकती है।
कैंसर की 543 दवाओं की नई कीमतें जारी
कैंसर के उपचार में इस्तेमाल होने वाली दवाओं के अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) में संशोधन किया गया है। NPPA ने 543 ब्रांडों की नई कीमतों से संबंधित सूची जारी की है। यह सूची रसायन और उर्वरक मंत्रालय के फार्मास्युटिकल विभाग के अंतर्गत जारी की गई है।
प्राधिकरण के अनुसार, नई कीमतें 9 नवंबर, 2026 से प्रभावी होंगी। सूची में उन दवाओं के संशोधित मूल्य शामिल हैं, जिनकी जानकारी फार्मास्युटिकल कंपनियों ने 27 अक्टूबर, 2026 तक उपलब्ध कराई थी।
9 नवंबर से लागू होंगी नई दरें
कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली संबंधित दवाओं की संशोधित कीमतें निर्धारित तारीख से लागू होंगी। NPPA ने स्पष्ट किया है कि यह सूची अंतिम नहीं है और इसे समय-समय पर अपडेट किया जाता रहेगा।
गैर-अनुसूचित कैंसर-रोधी दवाओं की संशोधित कीमतों से जुड़ी जानकारी जैसे-जैसे प्राप्त होगी, सूची में आवश्यक बदलाव किए जाएंगे। इससे अलग-अलग दवा ब्रांडों की नई कीमतों की जानकारी उपलब्ध कराई जा सकेगी।
कैंसर की 137 दवाओं के ट्रेड मार्जिन पर भी लगाई गई सीमा
कैंसर की दवाओं की कीमतों को किफायती बनाने के लिए सरकार ने कैंसर-रोधी 137 दवाओं के ट्रेड मार्जिन को 30 प्रतिशत तक सीमित किया है। इस कदम का उद्देश्य बाजार में इन दवाओं की कीमतों को नियंत्रित करना और मरीजों के लिए उपचार का खर्च कम करने में मदद करना है।
सरकार की ओर से कीमतों की समीक्षा और ट्रेड मार्जिन को सीमित करने की पहल के तहत कैंसर के उपचार में इस्तेमाल होने वाली कई दवाओं के दाम कम किए गए हैं। हालांकि, अलग-अलग ब्रांडों में कीमतों की कटौती की मात्रा अलग-अलग है।
इन 9 कैंसर की दवाओं के दाम में सबसे ज्यादा कमी
जारी सूची में शामिल नौ दवा ब्रांडों की पुरानी और नई कीमतों की तुलना से पता चलता है कि कुछ दवाओं पर हजारों रुपये तक की कमी हुई है। इनमें ANARZOLE, Azacytin, BEVACIZAB, Dasanat 20, Debrumab 60, Enuta, ERLIB, FLUDANOX और Fulbreca शामिल हैं।
ANARZOLE की कीमत 695.76 रुपये से घटाकर 73 रुपये कर दी गई है। वहीं, Azacytin की कीमत में 4,841.96 रुपये और BEVACIZAB की कीमत में 15,837.57 रुपये की कमी दर्ज की गई है।
Debrumab 60 की कीमत में 16,090.25 रुपये की कटौती हुई है, जबकि FLUDANOX के दाम 11,803 रुपये कम किए गए हैं। Fulbreca की कीमत में 20,581.16 रुपये की कमी दर्ज की गई है, जो इस सूची में शामिल नौ ब्रांडों में सबसे अधिक रुपये की कटौती है।
पुरानी और नई कीमतों में कितना अंतर आया?
कैंसर की दवाओं की संशोधित कीमतों के तहत अलग-अलग ब्रांडों पर हुई कटौती का विवरण इस प्रकार है।
ANARZOLE: इस दवा की पुरानी कीमत 695.76 रुपये थी, जिसे घटाकर 73 रुपये कर दिया गया है। कीमत में 622.76 रुपये यानी 89.51 प्रतिशत की कमी हुई है।
Azacytin: पहले इस दवा की कीमत 6,337 रुपये थी। अब इसकी कीमत 1,495.04 रुपये निर्धारित की गई है। इस तरह कीमत में 4,841.96 रुपये यानी 76.41 प्रतिशत की कटौती हुई है।
BEVACIZAB: इस ब्रांड की कीमत 21,767.70 रुपये से घटकर 5,930.13 रुपये हो गई है। इसमें 15,837.57 रुपये यानी 72.76 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।
Dasanat 20: इसकी पुरानी कीमत 2,812.50 रुपये थी, जबकि नई कीमत 1,085.93 रुपये है। दाम में 1,726.57 रुपये यानी 61.39 प्रतिशत की कमी हुई है।
Debrumab 60: इस दवा की कीमत पहले 22,031.25 रुपये थी। संशोधन के बाद इसे 5,941 रुपये कर दिया गया है। इस प्रकार 16,090.25 रुपये यानी 73.03 प्रतिशत की कटौती हुई है।
Enuta: इस ब्रांड की कीमत 6,578.20 रुपये से घटकर 2,232 रुपये हो गई है। इसमें 4,346.20 रुपये यानी 66.07 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।
ERLIB: इसकी पुरानी कीमत 4,637.45 रुपये थी, जिसे संशोधित करके 2,008 रुपये कर दिया गया है। कीमत में 2,629.45 रुपये यानी 56.70 प्रतिशत की कमी हुई है।
FLUDANOX: इस दवा की कीमत 14,235 रुपये से घटकर 2,432 रुपये हो गई है। इसमें 11,803 रुपये यानी 82.92 प्रतिशत की कटौती दर्ज की गई है।
Fulbreca: इस ब्रांड की पुरानी कीमत 26,072.16 रुपये थी। अब इसकी कीमत 5,491 रुपये है। इस तरह 20,581.16 रुपये यानी 78.94 प्रतिशत की कमी हुई है।
दवाओं की कीमतों में कटौती से मरीजों को राहत की उम्मीद
सरकार ने जरूरी दवाओं को अधिक किफायती बनाने के उद्देश्य से कीमतों की समीक्षा और ट्रेड मार्जिन सीमित करने के कदम उठाए हैं। कैंसर के उपचार में इस्तेमाल होने वाली दवाओं के संशोधित अधिकतम खुदरा मूल्य इसी प्रक्रिया का हिस्सा हैं।
नई दरें लागू होने के बाद संबंधित दवा ब्रांडों की निर्धारित कीमतों में बदलाव होगा। इससे कैंसर के इलाज के लिए दवाएं खरीदने वाले मरीजों को खर्च में राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, वास्तविक बचत संबंधित दवा के ब्रांड और उसकी संशोधित कीमत पर निर्भर करेगी।
साभार: मीडिया रिपोर्ट्स


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