अंकिता भंडारी के माता-पिता को इंडिया गेट पर हिरासत के बाद छोड़ा गया। परिवार ने दुष्यंत गौतम की नियुक्ति रद्द करने के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया।
दिल्ली के इंडिया गेट पर अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे उनके माता-पिता को पुलिस ने हिरासत में लेने के बाद छोड़ दिया। उन्हें बुधवार, 14 अक्टूबर को विपक्षी नेताओं के साथ प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया था। परिवार ने दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने पर आपत्ति जताते हुए 24 घंटे के भीतर नियुक्ति रद्द करने की मांग की है। कांग्रेस नेताओं ने पुलिस की कार्रवाई की आलोचना करते हुए मामले में न्याय की मांग उठाई।
इंडिया गेट पर प्रदर्शन के दौरान अंकिता भंडारी के माता-पिता हिरासत में लिए गए
दिल्ली के इंडिया गेट पर अंकिता भंडारी के माता-पिता धरने पर बैठे थे। इस दौरान दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया, हालांकि बाद में उन्हें छोड़ दिया गया। जानकारी के मुताबिक, उन्हें सुबह करीब 4 बजे हिरासत में लिया गया था। प्रदर्शन के दौरान विपक्ष के कई नेताओं को भी पुलिस ने हिरासत में लिया।
इस कार्रवाई के बाद कांग्रेस नेताओं ने पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि अंकिता भंडारी के लिए न्याय की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों के साथ दुर्व्यवहार किया गया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि न्याय की मांग कर रहे लोगों को हिरासत में लेना उचित नहीं है।
सुप्रिया श्रीनेत, पवन खेड़ा और काजी निजामुद्दीन ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत, पवन खेड़ा और काजी निजामुद्दीन ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने की आलोचना की। उनका आरोप था कि प्रशासन उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है जो अंकिता भंडारी के परिवार के समर्थन में आवाज उठा रहे हैं।
प्रदर्शन के दौरान महिला प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने और सांसदों के साथ कथित बदसलूकी का मुद्दा भी उठाया गया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि अंकिता के परिवार को न्याय दिलाने की मांग को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने पुलिस की कार्रवाई को लोकतांत्रिक स्वतंत्रता के लिए चिंताजनक बताया। उन्होंने कहा, "ये बर्बरता है। आप देख सकते हैं कि इंडिया गेट पर लोकतंत्र खत्म हो रहा है। ये सुबह 4 बजे खत्म हो रहा है।"
खेड़ा ने दुष्यंत कुमार गौतम की सिक्किम के राज्यपाल के रूप में नियुक्ति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों पर मामले से जुड़े आरोपों को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं, उनके खिलाफ विरोध करने वाले लोगों को हिरासत में लिया जा रहा है, जबकि संबंधित व्यक्ति को संवैधानिक पद पर नियुक्त किया जा सकता है।
एक प्रदर्शनकारी ने भी पुलिस की कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए कहा कि महिला प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया जा रहा है और सांसदों के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अंकिता के माता-पिता के आंसुओं को सरकार को गंभीरता से लेना चाहिए।
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने अंकिता के परिवार से की मुलाकात
बुधवार, 14 अक्टूबर को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने इंडिया गेट पर धरना दे रहे अंकिता भंडारी के माता-पिता से मुलाकात की। परिवार दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने के विरोध में प्रदर्शन कर रहा था।
परिवार ने दुष्यंत गौतम से जुड़े आरोपों और संबंधों का हवाला देते हुए मांग की कि केंद्रीय जांच पूरी होने तक उनकी संवैधानिक नियुक्ति पर रोक लगाई जाए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जांच पूरी होने से पहले इस नियुक्ति को लेकर सरकार को अपने फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए।
