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eMudhra Security Breach: हैकर्स के निशाने पर था आपका डेटा? डिजिटल सेंधमारी पर सरकार का बड़ा एक्शन, स्पेशल टीम गठित


eMudhra सिक्योरिटी मामले में सरकार सख्त, MeitY ने बनाई जांच टीम। जानें क्या है पूरा मामला और क्या आपकी डिजिटल सुरक्षा खतरे में है।

​डिजिटल सुरक्षा प्रदाता eMudhra में एक तकनीकी खामी सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए आईटी मंत्रालय (MeitY) ने जांच के लिए स्पेशल टीम गठित कर दी है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि भारतीय वेबसाइटों पर इसका असर बेहद सीमित समय के लिए पड़ा है और eMudhra की 'डिजिटल सिग्नेचर' व 'ई-साइन' सेवाएं पूरी तरह सुरक्षित हैं। CERT-In ने एडवाइजरी जारी करते हुए लोगों से अफवाहों से बचने की सलाह दी है।

​eMudhra सिक्योरिटी मामला: क्या है पूरा विवाद?

eMudhra देश की एक प्रमुख लाइसेंस प्राप्त सर्टिफाइंग अथॉरिटी है, जो मुख्य रूप से डिजिटल सिग्नेचर (DSC), ई-साइन और वेबसाइटों के लिए SSL/TLS सेफ्टी सर्टिफिकेट जारी करती है। हाल ही में कंपनी की 'वेबसाइट सिक्योरिटी सर्टिफिकेट' सर्विस से जुड़ी एक बड़ी खामी उजागर हुई। 'वेन' (Wayne) नाम के एक स्वतंत्र सुरक्षा रिसर्चर ने AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) की मदद से खुलासा किया कि 30 अप्रैल 2025 को जनरेट की गई 8 इंटरमीडिएट सर्टिफिकेट्स की प्राइवेट कीज (Private Keys) तकनीकी गड़बड़ी के कारण बेहद कमजोर बन गई थीं। इन्हें कंप्यूटर सिस्टम के जरिए आसानी से खोजा जा सकता था।

​क्या खतरे में था यूजर्स का निजी डेटा?

इस खामी से एक बड़ा साइबर जोखिम पैदा हो सकता था। यदि हैकर्स इन कमजोर 'कीज' को डिकोड कर लेते, तो वे किसी भी असली वेबसाइट के नाम पर फर्जी डिजिटल सर्टिफिकेट बना सकते थे। इसके बाद ऐसी फर्जी वेबसाइटें तैयार की जा सकती थीं, जिन्हें वेब ब्राउजर भी सुरक्षित और असली मान लेते। ऐसी स्थिति में उस वेबसाइट पर विजिट करने वाले यूजर्स के पासवर्ड और अन्य संवेदनशील जानकारियां चोरी होने का बड़ा खतरा था। हालांकि, समय रहते इसका पता चल गया और तुरंत एप्पल (Apple), गूगल (Google), माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) और मोज़िला (Mozilla) जैसी बड़ी टेक कंपनियों को इस खतरे का अलर्ट भेज दिया गया।

​सरकार का कड़ा एक्शन, जांच टीम का गठन

इस घटना के सामने आते ही इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) हरकत में आ गया। मंत्रालय ने मामले की गहराई से जांच के लिए तुरंत एक विशेष टीम (स्पेशल टीम) का गठन किया है। इसके अलावा, भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया टीम (CERT-In) ने भी इस संबंध में एक सेफ्टी एडवाइजरी जारी की है, जिसमें सुरक्षा के जरूरी कदम बताए गए हैं। सरकार ने बताया कि जिस सर्टिफिकेट सर्विस में खामी मिली है, उसका ऑडिट 'BDO इंटरनेशनल लिमिटेड' जैसी स्वतंत्र संस्थाएं अंतरराष्ट्रीय मानकों पर करती हैं, और MeitY इस ऑडिट प्रक्रिया का हिस्सा नहीं है।

​डिजिटल सिग्नेचर और eSign सेवाएं 100% सुरक्षित

सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर फैल रहे डर और भ्रामक दावों पर सरकार ने स्थिति साफ की है। मंत्रालय ने आश्वासन दिया है कि भारतीय ऐप्स और वेबसाइट्स पर इसका प्रभाव न के बराबर रहा। सबसे अहम बात यह है कि भारतीय प्रमाणन प्राधिकरण (CCA) की निगरानी में चलने वाली eMudhra की डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (DSC) और eSign सर्विस इस घटना से पूरी तरह अछूती और सुरक्षित हैं। सरकार संबंधित पक्षों के साथ मिलकर काम कर रही है और जांच पूरी होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट साझा की जाएगी।

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​साभार: मीडिया रिपोर्ट्स 

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