अयोध्या राम मंदिर में VIP दर्शन व्यवस्था बदली। अब सिर्फ महंत दीनेंद्र दास की ID से पास बनेंगे। जानें पूरा मामला।
राम मंदिर में VIP पास व्यवस्था में बड़ा बदलाव
अयोध्या के राम मंदिर में VIP दर्शन व्यवस्था को लेकर बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया गया है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने पूर्व महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी अनिल मिश्रा और गोपाल राव की डिजिटल आईडी निष्क्रिय कर दी है। अब मंदिर में सुगम और विशिष्ट (VIP) दर्शन पास जारी करने की प्रक्रिया केवल ट्रस्टी महंत दीनेंद्र दास की सिफारिश पर ही पूरी होगी। यह फैसला मंदिर में कथित चंदा गड़बड़ी और VIP पास जारी करने में अनियमितताओं की जांच के बीच लिया गया है।
अब सिर्फ महंत दीनेंद्र दास की सिफारिश पर बनेंगे VIP पास
मंदिर प्रशासन ने महंत दीनेंद्र दास की डिजिटल आईडी को सिस्टम में सक्रिय कर दिया है। अब VIP दर्शन के लिए जारी होने वाले सभी सुगम और विशिष्ट दर्शन पास उनकी अनुशंसा के आधार पर ही बनाए जाएंगे। ट्रस्ट से जुड़े पदाधिकारियों की पुरानी आईडी निष्क्रिय होने के बाद वे अब किसी भी श्रद्धालु के लिए VIP पास जारी नहीं कर सकेंगे। बताया जा रहा है कि यह कदम VIP पास प्रणाली को अधिक पारदर्शी और नियंत्रित बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
जांच के बीच सामने आईं कथित अनियमितताएं
सूत्रों के अनुसार, मंदिर में कथित चंदा गड़बड़ी की जांच कर रही विशेष जांच दल (SIT) को VIP पास जारी करने की प्रक्रिया में भी अनियमितताओं के संकेत मिले हैं। जांच में यह देखा जा रहा है कि कुछ डिजिटल आईडी का उपयोग बड़ी संख्या में VIP पास जारी करने के लिए किया गया। मंदिर से जुड़े सूत्रों का दावा है कि कुछ लोगों ने इस व्यवस्था का कथित तौर पर दुरुपयोग कर आर्थिक लाभ कमाने की कोशिश की। हालांकि इस मामले की जांच अभी जारी है और आधिकारिक निष्कर्ष आना बाकी है।
टिन्नू यादव समेत कई पहलुओं की जांच जारी
सूत्रों के मुताबिक, जांच में गिरफ्तार आरोपी टिन्नू यादव पर कथित तौर पर सैकड़ों अनधिकृत VIP दर्शन पास तैयार करने का आरोप है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि इस पूरे मामले में और कौन-कौन लोग शामिल थे। कुछ सहयोगियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। फिलहाल किसी भी नए नाम पर आधिकारिक रूप से आरोप तय नहीं किए गए हैं।
चंपत राय के बाद कृष्ण मोहन संभाल रहे जिम्मेदारी
राम मंदिर में दान राशि की गिनती में कथित गड़बड़ी का मामला सामने आने के बाद ट्रस्ट में कई प्रशासनिक बदलाव किए गए। पूर्व महासचिव चंपत राय के पद छोड़ने के बाद भारतीय वन सेवा (IFS) के पूर्व अधिकारी कृष्ण मोहन को कार्यवाहक महासचिव की जिम्मेदारी दी गई। वहीं ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने भी इस्तीफा दिया और विशेष आमंत्रित सदस्य गोपाल राव को उनके पद से हटा दिया गया। हालांकि दर्ज एफआईआर में इन तीनों को आरोपी नहीं बनाया गया है।
साभार: मीडिया रिपोर्ट्स


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