चुनाव आयोग ने बदले नियम: बैठकों का एजेंडा होगा सार्वजनिक, अफसरों की विदेश यात्रा पर सख्ती और SIR की नई तारीखों का ऐलान।
मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार की अगुवाई में चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी के साथ हुई अहम बैठक में आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर कई कड़े और बड़े फैसले लिए गए हैं। अब आयोग की सभी बैठकों का एजेंडा पहले ही साझा किया जाएगा और कार्यवाही को सार्वजनिक किया जाएगा। इसके साथ ही अधिकारियों की विदेश यात्रा के लिए पूर्व अनुमति अनिवार्य कर दी गई है तथा दिल्ली और महाराष्ट्र में एसआईआर प्रक्रिया के तहत आपत्तियों व दावों की नई समय-सीमा तय की गई है।
बैठकों में पारदर्शिता और अधिकारियों की विदेश यात्रा पर नई शर्तें
हालिया विवादों की पृष्ठभूमि में चुनाव आयोग ने अपने कामकाज के तौर-तरीकों में महत्वपूर्ण बदलाव करने का निर्णय लिया है। आयोग के नए आदेश के अनुसार, अब किसी भी बैठक से पहले उसका आधिकारिक एजेंडा जारी किया जाएगा और बैठक में लिए गए निर्णयों व कार्यवाही की पूरी जानकारी सार्वजनिक मंच पर उपलब्ध कराई जाएगी।
इसके अतिरिक्त, आयोग से जुड़े किसी भी अधिकारी की विदेश यात्रा पर सख्त रुख अपनाते हुए यह तय किया गया है कि बिना आयोग की पूर्व अनुमति के कोई भी अधिकारी विदेश दौरे पर नहीं जा सकेगा। चुनाव आयुक्तों की ओर से जारी सभी प्रशासनिक दिशा-निर्देशों का अधिकारियों द्वारा अक्षरशः पालन किया जाना अब अनिवार्य होगा।
कैबिनेट सचिव को लिखे पत्र पर आयोग का स्पष्टीकरण
बैठक के दौरान कैबिनेट सचिव को भेजे गए पत्र को लेकर पैदा हुए संशय पर भी स्थिति स्पष्ट की गई। आयोग ने साफ किया कि यह पत्र निर्वाचन आयोग या उसके आईटी विभाग से जुड़ी किसी नीतिगत व्यवस्था को लेकर नहीं था, बल्कि ECI में प्रतिनियुक्ति (डेप्युटेशन) पर तैनात एक अधिकारी के कामकाज से जुड़ा विषय था।
संबंधित अधिकारी द्वारा जारी कार्य-वितरण आदेश को दोनों चुनाव आयुक्तों के निर्देश के बाद लागू नहीं किया गया था। आयोग ने यह भी रेखांकित किया कि आईटी प्रभाग की देखरेख में उप निर्वाचन आयुक्त (DEC) की भूमिका को कभी भी वापस नहीं लिया गया था।
दिल्ली और महाराष्ट्र में SIR के लिए नई समय-सीमा
दिल्ली और महाराष्ट्र में स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) के दौरान कटे नामों पर दावों और आपत्तियों के निस्तारण को लेकर नई तिथियां तय की गई हैं:
- दिल्ली: दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के अनुरोध पर दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अंतिम तारीख 30 अक्टूबर, 2026 और उनके निस्तारण की अंतिम तारीख 30 नवंबर, 2026 तय की गई है।
- महाराष्ट्र: महाराष्ट्र के CEO के आग्रह पर दावे व आपत्तियां दर्ज कराने की समय-सीमा 12 अक्टूबर, 2026 तथा उनके निपटारे की तारीख 10 नवंबर, 2026 निर्धारित की गई है।
- APAR की समय-सीमा: आयोग के सभी अधिकारियों की वार्षिक कार्य निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट (APAR) हर साल 31 दिसंबर की तय सीमा तक पूरी करनी होगी।
चुनाव आयोग द्वारा लिए गए 13 प्रमुख फैसले
- बीएलओ करेंगे घर-घर सत्यापन: एसआईआर प्रक्रिया के दौरान 'अनमैप्ड' श्रेणी या लॉजिकल विसंगतियों के चलते नोटिस पाने वाले मतदाताओं के घर बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) स्वयं पहुंचेंगे। वे जरूरी दस्तावेज एकत्र कर उन्हें ECINet पर अपलोड करेंगे। मतदाताओं को ईआरओ या एईआरओ कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने होंगे। सुनवाई केवल चुनिंदा मामलों में ईआरओ के निर्णय पर ऑनलाइन होगी, जिसमें मतदाता की ओर से परिवार का कोई भी वयस्क सदस्य भाग ले सकेगा।
