लखनऊ के डबल मर्डर-सुसाइड केस में संदिग्ध वकील की भूमिका जांच के घेरे में, पुलिस CDR और WhatsApp चैट खंगाल रही है।
लखनऊ के गोमती नगर में हुए डबल मर्डर और सुसाइड केस की जांच में अब एक स्थानीय वकील की भूमिका भी सामने आई है। पुलिस को शक है कि इसी वकील ने मानस वाजपेयी को हथियार उपलब्ध कराने वाले व्यक्ति से संपर्क कराने में मदद की थी। पुलिस मानस और वकील के बीच हुई बातचीत की CDR और WhatsApp चैट की जांच कर रही है। इसी बीच वारदात से दो दिन पहले पत्नी दिव्या की रेकी किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
गोमती नगर कांड की जांच में सामने आया नया कनेक्शन
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के गोमती नगर इलाके में हुए डबल मर्डर और सुसाइड मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, नए तथ्य सामने आ रहे हैं। SBI अधिकारी मानस वाजपेयी पर अपनी बैंक मैनेजर पत्नी दिव्या और अस्वस्थ बहन तूलिका की गोली मारकर हत्या करने के बाद खुदकुशी करने का आरोप है। अब जांच के दौरान एक स्थानीय वकील का कनेक्शन सामने आया है, जिसकी भूमिका पुलिस के संदेह के घेरे में है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक मानस वाजपेयी का पहले से कोई आपराधिक इतिहास नहीं था। ऐसे में उसके पास कम समय में दो पिस्टल और एक तमंचा पहुंचने की बात जांच का अहम हिस्सा बन गई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन तीनों अवैध हथियारों की व्यवस्था कैसे हुई और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे।
हथियारों की व्यवस्था में वकील की भूमिका की जांच
जांच में पुलिस को शक है कि एक स्थानीय वकील ने मानस का संपर्क हथियार सप्लायर से कराने में मदद की थी। पुलिस इस कड़ी को पुख्ता करने के लिए मानस और संदिग्ध वकील के बीच हुई बातचीत से जुड़े डिजिटल साक्ष्य खंगाल रही है।
इसके लिए पुलिस कॉल डिटेल रिकॉर्ड यानी CDR और WhatsApp चैट की जांच कर रही है। पुलिस जल्द ही संदिग्ध वकील को पूछताछ के लिए समन कर सकती है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि मानस और वकील के बीच किस तरह की बातचीत हुई थी और हथियारों की व्यवस्था से उसका क्या संबंध था।
वारदात से दो दिन पहले पत्नी की रेकी का खुलासा
जांच में एक और महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। बताया गया है कि मानस ने घटना से ठीक दो दिन पहले अपनी पत्नी दिव्या की रेकी की थी। यह रेकी ICICI बैंक की शाखा के आसपास किए जाने की बात सामने आई है, जहां दिव्या काम करती थीं।
पुलिस के सामने आए इस घटनाक्रम से यह जानकारी मिलती है कि घटना से पहले मानस की गतिविधियों की भी जांच की जा रही है। पुलिस रेकी से जुड़े तथ्यों और उसके बाद हुई घटनाओं के बीच संबंध की पड़ताल कर रही है।
10 महीने से मायके में रह रही थीं दिव्या
मामले में यह भी सामने आया है कि दिव्या करीब 10 महीने से अपने मायके में रह रही थीं। उन्होंने कोर्ट में तलाक की अर्जी भी दाखिल की थी। 18 अगस्त को कोर्ट में मानस ने दिव्या के साथ रहने से इनकार कर दिया था।
इसके बाद मानस के अकेलेपन से टूटने की बात सामने आई है। इसी घटनाक्रम के बाद उसने पत्नी, बहन और फिर खुद को लेकर खौफनाक कदम उठाया।
गुरुवार को बैंक के बाहर दिव्या की हत्या
घटना वाले गुरुवार को मानस ने पहले अपनी पत्नी दिव्या को निशाना बनाया। जानकारी के मुताबिक उसने बैंक के बाहर दिव्या पर गोलियां चलाईं। इसके बाद वह हुसड़िया स्थित अपने घर पहुंचा।
घर पहुंचने के बाद मानस ने अपनी अस्वस्थ बहन तूलिका की गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद उसने खुद को भी गोली मार ली। इस तरह मामले में दो लोगों की हत्या और मानस की मौत हुई।
CDR और WhatsApp चैट से खुलेगा संपर्क का राज
पुलिस अब मामले में डिजिटल साक्ष्यों को महत्वपूर्ण मानकर आगे की जांच कर रही है। मानस और संदिग्ध वकील के बीच हुई बातचीत, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और WhatsApp चैट की जांच की जा रही है।
पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि दोनों के बीच कब और कितनी बातचीत हुई और क्या इन संपर्कों का अवैध हथियारों की व्यवस्था से कोई संबंध था। संदिग्ध वकील से पूछताछ के बाद इस कड़ी से जुड़े और तथ्य सामने आने की उम्मीद है।
साभार: मीडिया रिपोर्ट्स


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