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PF Withdrawal Rules 2026: नौकरी छूटते ही नहीं निकाल सकेंगे पूरा PF! जानिए कितना पैसा मिलेगा और कब खुलेगा बाकी फंड


PF Withdrawal Rules 2026 में बड़ा बदलाव। अब नौकरी छोड़ने पर 75% PF मिलेगा, बाकी 25% राशि 12 महीने बाद निकलेगी।

अगर आपने नौकरी छोड़ दी है और नई नौकरी की तलाश में हैं, तो EPF Scheme 2026 के नए नियम आपके लिए अहम हैं। अब नौकरी छोड़ने के बाद कर्मचारी अपना पूरा PF बैलेंस एक साथ नहीं निकाल सकेंगे। नए प्रावधान के तहत कुल EPF राशि का 75% हिस्सा निकाला जा सकेगा, जबकि शेष 25% राशि लगातार 12 महीने तक बेरोजगार रहने के बाद ही उपलब्ध होगी। सरकार का कहना है कि यह बदलाव कर्मचारियों की रिटायरमेंट बचत को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से किया गया है।

नौकरी छोड़ने के बाद PF निकासी के नियम में बड़ा बदलाव

EPF Scheme 2026 लागू होने के बाद कर्मचारी भविष्य निधि (PF) निकासी के नियमों में बदलाव किया गया है। पहले नौकरी छोड़ने और दो महीने तक बेरोजगार रहने पर पूरा PF बैलेंस निकाला जा सकता था, लेकिन अब यह व्यवस्था लागू नहीं रहेगी।

नए नियम के अनुसार, यदि कोई कर्मचारी नौकरी छोड़ने के बाद बेरोजगार हो जाता है, तो वह अपने कुल EPF बैलेंस का 75 प्रतिशत हिस्सा निकाल सकता है। इस राशि में कर्मचारी का योगदान, नियोक्ता का योगदान और उस पर मिलने वाला ब्याज भी शामिल रहेगा।

25 प्रतिशत राशि कब मिलेगी?

नई व्यवस्था के तहत EPF खाते में बची हुई 25 प्रतिशत राशि तुरंत नहीं निकाली जा सकेगी। इस हिस्से की निकासी तभी संभव होगी, जब कर्मचारी लगातार 12 महीने तक बेरोजगार रहेगा।

सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कर्मचारियों की रिटायरमेंट के लिए कुछ बचत हमेशा PF खाते में बनी रहे और उस पर मिलने वाले ब्याज तथा कंपाउंडिंग का लाभ जारी रहे।

पहले क्या था नियम?

पुरानी EPF Scheme 1952 के तहत यदि कोई कर्मचारी नौकरी छोड़ने के बाद दो महीने तक बेरोजगार रहता था, तो वह अपना पूरा PF बैलेंस निकाल सकता था। इसी कारण कई कर्मचारी हर बार नौकरी बदलने के दौरान पूरी PF राशि निकाल लेते थे।

सरकार के अनुसार, इससे कर्मचारियों की दीर्घकालिक रिटायरमेंट बचत प्रभावित होती थी और कंपाउंडिंग का लाभ भी समाप्त हो जाता था।

रिटायरमेंट बचत को सुरक्षित रखने पर जोर

सरकार का कहना है कि PF का उद्देश्य नौकरी बदलने के दौरान खर्च चलाने का माध्यम बनना नहीं, बल्कि रिटायरमेंट के लिए बचत सुनिश्चित करना है। नए नियम के तहत 25 प्रतिशत राशि खाते में बनी रहने से उस पर ब्याज मिलता रहेगा।

यदि कर्मचारी को एक वर्ष के भीतर नई नौकरी मिल जाती है, तो यही राशि आगे भी EPF खाते में बनी रहेगी और भविष्य की बचत में योगदान देती रहेगी।

आंशिक PF निकासी के नियम भी हुए आसान

सरकार ने PF से आंशिक निकासी की प्रक्रिया को भी सरल बनाया है। पहले अलग-अलग जरूरतों के लिए 13 प्रकार के नियम और अलग-अलग शर्तें लागू थीं।

अब इन नियमों को घटाकर तीन मुख्य श्रेणियों में व्यवस्थित किया गया है। साथ ही अधिकांश एडवांस PF निकासी के मामलों में कम से कम 12 महीने की सदस्यता की एक समान शर्त लागू की गई है। पहले कुछ मामलों में सात साल तक की नौकरी की शर्त भी लागू होती थी।

बेरोजगारी के दौरान सिर्फ PF पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं

विशेषज्ञों का कहना है कि बेरोजगारी की स्थिति में 75 प्रतिशत PF राशि निकालने की सुविधा कर्मचारियों को राहत दे सकती है। हालांकि यदि नई नौकरी मिलने में अधिक समय लगता है, तो 25 प्रतिशत राशि एक वर्ष तक उपलब्ध नहीं होगी।

ऐसी स्थिति में कर्मचारियों को PF के अलावा अलग से इमरजेंसी फंड तैयार रखने की सलाह दी जाती है, ताकि किराया, राशन, बिजली बिल और अन्य आवश्यक खर्च पूरे किए जा सकें।


साभार: मीडिया रिपोर्ट्स 

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