राम मंदिर दान चोरी मामले में आरोपी लवकुश मिश्रा की पत्नी को ADA का नोटिस। अवैध निर्माण, पुलिस जांच और ताजा अपडेट पढ़ें।
राम मंदिर दान चोरी केस में नया मोड़
राम मंदिर दान चोरी मामले में आरोपी लवकुश मिश्रा के खिलाफ कार्रवाई का दायरा अब कथित अवैध निर्माण तक पहुंच गया है। अयोध्या विकास प्राधिकरण (ADA) ने उनकी पत्नी सुप्रिया के नाम पर बन रहे मकान को लेकर नोटिस जारी किया है। दूसरी ओर पुलिस ने मामले की जांच तेज करते हुए आरोपियों से पूछताछ और तलाशी अभियान भी जारी रखा है। इस बीच अन्य आरोपियों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई और सख्त होने के संकेत मिले हैं।
पत्नी के नाम पर बने मकान को लेकर ADA का नोटिस
अयोध्या विकास प्राधिकरण के सूत्रों के अनुसार सोहावल तहसील के बनवीरपुर गांव में लवकुश मिश्रा की पत्नी सुप्रिया के नाम पर खरीदी गई जमीन पर मकान का निर्माण कराया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि निर्माण कार्य के लिए आवश्यक स्वीकृति नहीं ली गई। इसी आधार पर प्राधिकरण ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। यदि निर्धारित नियमों का पालन नहीं पाया गया तो आगे नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
उधर पुलिस ने भी जांच के दौरान लवकुश मिश्रा के आवास की तलाशी ली और परिवार के सदस्यों से पूछताछ की। अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
अविनाश शुक्ला समेत अन्य आरोपियों पर भी जांच तेज
सूत्रों के मुताबिक दान चोरी मामले में आरोपी अविनाश शुक्ला के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई और सख्त हो सकती है। जांच के दौरान सबसे अधिक नकदी अविनाश शुक्ला के पास से बरामद होने की बात सामने आई है।
पुलिस के अनुसार अब तक अविनाश शुक्ला के पास से 20.39 लाख रुपये, करुणेश पांडे के पास से 18.07 लाख रुपये, लवकुश मिश्रा के पास से 14.25 लाख रुपये, अनुकल्प मिश्रा के पास से 16.82 लाख रुपये, रमाशंकर मिश्रा के पास से 7.32 लाख रुपये तथा रमाशंकर उर्फ टीनू के पास से 1 लाख रुपये बरामद किए जा चुके हैं।
जांच एजेंसियों ने करीब 11 ग्राम सोना, लगभग 375 ग्राम चांदी और 1121 अमेरिकी डॉलर भी बरामद किए हैं। इसके अलावा अयोध्या के एक योग केंद्र से 'रामराज्य कोष' लिखे पेटीएम क्यूआर कोड वाले दान बॉक्स को भी जब्त किया गया है। पुलिस का दावा है कि अविनाश शुक्ला पिछले लगभग दस वर्षों से इसी केंद्र में रह रहा था।
7 जून को सामने आया था मामला, जांच जारी
राम मंदिर दान में कथित गबन का मामला 7 जून को सामने आया था। इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) ने प्रारंभिक जांच की। एसआईटी की रिपोर्ट के आधार पर 25 जून को एफआईआर दर्ज की गई।
पुलिस के अनुसार अब तक दान गिनती प्रक्रिया से जुड़े आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। मामले की जांच लगातार जारी है और पुलिस सभी वित्तीय लेनदेन, बरामदगी तथा संबंधित दस्तावेजों की जांच कर रही है। आने वाले दिनों में जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
साभार: मीडिया रिपोर्ट्स


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