दिल्ली में CJP के 'लहरा दो तिरंगा' मार्च पर रोक। पुलिस ने अभिजीत दिपके को थमाया नोटिस। कनॉट प्लेस में धारा 163 लागू, भारी पुलिस बल तैनात।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित 'लहरा दो तिरंगा' मार्च को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। शुक्रवार को 15-20 पुलिसकर्मी CJP संस्थापक अभिजीत दिपके के झंडेवालान स्थित आवास पहुंचे और बिना अनुमति मार्च न निकालने का नोटिस थमाया। कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में बीएनएसएस (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी गई है। सुरक्षा के लिए 6 हजार पुलिसकर्मी और CAPF की 220 कंपनियां तैनात हैं। वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने पार्क बंद करने के खिलाफ तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया है।
अभिजीत दिपके को थमाया गया पुलिस का नोटिस
शुक्रवार को दिल्ली पुलिस के 15 से 20 जवानों की एक टीम CJP नेता अभिजीत दिपके के झंडेवालान स्थित उनके एक दोस्त के घर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने दिपके को स्पष्ट तौर पर बिना अनुमति के कोई भी प्रदर्शन न करने का नोटिस दिया है। पुलिस का कहना है कि कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क और उसके आसपास के इलाकों में बीएनएसएस की धारा 163 लागू की गई है, जिसके चलते वहां किसी भी प्रकार के मार्च या भीड़ को इकट्ठा होने की इजाजत नहीं है। पुलिस लगातार आम लोगों से भी अपील कर रही है कि वे फिलहाल सेंट्रल पार्क की तरफ न जाएं।
क्या है 'लहरा दो तिरंगा' मार्च का पूरा विवाद?
दरअसल, CJP नेता अभिजीत दिपके ने शुक्रवार शाम 5 बजे कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में 'लहरा दो तिरंगा' मार्च निकालने का ऐलान किया था। यह प्रदर्शन CJP के सदस्य आशुतोष रांका और सौरव दास को तिरंगा फहराने के आरोप में जेल भेजे जाने के विरोध में बुलाया गया है। इसके अलावा, सौरव दास और अभिषेक द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटाने की भी मांग की जा रही है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम, चप्पे-चप्पे पर फोर्स तैनात
प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए नई दिल्ली म्युनिसिपल काउंसिल (NDMC) ने 16 और 17 अक्टूबर को आम जनता के लिए सेंट्रल पार्क को पूरी तरह से बंद कर दिया है। नई दिल्ली इलाके में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 6 हजार से ज्यादा दिल्ली पुलिस के जवान और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की 220 कंपनियां तैनात की गई हैं।
सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए कनॉट प्लेस, राजीव चौक, जंतर-मंतर, पालिका बाजार, पटेल चौक, आईटीओ और संसद मार्ग पर बैरिकेडिंग की गई है और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी जा रही है। अन्य जिलों से 5 हजार अतिरिक्त पुलिस जवानों को रिजर्व में रखा गया है। CAPF के जवान दिनभर में 3 शिफ्टों में ड्यूटी करेंगे और रात में भीड़ बढ़ने पर अतिरिक्त बल की भी व्यवस्था की गई है।
सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला, तत्काल सुनवाई से इनकार
NDMC द्वारा सेंट्रल पार्क को बंद करने के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी। हालांकि, मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्य कांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच ने इस पर तत्काल सुनवाई करने से मना कर दिया। कोर्ट ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि सभी पक्ष समझदारी से काम लेंगे।
सुनवाई के दौरान अदालत ने छोटे दुकानदारों और व्यापारियों को होने वाली परेशानी पर चिंता जताई। जस्टिस बागची ने टिप्पणी करते हुए कहा कि विरोध करने का अधिकार, मूंगफली बेचने वाले का व्यापार और कानून-व्यवस्था का मसला, ये सभी आपस में जुड़े हुए हैं। बेंच ने स्पष्ट किया कि यदि प्रशासन के कदम जरूरत से ज्यादा सख्त पाए गए और इससे व्यापारियों को नुकसान हुआ, तो अदालत हस्तक्षेप कर सकती है। इस मामले की अगली सुनवाई 26 या 27 अक्टूबर को होने की संभावना है।
साभार: मीडिया रिपोर्ट्स


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