केबीसी में अमिताभ बच्चन ने नाना पाटेकर के निधन पर दी भावुक श्रद्धांजलि, उनकी सादगी और समाजसेवा को किया नमन।
सोनी टीवी के लोकप्रिय शो 'कौन बनेगा करोड़पति' (KBC) के मंच पर सदी के महानायक अमिताभ बच्चन ने दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के आकस्मिक निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि दी। बिग बी ने इस अपूरणीय क्षति पर दुख जताते हुए नाना पाटेकर की बेबाकी, सादगी और महाराष्ट्र के सूखाग्रस्त किसानों के प्रति उनके सामाजिक समर्पण को याद किया तथा हाथ जोड़कर अपने इस पुराने सह-कलाकार व मित्र को नमन किया।
केबीसी के मंच पर बिग बी का छलका दर्द
नाना पाटेकर के अचानक हुए देहांत से पूरे देश और सिनेमा जगत में शोक व्याप्त है। इसी बीच 'कौन बनेगा करोड़पति' के सेट पर सफेद शॉल ओढ़े अमिताभ बच्चन बेहद गंभीर और भावुक नजर आए। हाथ जोड़कर दर्शकों को संबोधित करते हुए उन्होंने भारी मन से बताया कि नाना पाटेकर जी का आज सुबह अचानक स्वर्गवास हो गया। उन्होंने कहा कि एक अद्वितीय फनकार, सच्चे मित्र, शुभचिंतक और बेहतरीन समाजसेवी का यूँ चले जाना पूरी फिल्म इंडस्ट्री के साथ-साथ उनसे व्यक्तिगत रूप से जुड़े हर व्यक्ति के लिए स्तब्ध कर देने वाला है।
'सच कहने की हिम्मत ही नाना की सबसे बड़ी पहचान थी'
अमिताभ बच्चन ने नाना पाटेकर के व्यक्तित्व को याद करते हुए कहा कि उनकी सादगी, स्पष्टवादिता और सच को निडरता से बयां करने का साहस उन्हें भीड़ से पूरी तरह अलग खड़ा करता था। बिग बी के अनुसार, कुछ शख्सियतें दुनिया से विदा ले लेती हैं, मगर उनके द्वारा किए गए नेक काम, उनकी बुलंद आवाज और उनकी दी हुई सीख हमेशा लोगों के दिलों में जिंदा रहती है। नाना पाटेकर भी ऐसे ही विरले इंसानों में शुमार थे।
'कर्मवीर' एपिसोड और किसानों के लिए जमीनी सेवा का जिक्र
कार्यक्रम के दौरान अमिताभ बच्चन ने उस खास पल को भी साझा किया, जब नाना पाटेकर 'कर्मवीर' विशेष कड़ी में हॉटसीट पर अतिथि बनकर पहुंचे थे। बिग बी ने बताया कि उस शाम नाना के विचारों ने सभी को गहराई से प्रभावित किया था। उन्होंने खेल में जीती हुई पूरी राशि महाराष्ट्र के उन गांवों के लिए समर्पित कर दी थी, जो पानी की कमी और सूखे से जूझ रहे थे। नाना ने खुद वहां पहुंचकर जरूरतमंद किसानों की व्यक्तिगत स्तर पर सहायता की थी।
1999 की 'कोहराम' से बना रिश्ता और अंतिम प्रणाम
श्रद्धांजलि के अंत में अमिताभ बच्चन ने दोनों हाथ जोड़कर सिर झुकाया और नाना की कला व निष्ठा को प्रणाम करते हुए पूरे केबीसी परिवार की ओर से उन्हें विदाई दी। इस दौरान मंच की स्क्रीन पर नाना पाटेकर की मुस्कुराती हुई तस्वीर और उनका जीवनकाल (1951-2026) प्रदर्शित हुआ, जिससे पूरा वातावरण भावुक हो उठा। वर्ष 1999 में आई फिल्म 'कोहराम' में स्क्रीन साझा करने से लेकर टेलीविजन के इस मंच तक, दोनों कलाकारों का परस्पर आदर और स्नेह हमेशा के लिए स्मृतियों में दर्ज हो गया।


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