राहुल गांधी का आरोप, अंकिता के परिवार को अब तक नहीं मिला न्याय
राहुल गांधी ने अंकिता भंडारी मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि परिवार लंबे समय से न्याय के लिए संघर्ष कर रहा है, लेकिन पार्टी एक कथित वीआईपी आरोपी को बचा रही है और उसे संवैधानिक पद पर नियुक्त किया जा रहा है।
राहुल गांधी ने कहा, "चार साल बीत जाने के बाद भी अंकिता भंडारी के परिवार को न्याय नहीं मिला है, लेकिन एक 'VIP' आरोपी को सुरक्षा और संवैधानिक पद का इनाम जरूर मिला है।"
उन्होंने परिवार की मांग का समर्थन करते हुए मामले की जांच और नियुक्ति के मुद्दे पर सवाल उठाए। परिवार की ओर से भी कहा गया कि जब तक केंद्रीय जांच पूरी नहीं होती, तब तक दुष्यंत कुमार गौतम को राज्यपाल के पद पर नियुक्त नहीं किया जाना चाहिए।
अंकिता के पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी ने राष्ट्रपति से की अपील
अंकिता भंडारी के पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी ने दुष्यंत कुमार गौतम की नियुक्ति पर नाराजगी जताई। उन्होंने राष्ट्रपति से अपील की कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की जांच पूरी होने तक दुष्यंत गौतम को राज्यपाल नियुक्त न किया जाए।
वीरेंद्र सिंह भंडारी ने कहा, "दुष्यंत कुमार को जेल में होना चाहिए। मैं माननीय राष्ट्रपति जी से विनम्र आग्रह करता हूं कि जब तक CBI की जांच पूरी न हो जाए, तब तक दुष्यंत कुमार को राज्यपाल के पद पर नियुक्त न करें।"
उन्होंने नियुक्ति रद्द करने के लिए 24 घंटे की समयसीमा भी दी। परिवार की मुख्य मांग है कि जांच पूरी होने तक इस संवैधानिक नियुक्ति पर रोक लगाई जाए और मामले में न्याय सुनिश्चित किया जाए।
अंकिता भंडारी हत्याकांड में क्या हुआ था?
अंकिता भंडारी की हत्या 18 सितंबर 2022 को हुई थी। इसके कुछ दिनों बाद, 24 सितंबर को उनका शव चिल्ला नहर से बरामद किया गया था। इस मामले में पुलिस ने रिसॉर्ट मालिक पुलकित आर्य और उसके दो कर्मचारियों सौरभ भास्कर तथा अंकित गुप्ता को गिरफ्तार किया था।
पुलकित आर्य, बीजेपी से हटाए गए नेता विनोद आर्य का बेटा है। मामले में तीनों आरोपियों के खिलाफ हत्या और सबूत मिटाने के आरोप साबित हुए। इसके बाद 30 मई 2025 को कोटद्वार कोर्ट की जज रीना नेगी ने तीनों को उम्रकैद की सजा सुनाई।
मामले में अंकिता पर एक वीआईपी को विशेष सेवाएं देने का दबाव बनाए जाने की बात भी सामने आई थी। इसी संदर्भ में परिवार दुष्यंत कुमार गौतम की नियुक्ति पर सवाल उठा रहा है और जांच पूरी होने तक नियुक्ति रोकने की मांग कर रहा है।
दुष्यंत गौतम की नियुक्ति रद्द करने की मांग पर टिका विवाद
अंकिता भंडारी के माता-पिता की मांग है कि दुष्यंत कुमार गौतम की सिक्किम के राज्यपाल के रूप में नियुक्ति 24 घंटे के भीतर रद्द की जाए। परिवार ने राष्ट्रपति से जांच पूरी होने तक नियुक्ति रोकने की अपील की है। वहीं, कांग्रेस नेताओं ने हिरासत की कार्रवाई की आलोचना करते हुए प्रदर्शनकारियों के साथ कथित दुर्व्यवहार का मुद्दा उठाया है।
#WATCH 2022 अंकिता भंडारी मर्डर केस | दिल्ली: अंकिता भंडारी की माता ने कहा,"जब तक उनकी (दुष्यंत गौतम) नियुक्ति रद्द नहीं होती है तब तक हम ऐसे ही बैठे रहेंगे। अगर हमें यहां बैठने नहीं देंगे तो हम अपने घर में भूख हड़ताल करेंगे।" अंकिता भंडारी के पिता ने कहा,"हम सरकार को 24 घंटे का समय देते हैं कि उन्होंने जो दुष्यंत गौतम की नियुक्ति की है उन्हें निरस्त करें अगर वो निरस्त नहीं करेंगे तो पूरे भारत में जनता सड़क पर उतर जाएगी।"
— ANI_HindiNews (@AHindinews) October 15, 2026
इंडिया गेट पर हुए इस प्रदर्शन में अंकिता के परिवार ने एक बार फिर न्याय की मांग दोहराई। परिवार का विरोध दुष्यंत गौतम की नियुक्ति और जांच पूरी होने तक उन्हें संवैधानिक पद पर नियुक्त नहीं किए जाने की मांग पर केंद्रित रहा।
साभार: मीडिया रिपोर्ट्स


0 टिप्पणियाँ
आपका विचार हमारे लिए महत्वपूर्ण है, कृपया अपनी राय नीचे लिखें।