कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं आशुतोष रांका और सौरव दास को फिलहाल जेल में ही रहना होगा। सोमवार को एक स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट ने दोनों की न्यायिक हिरासत दो दिन के लिए बढ़ा दी। उनके वकील के अनुसार, जमानत की श्योरिटी से जुड़े दस्तावेजों में कथित गड़बड़ी के कारण रिहाई की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। अब दोनों को बुधवार को अदालत में पेश किया जाएगा। यह मामला 13 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है।
CJP नेताओं की न्यायिक हिरासत दो दिन बढ़ाई गई
कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं आशुतोष रांका और सौरव दास की रिहाई का इंतजार फिलहाल लंबा हो गया है। सोमवार को उनकी पांच दिन की न्यायिक हिरासत की अवधि समाप्त होने के बाद मामला स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के सामने पहुंचा। इस दौरान दोनों पक्षों की ओर से दलीलें रखी गईं, लेकिन उनकी रिहाई का रास्ता साफ नहीं हो सका।
CJP नेताओं के वकील ने बताया कि जमानत के लिए नए दस्तावेज अदालत में पेश किए गए थे। हालांकि, जमानत की श्योरिटी से जुड़े दस्तावेजों में कथित मिसमैच के कारण उन्हें स्वीकार नहीं किया गया। इसके बाद दोनों की न्यायिक हिरासत दो दिन और बढ़ा दी गई। अब उन्हें बुधवार को अदालत में पेश किया जाएगा।
जमानत की श्योरिटी में कथित गड़बड़ी से अटकी रिहाई
दोनों नेताओं के वकील के मुताबिक, सोमवार को जब वे अदालत पहुंचे, तब तक पांच दिन की न्यायिक हिरासत की अवधि समाप्त हो चुकी थी। उन्होंने बताया कि पिछली सुनवाई के दौरान अदालत ने जमानत के लिए पेश की गई श्योरिटी को उपयुक्त नहीं माना था। इसके बाद इस बार नए जमानत दस्तावेज तैयार करके अदालत के समक्ष पेश किए गए।
वकील ने कहा कि जब मामले की सुनवाई शुरू हुई, तब राज्य की ओर से एक नया आवेदन दिया गया। उनके अनुसार, यह आवेदन उन्हें उसी समय सौंपा गया था। इसमें दोनों नेताओं की न्यायिक हिरासत पांच से सात दिन और बढ़ाने की मांग की गई थी।
वकील ने राज्य की इस मांग और हिरासत बढ़ाने के लिए दिए गए कारणों पर आपत्ति जताई। उनका कहना था कि दस्तावेजों से जुड़ी समस्या के बीच राज्य की ओर से हिरासत बढ़ाने की मांग ने मामले को और जटिल बना दिया।
सार्वजनिक शांति को खतरा होने का दिया गया हवाला
CJP नेताओं के वकील ने बताया कि राज्य की ओर से दाखिल आवेदन में सार्वजनिक व्यवस्था और शांति को खतरा होने की आशंका जताई गई थी। उनके मुताबिक, इसी आधार पर दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में रखने की जरूरत बताई गई।
वकील ने इस दलील पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनके मुवक्किलों के खिलाफ इस मामले में अब तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं है। उन्होंने इसे प्रिवेंटिव कस्टडी यानी एहतियातन हिरासत से जुड़ा मामला बताया। वकील के अनुसार, दोनों नेताओं को इस आशंका के आधार पर हिरासत में लिया गया कि वे दोबारा विरोध प्रदर्शन करने जा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि इस मामले में उनके मुवक्किलों के खिलाफ कोई एफआईआर या लंबित मुकदमा नहीं है। साथ ही, उनके अनुसार, ऐसी कोई जांच भी नहीं चल रही है जिसके लिए दोनों नेताओं से पूछताछ की आवश्यकता हो।
वकील ने हिरासत की कार्रवाई पर जताई नाराजगी
CJP नेताओं के वकील ने हिरासत बढ़ाए जाने पर निराशा जताई। उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में दोनों नेताओं को हिरासत में रखा जाना उचित नहीं है। उनके अनुसार, यह मामला एहतियातन हिरासत से संबंधित है और इसे लेकर कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
वकील ने कहा कि उनके मुवक्किलों के खिलाफ एफआईआर, लंबित मामले और पूछताछ की जरूरत नहीं होने के बावजूद हिरासत जारी रहना परेशान करने वाला है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें याद नहीं है कि पिछली बार लोगों को इस तरह एहतियातन हिरासत में कब रखा गया था।
उन्होंने इस घटनाक्रम को निराशाजनक बताते हुए कहा कि वे मामले को कानूनी रूप से आगे बढ़ाएंगे। हालांकि, फिलहाल दोनों नेताओं की रिहाई को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है और उन्हें बुधवार तक हिरासत में रहना होगा।
13 अक्टूबर को जंतर-मंतर से जुड़े मामले में हुई थी गिरफ्तारी
आशुतोष रांका और सौरव दास को 13 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के बाद हिरासत में लिया गया था। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दोनों नेता कॉकरोच जनता पार्टी के 12 अन्य सदस्यों के साथ कथित तौर पर जंतर-मंतर में बिना अनुमति प्रवेश कर गए थे। बताया गया कि जंतर-मंतर उस समय विरोध प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थल नहीं था और इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को रोकने की भी कोशिश की।
इस घटनाक्रम के बाद दोनों नेताओं को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। अब उनकी हिरासत की अवधि बढ़ाए जाने के बाद मामले में अगली पेशी बुधवार को होगी।
CJP ने जमानत प्रक्रिया में देरी का लगाया आरोप
इस मामले में कॉकरोच जनता पार्टी ने आरोप लगाया है कि उसके दो संयोजकों की रिहाई रोकने के लिए जमानत की प्रक्रिया में जानबूझकर देरी की गई। पार्टी का कहना है कि उसके नेताओं को 13 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के बाद हिरासत में लिया गया और इसके बाद से उनकी रिहाई की प्रक्रिया में बाधाएं आ रही हैं।
सोमवार को जमानत की श्योरिटी से जुड़े दस्तावेजों में कथित मिसमैच सामने आने के बाद दोनों नेताओं की रिहाई नहीं हो सकी। वहीं, राज्य की ओर से सार्वजनिक व्यवस्था और शांति को खतरा होने का हवाला देते हुए हिरासत बढ़ाने की मांग की गई।
CJP नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की न्यायिक हिरासत 2 दिन के लिए बढ़ाई गई। (स्रोत: दिल्ली पुलिस) https://t.co/Sriodx0bjk
— IANS Hindi (@IANSKhabar) October 19, 2026
फिलहाल आशुतोष रांका और सौरव दास की न्यायिक हिरासत दो दिन के लिए बढ़ा दी गई है। दोनों को बुधवार को अदालत में पेश किया जाएगा। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और जमानत से जुड़ी प्रक्रिया पर नजर रहेगी।
साभार: मीडिया रिपोर्ट्स


0 टिप्पणियाँ
आपका विचार हमारे लिए महत्वपूर्ण है, कृपया अपनी राय नीचे लिखें।