लखनऊ में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर भाजपा और चुनाव आयोग पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के जरिए वोट फिक्सिंग की जा रही है। अखिलेश ने मतदाता सूची को आधार से जोड़ने, दोहराए गए नामों को दुरुस्त करने और मतदान केंद्रों पर बायोमेट्रिक पहचान की व्यवस्था लागू करने की मांग की। उन्होंने घुसपैठ, कानून-व्यवस्था, आरक्षण और आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भी भाजपा सरकार पर सवाल उठाए।
SIR के जरिए वोट फिक्सिंग का आरोप, चुनाव आयोग से जवाबदेही की मांग
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने लखनऊ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर अपनी चिंता जाहिर की। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर बड़े पैमाने पर वोट चोरी की तैयारी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि मतदाता सूची में गड़बड़ियों को दूर करना चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है।
अखिलेश यादव के मुताबिक, उनकी पार्टी को मतदाता सूची से संबंधित जानकारियां मिलने के बाद कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। उन्होंने दावा किया कि एक ही नाम की प्रविष्टियां अलग-अलग जिलों में दर्ज होने की जानकारी मिली है। उनके अनुसार, केवल दो नामों के आधार पर 2,441 एंट्री मिली हैं।
सपा अध्यक्ष ने कहा कि चुनाव आयोग को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से छूटे नहीं। साथ ही, एक ही मतदाता का नाम दोबारा या तीन बार दर्ज होने जैसी समस्याओं को भी दूर किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि तकनीक की मदद से मतदाता सूची में मौजूद ऐसी त्रुटियों को सुधारा जा सकता है।
मतदाता सूची को आधार से जोड़ने और बूथों पर बायोमेट्रिक व्यवस्था की मांग
अखिलेश यादव ने मतदाता सूची की विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए वोटर आईडी को आधार से जोड़ने की मांग की। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में सुधार के साथ मतदान केंद्रों पर बायोमेट्रिक पहचान की सुविधा भी उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
"ये जो वोट फिक्सिंग चल रही है SIR के माध्यम से ये खत्म होनी चाहिए।" - माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी https://t.co/CIZIidGo5x
— Samajwadi Party (@samajwadiparty) October 26, 2026
सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि भाजपा वोट चोरी की कोशिशों से पीछे नहीं हट रही है। उन्होंने पंचायत चुनाव का जिक्र करते हुए दावा किया कि भाजपा ने साजिश के तहत पंचायत चुनाव नहीं होने दिया। अखिलेश के अनुसार, ग्राम प्रधानों को अपने गांव के मतदाताओं की जानकारी होती है, इसलिए पंचायत चुनाव नहीं कराए गए।
"ये मुख्य चुनाव में जो धांधली करना चाहते हैं उसकी तैयारी बड़े पैमाने पर है, हमारी मांग है कि आधार से जोड़ा जाए वोटर लिस्ट को।" • माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी https://t.co/qkV9BCnBhs
— Samajwadi Party (@samajwadiparty) October 26, 2026
उन्होंने कहा कि मतदाता सूची को आधार से जोड़ने और बूथ स्तर पर बायोमेट्रिक उपकरण उपलब्ध कराने से मतदाताओं की पहचान से जुड़ी समस्याओं को दूर करने में मदद मिल सकती है। उन्होंने चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
मतदाता सूची में सुधार नहीं हुआ तो भाजपा की नीयत पर उठेंगे सवाल
अखिलेश यादव ने चेतावनी दी कि अगर मतदाता सूची में सुधार और बायोमेट्रिक पहचान की व्यवस्था को लेकर आवश्यक कदम नहीं उठाए गए, तो भाजपा की नीयत पर सवाल खड़े होंगे। उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना जरूरी है।
सपा अध्यक्ष ने संस्थाओं पर जनता के भरोसे का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना था कि यदि लोगों का संस्थाओं से विश्वास उठता है, तो यह लोकतंत्र के लिए नुकसानदेह होगा। उन्होंने मतदाता सूची की खामियों को दूर करने और मतदान प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