- वंचित वर्गों के लिए विशेष व्यवस्था: जिला निर्वाचन अधिकारियों (DEO) को रैन बसेरों में रहने वालों, श्रमिकों, बेघर और निर्धन नागरिकों के लिए विशेष सहायता केंद्र (हेल्प डेस्क) और कैंप लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
- फॉर्म 6 और डिक्लेरेशन पर सुप्रीम कोर्ट की पुष्टि: सर्वोच्च न्यायालय ने एसआईआर प्रक्रिया के तहत फॉर्म 6 के साथ स्व-घोषणा पत्र (डिक्लेरेशन फॉर्म) की अनिवार्यता को वैध ठहराया है। गैर-एसआईआर अवधि में 'इलेक्टर्स रजिस्ट्रेशन रूल्स, 1960' के पुराने नियमों के अनुसार ही फॉर्म मान्य होंगे।
- ECINet की समीक्षा के लिए विशेष समिति: वरिष्ठ उप निर्वाचन आयुक्त की अध्यक्षता में आईआईटी और आईआईआईटी के स्वतंत्र विशेषज्ञों की एक समिति ECINet पोर्टल की विधिक और तकनीकी समीक्षा करेगी। राज्य स्तर से मिले सुझावों पर पोर्टल में पहले ही जरूरी संशोधन किए जा चुके हैं।
- आईटी परियोजनाओं पर नई व्यवस्था: भविष्य में सूचना प्रौद्योगिकी (IT) से जुड़ी कोई भी नई परियोजना कमिटी ऑफ ऑफिसर्स (COO) में व्यापक विचार-विमर्श के बाद ही आयोग द्वारा अनुमोदित की जाएगी।
- एजेंडा और मिनट्स का प्रकाशन: आयोग की प्रत्येक आधिकारिक बैठक का एजेंडा पहले सर्कुलेट किया जाएगा और बैठक के मिनट्स (कार्यवाही) सार्वजनिक किए जाएंगे।
- APAR की समयबद्धता: सभी अधिकारियों की वार्षिक कार्य निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट (APAR) प्रतिवर्ष 31 दिसंबर तक अनिवार्य रूप से पूर्ण की जाएगी।
- विदेश यात्रा पर पूर्व मंजूरी: चुनाव आयोग के किसी भी अधिकारी के लिए विदेश जाने से पूर्व आयोग की औपचारिक सहमति लेना अनिवार्य होगा।
- दिल्ली में समय-सीमा विस्तार: प्राप्त आवेदनों और आपत्तियों को 30 अक्टूबर, 2026 तक स्वीकार किया जाएगा और इनका निस्तारण 30 नवंबर, 2026 तक पूरा होगा।
- महाराष्ट्र में संशोधित कार्यक्रम: दावे व आपत्तियां 12 अक्टूबर, 2026 तक जमा की जा सकेंगी, जिनका निपटारा 10 नवंबर, 2026 तक सुनिश्चित किया जाएगा।
- 20 राज्यों में एसआईआर पूर्ण: बिहार और पश्चिम बंगाल समेत 20 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर का काम पूरा हो चुका है। छूटे हुए पात्र नागरिकों और नए युवा मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए निरंतर अद्यतन प्रक्रिया के तहत विशेष अभियान शुरू करने के आदेश दिए गए हैं।
- सर्वसम्मति से हुए पूर्व निर्णय: आयोग ने रेखांकित किया कि 24 जून, 2025 को बिहार से शुरू हुआ एसआईआर का निर्णय पूरे देश के लिए सर्वसम्मति से लिया गया था, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने 27 मई, 2026 को अपने आदेश में बरकरार रखा। 12 राज्यों के लिए 27 अक्टूबर, 2025 और 19 राज्यों के लिए 14 मई, 2026 को जारी शेड्यूल भी पूरी सहमति से तय किए गए थे।
- तीसरे चरण की स्थिति: फेज-3 के शेष 12 राज्यों में मतदाताओं के अंतिम आंकड़े मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद ही स्पष्ट होंगे। उदाहरण के तौर पर, गोवा में बीएलओ घर-घर संपर्क कर रहे हैं, जहां चिन्हित 97 मतदाताओं में से 81 ने पहले ही फॉर्म 6 भर दिया है।
साभार: मीडिया रिपोर्ट्स


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