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CWG 2026: साक्षी चौधरी ने जीता गोल्ड मेडल, पहली बार कॉमनवेल्थ गेम्स में उतरीं और बनीं चैंपियन


CWG 2026 में भारत की साक्षी चौधरी ने 51 किग्रा वर्ग में गोल्ड जीता। जानिए उनके सफर, करियर और सफलता की कहानी।

CWG 2026: साक्षी चौधरी ने 51 किग्रा वर्ग में जीता गोल्ड, पहली ही भागीदारी में बनीं चैंपियन

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत की बॉक्सर साक्षी चौधरी ने 51 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया। फाइनल मुकाबले में उन्होंने इंग्लैंड की रूबी व्हाइट को हराया। पहली बार कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा लेने वाली साक्षी ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड अपने नाम किया। इससे पहले उन्होंने राष्ट्रीय ट्रायल्स में भी मजबूत खिलाड़ियों को हराकर अपनी जगह बनाई थी।

फाइनल में रूबी व्हाइट को हराकर जीता स्वर्ण पदक

भारतीय मुक्केबाज साक्षी चौधरी ने 51 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में इंग्लैंड की रूबी व्हाइट का सामना किया। इस मुकाबले में उन्होंने प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए जीत दर्ज की और स्वर्ण पदक हासिल किया। यह उनके करियर का एक महत्वपूर्ण मुकाम रहा क्योंकि उन्होंने पहली बार कॉमनवेल्थ गेम्स में भाग लेते हुए ही गोल्ड मेडल जीत लिया।

पूरे टूर्नामेंट में लगातार जीत दर्ज की

साक्षी चौधरी ने प्रतियोगिता के हर दौर में शानदार प्रदर्शन किया। राउंड ऑफ 16 में उन्होंने बोत्सवाना की लेथाबो मोदुकानेले को हराया। इसके बाद क्वार्टर फाइनल में नॉर्थ आयरलैंड की कैटलिन फ्रायर्स को मात दी। सेमीफाइनल में कनाडा की एम्बर-जेन वॉल को हराकर उन्होंने फाइनल में जगह बनाई, जहां इंग्लैंड की रूबी व्हाइट को हराकर कॉमनवेल्थ चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया।

54 किलोग्राम से 51 किलोग्राम वर्ग में किया बदलाव

साक्षी पहले 54 किलोग्राम वर्ग में मुकाबले खेलती थीं। बेहतर प्रदर्शन और करियर को ध्यान में रखते हुए उन्होंने 51 किलोग्राम वर्ग में खेलने का फैसला किया। इसी वर्ग में उन्होंने राष्ट्रीय ट्रायल्स के दौरान दो बार की चैंपियन निकहत जरीन और वर्ल्ड तथा एशियन चैंपियन मीनाक्षी हुड्डा को हराकर कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए क्वालिफाई किया था।

बचपन की लड़ाई-झगड़ों की आदत ने दिलाई बॉक्सिंग की राह

साक्षी चौधरी का जन्म 9 सितंबर 2000 को हरियाणा के भिवानी जिले के धनाना गांव में हुआ था। उन्होंने भिवानी बॉक्सिंग क्लब में कोच जगदीश सिंह के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण शुरू किया। जगदीश सिंह भारतीय मुक्केबाज विजेंदर सिंह के भी कोच रह चुके हैं।

बचपन में साक्षी काफी शरारती थीं और अक्सर लड़ाई-झगड़े कर बैठती थीं। इसी वजह से उनके पिता ने उन्हें बॉक्सिंग की ओर प्रेरित किया। यही फैसला आगे चलकर उनके खेल करियर की मजबूत नींव बना।

भारतीय सेना में हवलदार हैं साक्षी

साक्षी चौधरी भारतीय सेना में हवलदार के पद पर कार्यरत हैं। उनके भाई भी भारतीय सेना में अधिकारी हैं। परिवार का सेना से जुड़ाव उनके जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। अब कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीतकर उन्होंने देश के लिए एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली है।

साक्षी चौधरी का उपलब्धियों से भरा करियर

साक्षी चौधरी ने अपने करियर में कई अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में सफलता हासिल की है। उन्होंने 2015 की AIBA वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता। इसके बाद 2017 में गुवाहाटी में आयोजित वर्ल्ड यूथ चैंपियनशिप और 2018 में हंगरी में हुई वर्ल्ड यूथ चैंपियनशिप में भी गोल्ड मेडल अपने नाम किया।

साल 2021 की एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में उन्होंने कांस्य पदक जीता। वर्ष 2025 में अस्ताना में आयोजित वर्ल्ड बॉक्सिंग कप के 54 किलोग्राम वर्ग में उन्होंने स्वर्ण पदक हासिल किया और वर्ल्ड बॉक्सिंग कप में गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। इसके अलावा वह आठ बार की नेशनल चैंपियन भी रह चुकी हैं।


साभार: मीडिया रिपोर्ट्स 

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