घुसपैठ के मुद्दे पर भाजपा से पूछा सवाल, सूची सार्वजनिक करने की मांग
अखिलेश यादव ने घुसपैठ के मुद्दे पर भी भाजपा को घेरा। उन्होंने सवाल किया कि जिन लोगों को घुसपैठिया बताया जा रहा है, उनकी सूची कहां है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव नजदीक आते ही भाजपा इस मुद्दे को उठाने लगती है।
सपा प्रमुख ने भाजपा की राजनीति को विभाजनकारी बताते हुए कहा कि इस तरह के मुद्दों से सामाजिक विभाजन बढ़ता है। उन्होंने घुसपैठ के आरोपों के संबंध में सूची का सवाल उठाकर भाजपा से जवाब मांगा।
चीन की सीमा पर तनाव और आरक्षण के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा
प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने चीन की सीमा पर तनाव का जिक्र करते हुए सरकार से सीमा पर पैदा हो रही चुनौतियों को लेकर जवाब देने की मांग की। उन्होंने कहा कि इस विषय पर भी सरकार को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
आरक्षण के मुद्दे पर भी सपा अध्यक्ष ने भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा आरक्षण से जुड़े मामलों में बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर के विचारों से जुड़े संवैधानिक प्रावधानों के साथ खिलवाड़ कर रही है।
उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर योगी सरकार को घेरा
अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार की आलोचना की। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति सबसे खराब है और सरकार के कार्यकाल में लोगों की सुरक्षा को लेकर पर्याप्त चिंता नहीं दिखाई जा रही है।
उन्होंने मुख्यमंत्री के शहर में जेल के भीतर हुई मौत का जिक्र करते हुए सवाल उठाए। अखिलेश ने कहा कि लखनऊ में हत्या का यह पहला मामला नहीं है। साथ ही, उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार से जुड़े लोग लोगों को डरा रहे हैं।
कानून-व्यवस्था को लेकर सपा अध्यक्ष के इन बयानों के जरिए राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए। उन्होंने प्रदेश में सुरक्षा और प्रशासन से जुड़े मुद्दों को भी अपनी आलोचना का हिस्सा बनाया।
विधानसभा चुनाव से पहले सपा में नए नेताओं का स्वागत
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने समाजवादी पार्टी में शामिल होने वाले नए नेताओं और साथियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं और अब ज्यादा समय नहीं बचा है।
अखिलेश यादव के मुताबिक, नए नेताओं के पार्टी से जुड़ने का राजनीतिक प्रभाव पूर्वांचल से लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक देखने को मिलेगा। उन्होंने पार्टी में शामिल हो रहे नेताओं को PDA का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए कहा कि उनके आने से PDA की लड़ाई और मजबूत होगी।
सपा अध्यक्ष ने दावा किया कि नए साथियों के जुड़ने से PDA परिवार की जीत का दायरा बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि पार्टी इन नेताओं को राजनीतिक सम्मान और उचित स्थान देने के साथ उनके समर्थकों को भी अपने साथ जोड़कर आगे बढ़ाने का काम करेगी।
दारा प्रजापति और राम बहादुर पासी को लेकर अखिलेश का बयान
नए नेताओं के पार्टी में शामिल होने के संदर्भ में अखिलेश यादव ने दारा प्रजापति का जिक्र करते हुए कहा, ‘जिनके साथ दारा होंगे, वही अखाड़ा जीतेंगे।’
वहीं, राम बहादुर पासी का स्वागत करते हुए उन्होंने कहा कि जिनके नाम में राम जुड़ा हो, उनके सब काम बन जाएंगे। इन बयानों के जरिए अखिलेश यादव ने पार्टी में शामिल होने वाले नए साथियों का स्वागत किया और उनके राजनीतिक महत्व पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी नए साथियों को सम्मान और राजनीतिक स्थान देने के साथ उनके समर्थकों को भी जोड़ने का प्रयास करेगी। अखिलेश यादव के अनुसार, इन नेताओं के पार्टी से जुड़ने से PDA की लड़ाई को मजबूती मिलेगी।
साभार: मीडिया रिपोर्ट्स


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