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UN में पाकिस्तानी पत्रकार के सवाल पर विदेश मंत्री जयशंकर का करारा जवाब, आतंकवाद के मुद्दे पर दी तीखी प्रतिक्रिया


UN में पाकिस्तानी पत्रकार के सवाल पर जयशंकर ने तीखा जवाब दिया। जानें प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्या हुआ और क्या बोले विदेश मंत्री।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में एक पाकिस्तानी पत्रकार के सवाल का जवाब देते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी। पत्रकार ने भारत सरकार पर पाकिस्तान में आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए पूछा कि यह कब बंद होगा। जयशंकर ने जवाब में पाकिस्तान को आतंकवाद से जोड़ते हुए कहा कि एक आतंकवादी देश उनसे यह सवाल पूछ रहा है। इसके बाद भारत के स्थायी प्रतिनिधि हरीश पर्वथानेनी ने भी पत्रकार को जवाब दिया।

UN मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उठा सवाल

एस. जयशंकर और लाइबेरिया की विदेश मंत्री सारा बेइसोलो न्यंती ने संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में ‘शिपिंग और नाविकों की सुरक्षा’ को लेकर ‘ग्रुप ऑफ फ्रेंड्स’ के बारे में प्रेस को संबोधित किया। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कमर्शियल जहाजों और व्यापारिक नाविकों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।

इसी दौरान एक पाकिस्तानी पत्रकार ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर से सवाल किया। पत्रकार ने भारत सरकार पर पाकिस्तान में आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए पूछा कि उनकी सरकार पाकिस्तान में आतंकवाद को बढ़ावा देना कब बंद करेगी।

जयशंकर ने पाकिस्तानी पत्रकार को दिया जवाब

पाकिस्तानी पत्रकार के सवाल पर एस. जयशंकर ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि एक आतंकवादी देश उनसे यह सवाल पूछ रहा है और इसे हद बताया। इस दौरान बातचीत का केंद्र पाकिस्तान और आतंकवाद को लेकर भारत-पाकिस्तान के बीच लंबे समय से चले आ रहे आरोप-प्रत्यारोप पर आ गया।

जयशंकर के जवाब के बाद संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि हरीश पर्वथानेनी ने भी पाकिस्तानी पत्रकार से कहा, ‘आपने अपना जवाब साफ-साफ सुन लिया है।’

शहबाज शरीफ से भी पूछा गया था आतंकवाद पर सवाल

इससे एक दिन पहले गुरुवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ जब संयुक्त राष्ट्र की इमारत में प्रवेश कर रहे थे, तब एक भारतीय पत्रकार ने उनसे सवाल किया था। पत्रकार ने पूछा था कि पाकिस्तान आतंकवादियों को पनाह देना कब बंद करेगा।

इस तरह संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान भारत और पाकिस्तान से जुड़े प्रतिनिधियों से आतंकवाद के मुद्दे पर सवाल-जवाब का सिलसिला भी देखने को मिला।

जयशंकर ने नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया

प्रेस कॉन्फ्रेंस में एस. जयशंकर ने कमर्शियल जहाजों और व्यापारिक नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने हाल के महीनों में कमर्शियल जहाजों और व्यापारिक नाविकों पर हुए हमलों का उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट, लाल सागर और काला सागर में ऐसी घटनाएं हुई हैं। जयशंकर ने हिंसा और जानमाल के नुकसान को किसी भी परिस्थिति में उचित नहीं मानते हुए कहा कि सीधे शब्दों में कहें तो ऐसे हमले बंद होने चाहिए।

भारत और लाइबेरिया ने मिलकर शुरू की पहल

एस. जयशंकर ने बताया कि भारत नाविकों का एक प्रमुख स्रोत देश है, जबकि लाइबेरिया के पास दुनिया का सबसे बड़ा शिपिंग रजिस्टर है। इसी वजह से दोनों देश इस मुद्दे पर मिलकर काम कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि भारत और लाइबेरिया ने समान हित रखने वाले अन्य देशों के साथ-साथ प्रमुख जहाज मालिकों को भी इस पहल में साथ लाया है। इसका उद्देश्य नाविकों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर सहयोग को आगे बढ़ाना है।

नाविकों के सामने आने वाली चुनौतियों का भी जिक्र

जयशंकर ने अपने संबोधन के दौरान नाविकों को पेश आने वाली कई परेशानियों का उल्लेख किया। इनमें जहाजों पर लंबे समय तक कैद रहना, चालक दल में बदलाव, स्वदेश वापसी में देरी और परिवार से लंबे समय तक दूर रहना शामिल है।

उन्होंने नाविकों पर पड़ने वाले मनोवैज्ञानिक तनाव और शारीरिक हमलों का भी जिक्र किया। विदेश मंत्री ने कहा कि समुद्री क्षेत्र में काम करने वाले लोगों की सुरक्षा से जुड़े इन मुद्दों पर ध्यान देने की जरूरत है।

आतंकवाद पर भारत-पाकिस्तान के बीच आरोप-प्रत्यारोप

संयुक्त राष्ट्र में इस दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच आतंकवाद को लेकर एक बार फिर तीखे सवाल-जवाब सामने आए। पाकिस्तानी पत्रकार ने भारत पर पाकिस्तान में आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए सवाल किया, जबकि जयशंकर ने जवाब में पाकिस्तान को आतंकवाद से जोड़ते हुए प्रतिक्रिया दी।

भारत संयुक्त राष्ट्र के विभिन्न मंचों पर आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई और आतंकवादी ढांचे को खत्म करने की बात रखता रहा है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन ने भी आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एकजुट और प्रभावी कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया है।

इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में हालांकि मुख्य विषय समुद्री सुरक्षा और नाविकों की सुरक्षा से जुड़ा था, लेकिन पाकिस्तानी पत्रकार के सवाल के बाद बातचीत कुछ समय के लिए भारत-पाकिस्तान के बीच आतंकवाद से जुड़े आरोपों पर केंद्रित हो गई।


साभार: मीडिया रिपोर्ट्स 

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